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Hindi News ›   World ›   China continues to occupy the territories of its other neighbours including Bhutan

रिपोर्ट में दावा: भूटान समेत अन्य पड़ोसियों के क्षेत्र हड़प रहा है चीन, कर रहा है विवादित क्षेत्र में गांवों का निर्माण

Sun, 12 Dec 2021 01:51 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, बीजिंग।
एजेंसी, बीजिंग। Published by: Jeet Kumar Updated Sun, 12 Dec 2021 01:51 AM IST
सार

खासकर अरुणाचल प्रदेश से लगी सीमाओं पर ऐसे गांव ज्यादा बसाए जा रहे हैं। फॉरेन पॉलिसी रिपोर्ट के अनुसार टीएआर में भी चीन नियमित रूप से नए गांव बसा रहा है।

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China continues to occupy the territories of its other neighbours including Bhutan
सांकेतिक तस्वीर.... - फोटो : Social media

विस्तार

डोकलाम में 2017 की तनातनी के बाद चीन ने भूटान समेत अपने अन्य पड़ोसियों के क्षेत्रों पर कब्जा जमाना जारी रखा है। ऐसा वह भविष्य में सैन्य बढ़त लेने के लिए कर रहा है। फॉरेन पॉलिसी की एक रिपोर्ट में ये दावा किया गया है।

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रिपोर्ट के अनुसार 2017 के बाद से ही राष्ट्रपति शी जिनपिंग अपनी सीमा और उसके बाहर भी चीन का विस्तार करने को लेकर मुखर रहे हैं। चीन का ध्यान तिब्बत और भूटान की सीमाओं पर केंद्रित है ताकि दक्षिण एशिया में भारत की बढ़त को थामा जा सके।
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खासकर तिब्बत की सीमा से लगे इलाकों पर स्वतंत्र सैटेलाइट तस्वीरें ये साबित करती है कि चीन चालाकी से भारत और भूटान से लगी सीमाओं पर विवादित क्षेत्र में गांवों का निर्माण कर रहा है ताकि भविष्य में इनपर अपना दावा पुख्ता कर सके।
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हाल ही में चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के सचिव वू यिंगजी ने ऐसे ही एक गांव ग्यालफुग का दौरा किया जिसके बारे में कहा जा रहा है कि ये भूटान की अंतरराष्ट्रीय सीमा के अंदर बसाया गया है। ये गांव 1980 से किए जा रहे चीन के दावे वाले 232 वर्ग मील क्षेत्र में बसाया गया है जबकि अंतरराष्ट्रीय रूप से ये उत्तरी भूटान के हुंसे जिले का अंग है।

चीन 1990 के दशक से भूटान को ये प्रस्ताव दे रहा है कि यदि भूटान अपने हिस्से वाले डोकलाम, चारितांग, सिनचुलंग्पा, ड्रामना, शाखतो और साकतेंग क्षेत्रों के 269 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र चीन को दे देता है तो चीन 495 वर्ग किलोमीटर के अपने दावे वाले क्षेत्र पर दावा करना बंद कर देगा और भूटान को भारी वित्तीय मदद भी देगा। हालांकि भूटान ने इस पैकेज डील को ठुकररा दिया। 

लोकतंत्र सम्मेलन पर बोला चीन, हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहा अमेरिका
चीन ने शनिवार को अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह लोकतंत्र का इस्तेमाल मतभेद बढ़ाने और देशों को एक-दूसरे से लड़ाने के ‘सामूहिक विनाश’ के हथियार के रूप में कर रहा है। उसने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन द्वारा आयोजित लोकतंत्र शिखर सम्मेलन की आलोचना करते हुए ये बात कही।


चीन का दावा है कि इस सम्मेलन का आयोजन चीन को अलग-थलग करने के उद्देश्य से किया गया है। ऑनलाइन तरीके से आयोजित इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत दुनिया के 100 से अधिक देशों के नेताओं ने हिस्सा लिया। शुक्रवार को समाप्त हुए इस सम्मेलन में विश्व नेताओं ने चुनावों की पवित्रता और मानवाधिकारों की रक्षा करने तथा भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया।

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