चीन सरकार की टेढ़ी नजर अब ऑनलाइन बीमा और फिनटेक कंपनियों पर
सीबीआईआरसी ने कंपनियों को भेजे अपने नोटिस में कहा है- हाल के वर्षों में ऑनलाइन बीमा कंपनियां तेज रफ्तार मार्ग पर चल निकली हैं। लेकिन उसके साथ ही नियमों का उल्लंघन खुल्लमखुल्ला ढंग से होने लगा है। कई कंपनियां गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल हैं। उन्होंने अनधिकृत प्लेटफॉर्म बना लिए हैं...
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चीन सरकार ने बड़ी कंपनियों के खिलाफ अपनी कार्रवाई का दायरा और बढ़ा दिया है। अब ऑनलाइन बीमा क्षेत्र भी इस दायरे में आ गया है। चीन सरकार ने ऐसी बीमा कंपनियों को आदेश दिया है कि वे अपनी अनुचित मार्केटिंग और प्रीमियम पर नियंत्रण लगाएं। साथ ही उनसे डाटा संरक्षण के उपायों को अधिक चुस्त बनाने को कहा गया है।
इसके पहले बड़ी टेक कंपनियों, शिक्षा क्षेत्र की प्राइवेट कंपनियों और मनोरंजन उपलब्ध कराने वाले टेक प्लेटफॉर्म्स पर चीन सरकार लगाम कस चुकी है। अपने एक ताजा आदेश में चाइना बैंकिंग एंड इंश्योरेंस रेगुलेटरी कमीशन (सीबीआईआरसी) ने अपनी इंटरनेट बीमा संशोधन योजना को सार्वजनिक किया है। आधिकारिक बयान के मुताबिक इसका मकसद यह है कि अक्तूबर 2021 के पहले ऑनलाइन बीमा कंपनियों को नियमों का उल्लंघन रोकने के लिए मजबूर किया जाए। आदेश में चेतावनी दी गई है कि जो कंपनियां बताए गए उपायों को लागू नहीं करेंगी, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सीबीआईआरसी ने कंपनियों को भेजे अपने नोटिस में कहा है- हाल के वर्षों में ऑनलाइन बीमा कंपनियां तेज रफ्तार मार्ग पर चल निकली हैं। लेकिन उसके साथ ही नियमों का उल्लंघन खुल्लमखुल्ला ढंग से होने लगा है। कई कंपनियां गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल हैं। उन्होंने अनधिकृत प्लेटफॉर्म बना लिए हैं। वे प्रीमियम बढ़ा कर ले रही हैं। साथ ही ग्राहकों से मिली सूचनाओं का दुरुपयोग कर रही हैं। इसके अलावा ये कंपनियां ग्राहकों को गुमराह कर अपनी पॉलिसी उन्हें बेच रही हैं। वे ग्राहकों को पर्याप्त ऑफलाइन सेवाएं भी मुहैया नहीं कराती हैं।
अब ऑनलाइन बीमा कंपनियों को अपने यहां 15 अगस्त तक एक कार्यदल बनाने का निर्देश दिया गया है। ये कार्यदल कंपनी की उन गतिविधियों की पहचान करेगा, जो कानून के खिलाफ हैं। सीबीआईआरसी ने कहा है कि इस प्रक्रिया से कंपनियों को आत्म-निरीक्षण करने और चीन के कानून के मुताबिक खुद को एडजस्ट करने का मौका मिलेगा। लेकिन जहां जरूरत होगी कंपनियों की जांच सीबीआईआरसी के अधिकारी करेंगे।
सीबीआईआरसी के मुताबिक चीन में 2020 के अंत तक 140 बीमा कंपनियां ऑनलाइन कारोबार कर रही थीं। ये कंपनियां हर साल चार करोड़ 60 लाख डॉलर की रकम प्रीमियम के रूप में वसूल रही हैं। यह चीन के कुल बीमा उद्योग का छह फीसदी हिस्सा है।
चीन सरकार ने इसी बुधवार को वित्तीय टेक्नोलॉजी (फिनटेक) से जुड़ी कंपनियों पर लगाम कसने की पहल की थी। इसके लिए उसने एक पंचवर्षीय योजना घोषित की है। सरकार ने इस दस सूत्रीय कार्यक्रम कहा है। इस योजना के तहत डिजिटल अर्थव्यवस्था, इंटरनेट फाइनेंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बिग डाटा और क्लाउड कंप्यूटिंग आदि जैसे क्षेत्र शामिल किए गए हैं। मकसद इन क्षेत्रों में एकाधिकार (मोनोपॉली) कायम होने से रोकना और विदेशी निवेश की निगरानी करना है।
चीन के कदमों से दुनियाभर के वित्तीय बाजारों में काफी हलचल है। इसकी वजह यह है कि बहुत से विदेशी निवेशकों ने भी चीनी कंपनियों में निवेश कर रखा है। अनुमान है कि हाल में शुरू हुई कार्रवाई के कारण शेयर बाजारों में चीन की कंपनियों को एक ट्रिलियन डॉलर से अधिक का नुकसान हो चुका है। ब्रिटिश पत्रिका द इकोनॉमिस्ट ने अपने ताजा अंक की कवर स्टोरी में चेतावनी दी है कि चीन जिस रास्ते पर चल रहा है, उससे उसकी टेक इंडस्ट्री अपनी धार खो सकती है।