सावधान!: यह खबर पढ़कर कांप जाएगी आपकी रूह, शख्स ने दर्जनों कुत्तों को बनाया अपनी हवस का शिकार; इतना ही नहीं...
सुप्रीम कोर्ट में जब इस मामले की सुनवाई हो रही थी, तो न्यायाधीश ने लोगों को बाहर जाने के लिए कहा। ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि अपराधों का उल्लेख डरावना था। इससे किसी कमजोर दिल वाले को नुकसान पहुंच सकता था।
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ब्रिटेन से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे पढ़कर आपकी रूह कांप जाएगी। दरअसल, ब्रिटेन के एक मगरमच्छ विशेषज्ञ ने स्वीकार किया है कि उसने कुत्तों का दुष्कर्म किया। इतना ही नहीं, मानवता की सारी हदें पार करने वाले इस शख्स ने अपने कारनामों का ना केवल वीडियो बनाया, बल्कि उन्हें सोशल मीडिया पर पोस्ट भी किया।
बड़े-बड़े चैनलों के साथ कर चुका काम
ऐसा नहीं था कि यह कोई अनपढ़ व्यक्ति था। बीबीसी और नेशनल ज्योग्राफिक के साथ काम कर चुका एडम ब्रिटन एक प्रमुख प्राणीविज्ञानी है। उसने ऑस्ट्रेलिया की एक अदालत में अपना अपराध स्वीकार किया है। उसने बताया कि दर्जनों कुत्तों को तब तक प्रताड़ित किया, जब तक वे मर नहीं गए। उसने बताया कि यह सब कैमरे में भी कैद किया है।
इतना ही नहीं, ब्रिटन ने 60 आरोपों के बीच बाल शोषण सामग्री को ऑनलाइन एक्सेस करने की बात भी कबूल की है।
न्यायाधीश ने लोगों को बाहर जाने को कहा
स्थानीय मीडिया के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट में जब मामले की सुनवाई हो रही थी, तो न्यायाधीश ने लोगों को बाहर जाने के लिए कहा। ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि अपराधों का उल्लेख डरावना था। इससे किसी कमजोर दिल वाले को नुकसान पहुंच सकता था।
अभियोजकों ने कहा कि ब्रिटन की साल 2014 से जानवरों में रुचि थी। उसने अपने पालतू जानवरों के साथ-साथ उन कुत्तों का भी शोषण किया, जिन्हें मालिकों द्वारा छोड़ दिया गया था।
शिकार करने के लिए ऐसे ढूंढता था कुत्तों को
अदालत को अभियोजकों ने बताया कि एडम ऐसे लोगों की तलाश करता था, जो लोग काम में व्यस्त हो और अपने जानवरों को उसे दे दें। वह लोगों के सामने झूठी कहानी बताता था या पुराने मालिकों को उनके पालतू जानवरों पर अपडेट के लिए पहुंचने के लिए पुरानी तस्वीरें भेजता था।
टॉर्चर रूम
अदालत को बताया गया कि उसने एक रूम बनाया था, जिसमें रिकॉर्डिंग टूल से जोड़कर रखा था। इसी रूम में वह जानवरों के साथ दुर्व्यवहार करता था। अभियोजकों ने इस रूम को टॉर्चर रूम कहकर बुलाया।
पिछले साल किया था गिरफ्तार
बता दें, जूलॉजी में पीएचडी करने वाले और चार्ल्स डार्विन विश्वविद्यालय में अकादमिक पद पर काबिज एडम ब्रिटन को साल 2022 में उत्तरी क्षेत्र की पुलिस ने ऐसी ही एक घटना का वीडियो देखने के बाद उसे गिरफ्तार किया था। अपराधी को दिसंबर में सजा सुनाई जाएगी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि गिरफ्तारी से पहले, 18 महीनों में उसने 42 कुत्तों को प्रताड़ित किया, जिनमें से 39 की मौत हो चुकी है।