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चीन-पाकिस्तान: दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच वार्ता, कुरैशी ने उठाया कश्मीर मुद्दा

Sun, 25 Jul 2021 02:34 AM IST
देव कश्यप पीटीआई, बीजिंग
पीटीआई, बीजिंग Published by: देव कश्यप Updated Sun, 25 Jul 2021 02:34 AM IST
सार

  • पाकिस्तान ने फिर अलापा कश्मीर राग, चीनी विदेश मंत्री के साथ बातचीत में उठाया मुद्दा
  • पाकिस्तान के विदेश मंत्री कुरैशी ने दोहराया की कश्मीर विवाद का हल संयुक्त राष्ट्र के नियमों, सुरक्षा परिषद के संबंधित प्रस्तावों और द्विपक्षीय समझौतों के जरिए होना चाहिए

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China and Pakistan Foreign ministers hold talks Qureshi raises Kashmir issue
पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी और चीन के विदेश मंत्री वांग यी  - फोटो : Twitter@SMQureshiPTI

विस्तार

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी और चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने शनिवार को दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने का संकल्प लिया। साथ ही पाकिस्तान में चीन के नौ इंजीनियरों की आतकंवादी हमले में मौत की घटना की संयुक्त जांच कराने और कश्मीर समेत कई मुद्दों पर चर्चा की।

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शाह महमूद कुरैशी चीन के विदेश मंत्री वांग यी के निमंत्रण पर दो दिवसीय दौरे पर शुक्रवार (23 जुलाई) को चीन पहुंचे थे। शनिवार को दोनों नेताओं के बीच बातचीत हुई।
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वार्ता के अंत में जारी संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि दोनों पक्षों ने यह तय किया कि शांतिपूर्ण, स्थिर, सहयोगी एवं समृद्ध दक्षिण एशिया सभी देशों के साझा हित में है।
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कुरैशी के प्रतिनिधिमंडल में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल फैज हामिद भी शामिल थे, जिन्होंने दक्षिण-पश्चिमी चीनी शहर चेंगदू में वांग के साथ हुई वार्ता में कश्मीर मुद्दा भी उठाया।

कुरैशी ने एक ट्वीट कर बताया, ‘शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध दक्षिण एशिया के लिए समान दृष्टिकोण साझा किया और कश्मीर के प्रति चीन के दृढ़ समर्थन की सराहना की। यह दोहराया की कश्मीर विवाद का हल संयुक्त राष्ट्र के नियमों, सुरक्षा परिषद के संबंधित प्रस्तावों और द्विपक्षीय समझौतों के जरिए होना चाहिए।’

संयुक्त बयान में कहा गया है कि दोनों पक्ष समानता और आपसी सम्मान के आधार पर बातचीत के जरिए क्षेत्र में विवादों और मुद्दों को सुलझाने की जरूरत पर सहमत हुए। इसमें कहा गया है कि पाकिस्तानी पक्ष ने चीनी पक्ष को जम्मू-कश्मीर में बिगड़ते हालात के बारे में जानकारी दी, जिसमें उसकी चिंताएं, स्थिति और मौजूदा जरूरी मुद्दे शामिल हैं।

पाकिस्तान के विदेश कार्यालय द्वारा जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि 'चीनी पक्ष ने दोहराया कि कश्मीर मुद्दा भारत और पाकिस्तान के बीच इतिहास से बना हुआ विवाद है, जो एक वस्तुनिष्ठ तथ्य है, और यह कि विवाद को संयुक्त राष्ट्र के नियमों, सुरक्षा परिषद के संबंधित प्रस्तावों और द्विपक्षीय समझौतों के माध्यम से शांतिपूर्वक और उचित रूप से हल किया जाना चाहिए। चीन स्थिति को जटिल बनाने वाली किसी भी एकतरफा कार्रवाई का विरोध करता है।'

बयान में कहा गया है कि वांग और कुरैशी ने बातचीत के दौरान द्विपक्षीय रणनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा सहयोग, कोविड-19 महामारी, अफगानिस्तान में शांति और सुलह और पारस्परिक हित के अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर विचारों पर आदान-प्रदान किया। साथ ही सामूहिक रूप से अपने सामान्य हितों की रक्षा, शांति को बढ़ावा देने के उपाय, क्षेत्र में समृद्धि और विकास के लिए आम सहमति बनाई। 

गौरतलब है कि भारत हमेशा से कहता आया है कि जम्मू और कश्मीर 'हमेशा के लिए था, है और हमेशा रहेगा' यह देश का अभिन्न अंग बना रहेगा।केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर भारत का एक अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है और हम उम्मीद करते हैं कि संबंधित पक्ष भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेंगे। ये बात भारतीय विदेश मंत्रालय ने तब था जब पिछले साल अगस्त में अपनी रणनीतिक बातचीत के दौरान चीन और पाकिस्तान ने कश्मीर मुद्दे का उल्लेख किया था। 

खैबर पख्तूनख्वा की घटना से दोनों देशों के संबंधों में पैदा हुई थी कड़वाहट
बता दें कि, कुरैशी की ये चीन यात्रा ऐसे समय पर हो हुई जब, पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में 14 जुलाई को एक रहस्यमयी सड़क दुर्घटना में नौ चीनी मजदूरों समेत 13 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना ने हर अच्छे-बुरे वक्त में सहयोगी रहे दोनों देशों के बीच के संबंधों में कड़वाहट पैदा कर दी थी। यह घटना खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के ऊपरी कोहिस्तान जिले में हुई थी जहां चीन की एक कंपनी सिंधु नदी पर 4320 मेगावॉट का बांध बना रही है। यह दुर्घटना उस समय हुई जब चीनी और स्थानीय श्रमिकों को बांध निर्माण स्थल पर ले जा रही एक बस खड्ड में गिर गई।


पाकिस्तान और चीन के बीच इस घटना के कारणों को लेकर मतभेद सामने आए थे। शुरुआत में कहा गया था कि बस के गिरने से पहले एक विस्फोट हुआ था। बाद में, पाकिस्तान ने औपचारिक तौर पर कहा था कि बस किसी तकनीकी गड़बड़ी के कारण गिरी और गैस रिसाव के कारण बाद में विस्फोट हुआ। चीन के अधिकारी इसे लगातार विस्फोट बताते रहे और मामले की जांच के लिए 15 सदस्यों की विशेषज्ञ टीम को भी भेजा था।गृह मंत्री शेख रशीद ने इस हफ्ते कहा था कि पाकिस्तान ने जांच पूरी कर ली है और चीन इससे संतुष्ट है, लेकिन उन्होंने बस दुर्घटना के कारण साझा नहीं किए।

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