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US: 'चीन से अकेले नहीं लड़ा जा सकता', भारत से बिगड़ते रिश्तों पर पूर्व अमेरिकी अधिकारी ने जताई चिंता

Wed, 03 Sep 2025 06:27 AM IST
बशु जैन वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: बशु जैन Updated Wed, 03 Sep 2025 06:27 AM IST
सार

पूर्व विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ की वरिष्ठ सलाहकार रहीं किसेल ने दोनों देशों के बीच आर्थिक तनाव के बीच मजबूत भारत-अमेरिका साझेदारी की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अगर हम चीन को अमेरिका और अपनी जीवनशैली के लिए सबसे बड़ा खतरा मानने के बारे में वाकई गंभीर हैं, तो हमें भारत की जरूरत है।

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China cannot be fought alone, former US official expressed concern over deteriorating relations with India
पूर्व अमेरिकी अधिकारी मैरी किसेल। - फोटो : ANI

विस्तार

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टैरिफ को लेकर भारत से बिगड़ते रिश्तों पर पूर्व अमेरिकी अधिकारी ने चिंता जाहिर की है। पूर्व अमेरिकी सलाहकार मैरी किसेल ने कहा कि अमेरिका हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव का अकेले मुकाबला नहीं कर सकता। उन्होंने अमेरिका के साथ साझेदारी में भारत की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव का मुकाबला करने के लिए अमेरिका को भारत के समर्थन की जरूरत है।

एक साक्षात्कार के दौरान पूर्व विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ की वरिष्ठ सलाहकार रहीं किसेल ने दोनों देशों के बीच आर्थिक तनाव के बीच मजबूत भारत-अमेरिका साझेदारी की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अगर हम चीन को अमेरिका और अपनी जीवनशैली के लिए सबसे बड़ा खतरा मानने के बारे में वाकई गंभीर हैं, तो हमें भारत की जरूरत है। यह एक सच्चाई है। हम एशिया-प्रशांत क्षेत्र में उनसे अकेले नहीं लड़ सकते।

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किसेल ने बताया कि एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान भारत की भागीदारी चीन की मुखरता से निपटने में ट्रंप प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती पेश कर सकती है। हमें न सिर्फ ऑस्ट्रेलिया, न सिर्फ जापान में अपने दोस्तों, बल्कि भारत के भी सहयोग की जरूरत है। मुझे लगता है कि यह बैठक ट्रंप प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती को उजागर कर रही है।

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एससीओ में मोदी-जिनपिंग की हुई थी मुलाकात
हाल ही में चीन के तियानजिन में 25वें शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के राष्ट्राध्यक्ष परिषद शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक की थी। पीएम मोदी और शी जिनपिंग ने अपनी द्विपक्षीय बैठक के दौरान वैश्विक व्यापार को स्थिर करने में भारत और चीन की अर्थव्यवस्थाओं की भूमिका को मान्यता दी। पुतिन के साथ अपनी मुलाकात के दौरान, पीएम मोदी ने भारत और रूस के बीच मजबूत संबंधों पर जोर दिया। इसमें कहा गया कि दोनों देश हमेशा कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे हैं, यहां तक कि सबसे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी।

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