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'मालदीव में श्रीलंकाई मुस्लिमों को दफनाने का एलान गलत'
Fri, 18 Dec 2020 12:51 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, कोलंबो/माले।
एजेंसी, कोलंबो/माले।
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 18 Dec 2020 12:51 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पीटीआई
श्रीलंका सरकार ने हाल ही में कोविड-19 से मरने वाले 19 मुस्लिमों को परिजनों द्वारा नहीं ले जाने पर उनका दाह संस्कार करने का आदेश लागू किया। इस पर मालदीव ने कहा है कि वह श्रीलंका के मुस्लिमों को शव अपने यहां दफनाने को तैयार है।
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मालदीव के इस बयान की संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रतिनिधि अहमद शाहीद ने कहा है कि इस तरह की पहल से श्रीलंकाई मुस्लिम अलग-थलग पड़ जाएंगे।
बता दें कि इस्लाम में शवों को जलाने के बजाय दफनाकर अंतिम संस्कार किया जाता है। इसलिए मामले में सुन्नी बहुल देश मालदीव कूद पड़ा। मालदीव के विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद ने एलान किया कि उनकी सरकार ने श्रीलंका से इन शवों को देने की अपील की है।
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हालांकि श्रीलंका में राष्ट्रपति के प्रवक्ता ने कैबिनेट में ऐसे किसी मामले की चर्चा न होने की बात कही है। इस पर संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञों ने अलजजीरा को दिए बयान में चिंता जताई क्योंकि यह एलान मुस्लिम समुदाय की सहमति से नहीं किया गया है। इससे श्रीलंकाई मुस्लिम हाशिए पर आ जाएंगे।
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यूएन में मानवाधिकार प्रतिनिधि अहमद शाहीद ने कहा, विश्व स्वास्थ्य संगठन की गाइडलाइन कोविड-19 से मौत के मामले में दफनाने और जलाने दोनों तरीके से अंतिम संस्कार की अनुमति देती है।