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भारत को रिझाने में लगा चीन, वुहान जैसी एक और बैठक की तैयारी

Fri, 19 Apr 2019 06:00 PM IST
तिवारी अभिषेक वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: तिवारी अभिषेक Updated Fri, 19 Apr 2019 06:00 PM IST
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China is preparing to organize another summit to improve relations with India
चीन के विदेश मंत्री वांग यी (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

चीन का कहना है कि वह भारत के साथ अपने संबंधों को सुधारने के लिए वुहान की तरह इस साल एक और शिखर सम्मेलन आयोजित करने की तैयारी कर रहा है। चीन में अगले सप्ताह दूसरा बेल्ट एंड रोड फोरम (बीआरएफ) आयोजित किया जाएगा, जिसमें रूस और पाकिस्तान समेत कई देश के राष्ट्राध्यक्ष हिस्सा लेंगे। 

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भारत ने चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) पर अपनी संप्रभुता संबंधी चिंताओं का विरोध करने के लिए इस बैठक का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। बावजूद इसके चीन ने भारत के साथ अगले शिखर सम्मेलन की अपनी इच्छा जाहिर की है। पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग वुहान में मिले थे।
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25 से 27 अप्रैल तक आयोजित होने वाले बीआरएफ से पहले चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि भारत 60 अरब डालर वाली परियोजना सीपीईसी का विरोध करके कश्मीर विवाद पर बुनियादी स्थिति को कम नहीं कर सकता है। जब पत्रकारों ने विदेश मंत्री से यह पूछा कि क्या भारत के बीआरएफ के बहिष्कार के निर्णय ने पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग के बीच पिछले साल की अनौपचारिक शिखर बैठक से उत्पन्न हुई नई गति को कमजोर कर दिया है?
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इस सवाल के जवाब में वांग ने कहा,


दोनों नेताओं ने वुहान में एक बहुत ही सफल बैठक की। दोनों के बीच आपसी विश्वास स्थापित हुआ है और हम चीन-भारत संबंधों में सुधार और मजबूती के लिए योजना बना रहे हैं। वुहान के बाद हम दोनों देशों के बीच बीच सभी क्षेत्रों में प्रगति देख रहे हैं। हम भारत के साथ अगले शिखर सम्मेलन की भी तैयारी कर रहे हैं।


हालांकि, चीनी विदेश मंत्री ने दोनों देशों के बीच बैठक कब होगी इस बारे में जानकारी नहीं दी। वांग ने कहा, ‘हमारे बीच मतभेद होना स्वाभाविक है। भारत के अपने मसले हैं और मुझे याद है कि पीएम मोदी हमेशा यह कहते आए हैं कि हम अपने मतभेदों को विवाद में नहीं बदल सकते हैं। भारत अपने मतभेदों को अलग रखेगा और मैं मानता हूं कि इससे हमारे संबंधों पर भी कोई असर नहीं पड़ेगा।

बीआरएफ में शामिल होंगे 37 राष्ट्राध्यक्ष

वांग ने कहा कि 37 राष्ट्राध्यक्ष बीआरएफ में शामिल होने वाले हैं। 150 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों और 5000 प्रतिभागियों के करीब 90 अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने बीआरएफ में अपनी भागीदारी की पुष्टि की है। बैठक में हिस्सा लेने वाले देशों में पाकिस्तान और नेपाल के नेता शामिल हैं। भारत ने पहले ही बीआरएफ का बहिष्कार करने का संकेत दिया है जैसे कि उसने 2017 में भी सीपीईसी पर अपनी आपत्तियों को उजागर करने के लिए किया था।

चीन ने उत्तर कोरिया को भेजा निमंत्रण

बीआरएफ में शामिल होने के लिए चीन ने उत्तर कोरिया को भी निमंत्रण भेजा है। चीन के इस निमंत्रण को उत्तर कोरिया ने स्वीकार कर लिया है। यूरोप और अमेरिका ने अरबों डालर की चीन की इस परियोजना का विरोध किया है। अमेरिका का कहना है कि चीन की इस परियोजना का मकसद एशिया देशों के अलावा यूरोप और अफ्रीका तक अपनी पहुंच को बढ़ाना है। इससे तमाम देश चीन के कर्ज के जाल में फंसते चले जाएंगे।


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