फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   British Sikh group attacks britain faith review warning of Khalistani extremism

UK: खालिस्तान के खतरे के जिक्र वाली ब्रिटिश सरकार की रिपोर्ट पर सिख समुदाय ने जताई आपत्ति, कही बड़ी बात

Wed, 19 Jul 2023 10:55 PM IST
Jeet Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन Published by: Jeet Kumar Updated Wed, 19 Jul 2023 10:55 PM IST
सार

ब्रिटिश सरकार ने कुछ खालिस्तान समर्थकों की करतूत के खिलाफ चेतावनी दी थी, साथ ही रिपोर्ट जारी कर बताया था कि यह सुनिश्चित करने को कहा ऐसे समूह ब्रिटेन की संसद तक न पहुंच सकें। लेकिन अब इस समीक्षा पर एक ब्रिटिश सिख समूह ने आपत्ति जताई है।

विज्ञापन
British Sikh group attacks britain faith review warning of Khalistani extremism
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI

विस्तार

भारत के बाहर ब्रिटेन, अमेरिका और कनाडा जैसे देशों में खालिस्तान समर्थकों की करतूत किसी से छुपी नहीं है। खालिस्तान समर्थक भारतीय उच्चायोगों पर हमलों से लेकर तिरंगे का अपमान कर रहे हैं। जिसको लेकर कुछ महीने पहले ब्रिटिश सरकार के एक प्रमुख स्वतंत्र समीक्षा आयोग ने कुछ खालिस्तान समर्थक कार्यकर्ताओं की विध्वंसक, आक्रामक और सांप्रदायिक कार्रवाई के खिलाफ चेतावनी दी थी, साथ ही रिपोर्ट जारी कर बताया था कि यह सुनिश्चित करने को कहा ऐसे समूह ब्रिटेन की संसद तक न पहुंच सकें। लेकिन अब इस समीक्षा पर एक ब्रिटिश सिख समूह ने आपत्ति जताई है।

विज्ञापन


एक ब्रिटिश सिख समूह ने बुधवार को रिपोर्ट जारी कर बताया कि अप्रैल में जारी की गई ‘इंडिपेंडेंट फेथ एंगेजमेंट एडवाइजर’ कोलिन ब्लूम की ‘डज गवर्नमेंट ‘डू गॉड’?: एन इंडिपेंडेंट रिव्यू इन टू हाउ गवर्नमेंट एंगेजेज विद फेथ’ शीर्षक वाली समीक्षा रिपोर्ट जो सरकार के डिपार्टमेंट फॉर लेवलिंग अप, हाउसिंग एंड कम्युनिटीज को सौंपी गई वह स्वतंत्र और निष्पक्ष नहीं थी
विज्ञापन


प्रोफेसर सतविंदर सिंह जस की अध्यक्षता वाली काउंसिल ऑफ सिख्स इन लॉ कमेटी ने आरोप लगाया कि ब्लूम रिव्यू ने सिख समुदाय और ब्रिटिश सरकार के बीच अब तक के उत्कृष्ट संबंधों को नुकसान पहुंचाया है और अगर ब्रिटिश सरकार ने इसे खारिज नहीं किया तो संबंधों में खटास जारी रहेगी। वहीं नेटवर्क ऑफ सिख ऑर्गेनाइजेशन (एनएसओ) के निदेशक लॉर्ड इंद्रजीत सिंह ने बुधवार को कॉलिन ब्लूम के रवैये पर भी सवाल उठाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


अप्रैल में जारी समीक्षा रिपोर्ट में कहा गया कि ब्रिटिश सिखों का एक छोटा, बेहद मुखर और आक्रामक अल्पसंख्यक समूह है, जिसे खालिस्तान समर्थक चरमपंथी के रूप में वर्णित किया जा सकता है, जो एक जातीय-राष्ट्रवादी एजेंडे को बढ़ावा दे रहा है। सरकार को यह पहचान करनी चाहिए कि ब्रिटिश सिख समुदाय के भीतर चरमपंथी गतिविधि कहां मौजूद है और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसी गतिविधियों को खत्म किया जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed