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Blinken China visit: एंटनी ब्लिंकेन की यात्रा से कितने सुधरेंगे अमेरिका और चीन के संबंध?

Thu, 15 Jun 2023 06:49 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग Published by: Harendra Chaudhary Updated Thu, 15 Jun 2023 06:49 PM IST
सार

ब्लिंकेन अगले रविवार और सोमवार को दो दिन की चीन यात्रा पर आएंगे। यात्रा की पुष्टि बुधवार को ब्लिंकेन और चीन के विदेश मंत्री चिन गांग के बीच फोन पर हुई बातचीत के बाद हुई...

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Blinken China visit: will US China relations improve with Antony Blinken visit?
वांग यी और एंटनी ब्लिंकेन - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन की चीन यात्रा के कार्यक्रम की पुष्टि होने के बाद अब इस बारे में अनुमान लगाया जा रहा है कि क्या बीजिंग में उनकी होने वाले वार्ताओं से दोनों देशों के रिश्तों में तनाव घटेगा? ब्लिंकेन अगले रविवार और सोमवार को दो दिन की चीन यात्रा पर आएंगे। यात्रा की पुष्टि बुधवार को ब्लिंकेन और चीन के विदेश मंत्री चिन गांग के बीच फोन पर हुई बातचीत के बाद हुई।

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कई विश्लेषकों ने ध्यान दिलाया है कि ब्लिंकेन और चिन की फोन वार्ता के बाद दोनों देशों की तरफ से अलग-अलग बयान जारी किए गए। इन बयानों से यह साफ हुआ कि आपसी रिश्तों के लेकर दोनों के समझ के बीच चौड़ी खाई है। अमेरिका की तरफ से इस बारे में एक संक्षिप्त बयान जारी किया गया। इसमें बताया गया कि फोन वार्ता में ब्लिंकेन का जोर संवाद के माध्यम बनाए रखने पर रहा। बातचीत का मकसद यह था कि दोनों देश आपसी संबंध को जिम्मेदारी से संभालें, गलतफहमी के कारण किसी हादसे से बचें और टकराव को टालने की कोशिश करें।

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लेकिन चीन के बयान में अमेरिका पर कुछ गंभीर आरोप लगाए गए। इसमें कहा गया कि इस वर्ष के आरंभ से दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है और संकेत की भाषा में कहा गया कि इसकी पूरी जिम्मेदारी अमेरिका पर है। अमेरिकी बयान में ताइवान मसले का उल्लेख नहीं है, लेकिन चीन के बयान में कहा गया कि ताइवान चीन की नजर में एक मुख्य मुद्दा है, जिस पर उसके रुख का अमेरिका को सम्मान करना चाहिए। चीनी बयान में इस बात का भी उल्लेख है कि चिन ने ब्लिंकेन से कहा कि अमेरिका को चीन के अंदरूनी मामलों में दखल देने से बाज आना चाहिए।

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इसके बावजूद कुछ विश्लेषकों कहना है कि ब्लिंकेन की यात्रा से तनाव और बढ़ने पर रोक लगेगी। थिंक टैंक यूरेशिया ग्रुप के विश्लेषकों क्लायटन एलन और अना एश्टॉन ने कहा है कि ब्लिंकेन की यात्रा से दोनों देशों के संबंध में आ रही गिरावट को रोका जा सकेगा।

दोनों विदेश मंत्रियों की फोन वार्ता के बाद व्हाइट हाउस के नेशनल सिक्युरिटी को-ऑर्डिनेटर कुर्ट कैंपबेल ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच कई स्तरों पर हुई ठोस, लाभदायक और स्पष्ट वार्ता के बाद ब्लिंकेन की यात्रा का कार्यक्रम बना है। उन्होंने कहा- ‘दोनों देशों ने आपसी वार्ताओं के बीच संकेत दिया कि संवाद के माध्यम बनाए रखने में उनका साझा हित है। हमें गलतफहमियों के कारण संभावित खतरों को घटाने के लिए हर संभव कदम उठाने होंगे।’

चीन और अमेरिका के संबंध पिछले फरवरी में बेहद तनावपूर्ण हो गए थे, जब अमेरिका के आसमान में चीनी गुब्बारे देखे जाने की घटना हुई थी। उसको ही लेकर ब्लिंकेन ने अपनी तब तय चीन यात्रा रद्द कर दी थी। उसके बाद दोनों देशों में संवाद पिछले महीने कायम हुआ, जब अमेरिका के मुख्य सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन और चीन के कूटनीति प्रमुख वांग यी के बीच एक यूरोपीय राजधानी में मुलाकात हुई। समझा जाता है कि अगर ब्लिंकेन की बीजिंग यात्रा में बात आगे बढ़ी, तो इस वर्ष के अंत तक अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच शिखर वार्ता हो सकती है।

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