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China: चीन ने पकड़ा ब्रिटिश खुफिया एजेंसी MI6 का जासूस, एक बड़ी कंपनी के प्रमुख के तौर पर कर रहा था काम
Tue, 09 Jan 2024 08:56 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
Published by: नितिन गौतम
Updated Tue, 09 Jan 2024 08:56 AM IST
सार
चीन की नागरिक जासूसी एजेंसी मिनिस्ट्री ऑफ स्टेट सिक्योरिटी (एमएसएस) ने बयान जारी कर बताया कि उन्होंने एक व्यक्ति को पकड़ा है, जो ब्रिटेन की खुफिया एजेंसी MI6 के लिए काम कर रहा था।
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चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ब्रिटिश पीएम ऋषि सुनक
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
चीन ने एक विदेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है, जो एक बड़ी कंसल्टेंसी फर्म का प्रमुख है। आरोप है कि यह नागरिक ब्रिटेन के लिए जासूसी कर रहा था। चीन की नागरिक जासूसी एजेंसी मिनिस्ट्री ऑफ स्टेट सिक्योरिटी (एमएसएस) ने बयान जारी कर बताया कि उन्होंने एक व्यक्ति को पकड़ा है, जो ब्रिटेन की खुफिया एजेंसी MI6 के लिए काम कर रहा था। चीन ने आरोपी का उपनाम हुआंग बताया है, लेकिन उससे संबंधित अन्य जानकारियों का खुलासा नहीं किया गया है।
ब्रिटेन भेज चुका कई अहम जानकारियां
एमएसएस ने बताया कि हुआंग ने साल 2015 में MI6 के साथ काम करना शुरू किया था। एमआई6 ने ही हुआंग को चीन जाने का निर्देश दिया था और हुआंग खुफिया जानकारी इकट्ठा करने के लिए कई बार चीन की यात्रा कर चुका है। एमआई6 ने ही हुआंग को ट्रेनिंग और आधुनिक जासूसी उपकरण मुहैया कराए थे ताकि MI6 कथित जासूस से कम्युनिकेशन स्थापित कर सके। एमएसएस का कहना है कि हुआंग कई अहम जानकारियां एमआई6 को भेज चुका है।
विदेशी फर्मों के खिलाफ कार्रवाई कर रही चीन की सरकार
बयान में कहा गया है कि हुआंग को कानून के मुताबिक काउंसुलर एक्सेस दे दिया गया है। ब्रिटेन की तरफ से अभी तक इसे लेकर कोई बयान नहीं दिया गया है। चीन द्वारा बीते कुछ महीनों से विदेशी कंसल्टेंसी फर्मों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। बीते साल मई में भी चीन की स्टेट सिक्योरिटी ने कहा था कि कैपविजन के कई कार्यालयों में छापेमारी की गई। कैपविजन एक एडवाइजरी नेटवर्क है, जिसके मुख्यालय शंघाई और न्यूयॉर्क में हैं। साथ ही अमेरिकी कंपनी मिंट्ज ग्रुप का भी बीजिंग ऑफिस को बंद कर दिया गया था और उसके कर्मचारियों से पूछताछ भी की गई थी।
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चीन ने सुरक्षा की दृष्टि से विदेशी कंपनियों के लिए कुछ नई शर्तें भी लागू की हैं, जिनका पालन करना जरूरी कर दिया गया है। चीन की नागरिक खुफिया एजेंसी (एमएसएस) ने हाल ही में अपनी गतिविधियों में विस्तार किया है और अब यह चीन के सोशल मीडिया पर भी सक्रिय है।
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ब्रिटेन भेज चुका कई अहम जानकारियां
एमएसएस ने बताया कि हुआंग ने साल 2015 में MI6 के साथ काम करना शुरू किया था। एमआई6 ने ही हुआंग को चीन जाने का निर्देश दिया था और हुआंग खुफिया जानकारी इकट्ठा करने के लिए कई बार चीन की यात्रा कर चुका है। एमआई6 ने ही हुआंग को ट्रेनिंग और आधुनिक जासूसी उपकरण मुहैया कराए थे ताकि MI6 कथित जासूस से कम्युनिकेशन स्थापित कर सके। एमएसएस का कहना है कि हुआंग कई अहम जानकारियां एमआई6 को भेज चुका है।
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विदेशी फर्मों के खिलाफ कार्रवाई कर रही चीन की सरकार
बयान में कहा गया है कि हुआंग को कानून के मुताबिक काउंसुलर एक्सेस दे दिया गया है। ब्रिटेन की तरफ से अभी तक इसे लेकर कोई बयान नहीं दिया गया है। चीन द्वारा बीते कुछ महीनों से विदेशी कंसल्टेंसी फर्मों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। बीते साल मई में भी चीन की स्टेट सिक्योरिटी ने कहा था कि कैपविजन के कई कार्यालयों में छापेमारी की गई। कैपविजन एक एडवाइजरी नेटवर्क है, जिसके मुख्यालय शंघाई और न्यूयॉर्क में हैं। साथ ही अमेरिकी कंपनी मिंट्ज ग्रुप का भी बीजिंग ऑफिस को बंद कर दिया गया था और उसके कर्मचारियों से पूछताछ भी की गई थी।
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चीन ने सुरक्षा की दृष्टि से विदेशी कंपनियों के लिए कुछ नई शर्तें भी लागू की हैं, जिनका पालन करना जरूरी कर दिया गया है। चीन की नागरिक खुफिया एजेंसी (एमएसएस) ने हाल ही में अपनी गतिविधियों में विस्तार किया है और अब यह चीन के सोशल मीडिया पर भी सक्रिय है।