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अमेरिकी संसद में चीनी मुस्लिमों पर बिल मंजूर, चीन ने आपत्ति जताते हुए दी चेतावनी

Thu, 05 Dec 2019 03:00 AM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: गौरव पाण्डेय Updated Thu, 05 Dec 2019 03:00 AM IST
सार

  • उइगर मानवाधिकार नीति के तहत चीनी अधिकारियों पर प्रतिबंध की मांग
  • चीन ने इस विधेयक पर कड़ी आपत्ति जताते हुए प्रतिशोध की चेतावनी दी
  • डेमोक्रेटिक नेता व अध्यक्ष नैंसी पेलोसी ने कहा- अमेरिका सब देख रहा है
  • चीन में नजरबंद हैं करीब 10 लाख उइगर मुस्लिम व अन्य अल्पसंख्यक
  • हांगकांग में लोकतंत्र समर्थकों के पक्ष में कानून पर अमेरिका लगा चुका है मुहर

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Bill approved on Chinese Muslims in American Parliament, China Protested
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग - फोटो : फाइल

विस्तार

अमेरिकी संसद (प्रतिनिधि सभा) ने एक के मुकाबले 407 मतों से उइगर मानवाधिकार नीति विधेयक मंजूर करते हुए ट्रंप प्रशासन को चीन के मुस्लिम अल्पसंख्यकों को लेकर सख्त कार्रवाई जरूरी बताई। विधेयक में वरिष्ठ चीनी अधिकारियों और निर्यात पर प्रतिबंध लगाने की मांग भी की गई। चीन ने शिंजियांग प्रांत से संबंधित इस विधेयक पर कड़ी आपत्ति जताते हुए प्रतिशोध की चेतावनी दी है।

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इस विधेयक में अमेरिका द्वारा चीन में नजरबंद बनाकर रखे गए करीब 10,00,000 उइगर मुस्लिमों और अन्य मुस्लिम अल्पसंख्यकों तक संसाधनों को पहुंचाने का प्रस्ताव दिया गया है। इससे पहले चीन में उइगर समुदाय को हिरासत में लेकर प्रताड़ित करने के खिलाफ सीनेट में भी विधेयक पारित हो चुका है। प्रतिनिधि सभा में रिपब्लिकन नेता केविन मैककार्थी ने कहा कि यह विधेयक पारित कर संसद दिखाना चाहती है कि वह शोषित लोगों की पीड़ा को अनदेखा नहीं करेगी। 
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बता दें कि हाल ही में हांगकांग में लोकतंत्र समर्थकों के पक्ष में बने कानून पर ट्रंप के हस्ताक्षर करने के बाद प्रतिनिधि सभा की इस कार्रवाई से चीन तिलमिला गया है। शिंजियांग ऑटोनोमस रीजन पीपुल्स कांग्रेस की स्थायी समिति ने कहा है कि अमेरिकी प्रतिनिधि सभा द्वारा पारित विधेयक शिंजियांग की स्थिरता और विकास को कमजोर करने की कोशिश है।

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ट्रंप से पहले सीनेट जाएगा बिल

इस संशोधित विधेयक को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास भेजने से पहले इसे सीनेट द्वारा अनुमोदित किया जाना है। व्हाइट हाउस ने अभी तक यह नहीं कहा है कि ट्रंप इस विधेयक पर हस्ताक्षर करेंगे या वीटो करेंगे। हालांकि इसे सीनेट के अनुमोदन के बाद ट्रंप की अनुमति मिलने की पूरी संभावना है। लेकिन व्हाइट हाउस या चीनी दूतावास ने इस बारे में त्वरित टिप्पणी नहीं की है।

सख्त प्रतिक्रिया दे सकता है चीन

हांगकांग पर चीन विरोधियों के लिए अमेरिका में कानून बनने के बाद चीन ने पहले ही अमेरिकी एनजीओ और सैन्य जहाजों के इस स्वायत्तशासी क्षेत्र में आने पर रोक लगा दी है। ऐसे में प्रतिनिधि सभा की इस कार्रवाई के बाद चीन और भी जबरदस्त प्रतिक्रिया दे सकता है। वह शिंजियांग में प्रवेश करने से सभी अमेरिकी राजनयिक पासपोर्ट धारकों को प्रतिबंधित कर सकता है।

सांसदों ने दी सख्त प्रतिक्रिया

अमेरिका के रिपब्लिकन कांग्रेसी क्रिस स्मिथ ने शिंजियांग प्रांत में चल रहे शिविरों में चीन की दमनकारी नीतियों को बर्बर प्रथा बताते हुए इन्हें खत्म करने की मांग की। प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेटिक नेता और अध्यक्ष नैंसी पेलोसी ने चीन के उइगरों के साथ हो रहे बर्ताव को सामूहिक विवेक के लिए एक आक्रोश कहा। उन्होंने कहा कि अमेरिका सब देख रहा है।

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