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म्यांमार से और रोहिंग्या शरणार्थियों को नहीं दे सकते पनाह : बांग्लादेश
Sat, 02 Mar 2019 05:08 AM IST
Avdhesh Kumar
एजेंसी, संयुक्त राष्ट्र
एजेंसी, संयुक्त राष्ट्र
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Sat, 02 Mar 2019 05:08 AM IST
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रोहिंग्या शरणार्थी
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बांग्लादेश ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से कहा है कि अब वह म्यांमार से और रोहिंग्या शरणार्थियों को पनाह नहीं दे सकता है। बांग्लादेश के विदेश मंत्री शाहिदुल हक ने सुरक्षा परिषद की बैठक में कहा कि लाखों रोहिंग्या लोगों की स्वदेश वापसी का संकट बदतर स्थिति में पहुंच गया है।
बांग्लादेशी विदेश मंत्री ने बृहस्पतिवार को कहा कि मुझे सुरक्षा परिषद को यह बताते हुए दुख है कि बांग्लादेश अब म्यांमार से आने वाले और रोहिंग्या मुस्लिमों को पनाह देने की स्थिति में नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या बांग्लादेश पड़ोसी देश की उत्पीड़ित अल्पसंख्यक आबादी के प्रति हमदर्दी दिखाने की कीमत चुका रहा है। इसके साथ ही उन्होंने सुरक्षा परिषद से निर्णायक कदम उठाने की अपील की।
बता दें कि 2017 में रखाइन में सैन्य अभियान के बाद लगभग 7,40,000 रोहिंग्या मुसलमानों ने बांग्लादेश में शरण ली थी। संयुक्त राष्ट्र ने इसे जातीय सफाया बताया था। इसके बाद बांग्लादेश से एक समझौते के अंतर्गत म्यांमार कुछ शरणार्थियों को वापस लेने को राजी हुआ था लेकिन संयुक्त राष्ट्र ने जोर दिया कि रोहिंग्या समुदाय के लोगों की सुरक्षा उनकी वापसी की शर्त होगी।
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बांग्लादेशी विदेश मंत्री ने बृहस्पतिवार को कहा कि मुझे सुरक्षा परिषद को यह बताते हुए दुख है कि बांग्लादेश अब म्यांमार से आने वाले और रोहिंग्या मुस्लिमों को पनाह देने की स्थिति में नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या बांग्लादेश पड़ोसी देश की उत्पीड़ित अल्पसंख्यक आबादी के प्रति हमदर्दी दिखाने की कीमत चुका रहा है। इसके साथ ही उन्होंने सुरक्षा परिषद से निर्णायक कदम उठाने की अपील की।
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बता दें कि 2017 में रखाइन में सैन्य अभियान के बाद लगभग 7,40,000 रोहिंग्या मुसलमानों ने बांग्लादेश में शरण ली थी। संयुक्त राष्ट्र ने इसे जातीय सफाया बताया था। इसके बाद बांग्लादेश से एक समझौते के अंतर्गत म्यांमार कुछ शरणार्थियों को वापस लेने को राजी हुआ था लेकिन संयुक्त राष्ट्र ने जोर दिया कि रोहिंग्या समुदाय के लोगों की सुरक्षा उनकी वापसी की शर्त होगी।
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