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कूटनीतिक तरीके से हल किए जाएंगे सीमा विवाद, एक इंच जमीन से भी समझौता नहीं: नेपाल
Sat, 11 Jan 2020 11:28 AM IST
Priyesh Mishra
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Priyesh Mishra
Updated Sat, 11 Jan 2020 11:28 AM IST
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नेपाल का झंडा
- फोटो : सोशल मीडिया
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नेपाल ने साफ कह दिया है कि भारत के साथ सीमा से जुड़े विवाद कूटनीतिक तरीके से हल किए जाएंगे और नेपाल अपनी एक इंच जमीन के साथ भी समझौता नहीं कर सकता है। नेपाली उप प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री ईश्वर पोखरेल ने पोखरा में यह बात कही और बताया कि इस समस्या का कारगर समाधान निकालने की कूटनीतिक कोशिशें हो रही हैं। पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति को देखते हुए भी नेपाल बेहद सतर्क है।
पोखरेल ने कहा कि इन इलाकों में काम करने वाले नेपाली लोगों की सुरक्षा को लेकर सरकार पूरी तरह गंभीर है और इसके लिए सैन्य मुख्यालय का संपर्क संयुक्त राष्ट्र और संबंधित सुरक्षा एजेंसियों से लगातार बना हुआ है। नेपाल इस बारे में हाई अलर्ट है। पोखरेल ने ये भी साफ कर दिया कि नेपाल किसी भी तरह के सैन्य समझौते और बाहरी देशों के साथ सैन्य तालमेल की कोशिशों का हिस्सा नहीं बनेगा।
ईश्वर पोखरेल ने कहा है कि अमेरिका की ओर से भेजा गया मिलेनियम चैलेंज कॉरपोरेशन समझौते का प्रस्ताव अभी नेपाली संसद में विचाराधीन है और इसपर हर नजरिये से विचार करने के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा, लेकिन यह तय है कि नेपाल अपने राष्ट्रीय हितों और नीतियों के साथ कोई समझौता नहीं करने वाला है।
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उप प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछली सरकार के दौरान इस तरह के समझौते का प्रस्ताव अमेरिका की ओर से आया था जिसके तहत नेपाल में ढांचागत विकास और पावर ट्रांसमिशन के विस्तार की बात कही गई है।
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पोखरेल ने कहा कि इन इलाकों में काम करने वाले नेपाली लोगों की सुरक्षा को लेकर सरकार पूरी तरह गंभीर है और इसके लिए सैन्य मुख्यालय का संपर्क संयुक्त राष्ट्र और संबंधित सुरक्षा एजेंसियों से लगातार बना हुआ है। नेपाल इस बारे में हाई अलर्ट है। पोखरेल ने ये भी साफ कर दिया कि नेपाल किसी भी तरह के सैन्य समझौते और बाहरी देशों के साथ सैन्य तालमेल की कोशिशों का हिस्सा नहीं बनेगा।
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ईश्वर पोखरेल ने कहा है कि अमेरिका की ओर से भेजा गया मिलेनियम चैलेंज कॉरपोरेशन समझौते का प्रस्ताव अभी नेपाली संसद में विचाराधीन है और इसपर हर नजरिये से विचार करने के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा, लेकिन यह तय है कि नेपाल अपने राष्ट्रीय हितों और नीतियों के साथ कोई समझौता नहीं करने वाला है।
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उप प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछली सरकार के दौरान इस तरह के समझौते का प्रस्ताव अमेरिका की ओर से आया था जिसके तहत नेपाल में ढांचागत विकास और पावर ट्रांसमिशन के विस्तार की बात कही गई है।