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चीन ने सुरक्षा परिषद में कश्मीर मुद्दा उठाने का किया बचाव, कहा- हमारा इरादा नेक 

Fri, 17 Jan 2020 10:22 PM IST
अमित मंडल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: अमित मंडल Updated Fri, 17 Jan 2020 10:22 PM IST
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china defends raising kashmir issue in unsc
भारत-चीन
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कश्मीर मुद्दा उठाने के मसले पर चीन ने शुक्रवार को सफाई पेश की। चीन ने कहा कि इसका उद्देश्य भारत-पाक तनाव को कम करना है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा, चीन की स्थिति स्पष्ट है। यह मुद्दा इतिहास से जुड़ा एक विवाद है और इसे संयुक्त राष्ट्र चार्टर, यूएनएससी के प्रस्तावों व द्विपक्षीय संधियों और शांतिपूर्ण तरीके से ही हल किया जाना चाहिए।
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चीन ने कहा कि उसके प्रयास का मकसद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव कम करना है और इसके पीछे उसका नेक इरादा है। चीन ने यह दावा भी किया है कि परिषद में ज्यादातर सदस्यों ने घाटी की स्थिति पर अपनी चिंता जताई है।
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चीन की इस टिप्पणी से एक दिन पहले भारत ने कहा था कि पाकिस्तान की तरफ से सुरक्षा परिषद में कश्मीर का मुद्दा उठाने का चीन का प्रयास विफल हो गया है। सुरक्षा परिषद ने भारी बहुमत के साथ राय व्यक्त की कि भारत और पाकिस्तान के द्विपक्षीय मुद्दे पर चर्चा के लिए यह सही मंच नहीं है।
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पाकिस्तान के सदाबहार साथी चीन ने बुधवार को एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के परामर्श कक्ष में बंद बैठक के दौरान अन्य मामलों के तहत कश्मीर का मुद्दा उठाया।

इस बारे में पूछने पर चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा कि चीन की स्थिति एकरूप और स्पष्ट है। यह मुद्दा इतिहास से जुड़ा एक विवाद है और इसे संयुक्त राष्ट्र के चार्टर, यूएनएससी के प्रस्तावों और द्विपक्षीय संधियों के आधार पर, और शांतिपूर्ण तरीके से हल करना चाहिए। 

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के अनुरोध पर सुरक्षा परिषद ने 15 जनवरी को कश्मीर की स्थिति की समीक्षा की। सुरक्षा परिषद के सदस्य मौजूदा हालात को लेकर चिंतित हैं और उन्होंने संबंधित पक्षों से आह्वान किया है कि वे चार्टर को देखें और संयम बरतने के साथ राजनीतिक संवाद के जरिए विवादों का शांतिपूर्वक समाधान करें। 


यह पूछने पर कि सिर्फ चीन इस तरह के दावे क्यों कर रहा है, जबकि परिषद के किसी अन्य सदस्य ने इस बारे में नहीं बोला है, गेंग ने कहा कि दरअसल, यूएनएससी ने 15 जनवरी को कश्मीर मुद्दे की समीक्षा की और कोई बयान नहीं दिया। लेकिन, चीन ने समीक्षा बैठक में एक स्थायी सदस्य के रूप में भाग लिया और जो मैंने कहा वह समीक्षा के अनुरूप है। फिर भी अगर आपको लगता है कि यह सच नहीं है तो आप अन्य सू्त्रों को देख सकते हैं। 
 
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