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वो धमाका जिसने बेरूत को खंडहर में तब्दील कर दिया, जानिए ये कैसे हुआ

Fri, 07 Aug 2020 05:36 PM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बेरूत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बेरूत Published by: गौरव पाण्डेय Updated Fri, 07 Aug 2020 05:36 PM IST
सार

  • 22 हजार करोड़ से ज्यादा का नुकसान, खंडहर में तब्दील हो गया पूरा शहर
  • सरकार ने बंदरगाह पर तैनात सभी अधिकारियों को घर में ही नजरबंद किया
  • कस्टम द्वारा बार-बार चेताने के बाद भी गोदाम पर कार्रवाई न करने का आरोप
  • बेरूत बंदरगाह पर यह विस्फोटक अमोनियम नाइट्रेट 2014 से रखा हुआ था

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Beirut blast: what we know so far, explosion rocks Lebanon capital city
धमाके में ध्वस्त हुई इमारत - फोटो : iStock

विस्तार

चार अगस्त की शाम को लेबनान की राजधानी बेरूत में ऐसा विस्फोट हुआ जिसने पूरे शहर को खंडहर में तब्दील कर दिया। पहले से ही कई मुश्किलें झेल रहे लेबनान के लिए यह घटना बहुत बड़ी तबाही का कारण बन गई है। राजधानी बेरूत के बंदरगाह पर हुए धमाके ने पूरे शहर को मलबे में तब्दील कर दिया है। वहीं देश को ऐसी स्थिति में पहुंचा दिया है, जहां से वापस लौटने में कई बरस लग जाएंगे।

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विस्फोट इतना भीषण था कि बेरूत का 10 किलोमीटर का इलाका पूरी तरह से तबाह हो गया है। रेडक्रॉस टीम का कहना है कि हर तरफ क्षतिग्रस्त वाहनों और इमारतों का मलबा पड़ा हुआ है। धमाके के बाद जो तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया और विभिन्न समाचार एजेंसियों पर जारी हुए उनमें न केवल धुएं के गुब्बार दिख रहे हैं बल्कि कई किलोमीटर तक तबाही के मंजर भी देखे जा सकते हैं।

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कोमा में जाने वाली है चौपट अर्थव्यवस्था

Beirut blast: what we know so far, explosion rocks Lebanon capital city
बेरूत की सैटेलाइट तस्वीर - फोटो : पीटीआई
इस धमाके ने पहले से ही आर्थिक संकट से परेशान लेबनान को सदमे में पहुंचा दिया है। वहां चौपट अर्थव्यवस्था अब कोमा में जाने वाली है और सड़कों पर सरकार के खिलाफ लोग विरोध कर रहे हैं। लेबनान सन 1975 से 1990 तक चले गृह युद्ध के बाद से सबसे बड़े आर्थिक संकट से जूझ रहा है। ऐसे में इस विस्फोट ने मानो आग में घी का काम किया है। इस धमाके में 140 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है और 5000 से ज्यादा लोग घायल हैं।

लेबनान के अधिकारी दुर्घटना के कारणों की जांच कर रहे हैं। वे यह पता लगाने की कोशिश में जुटे हुए हैं कि आखिर अमोनियम नाइट्रेट के गोदाम में आग कैसे लगी। जिस गोदाम में आग लगने की वजह से धमाका हुआ है वहां पर साल 2013 में एक मालवाहक जहाज से जब्त अमोनियम नाइट्रेट को रखा गया था।


विस्फोट लेबनान के बंदरगाह पर बने एक गोदाम में हुआ था। इस गोदाम को 2014 में बनाया गया था और उसमें अमोनियम नाइट्रेट का भंडार जमा था। इसी रसायन में धमाका होने से यह अनहोनी हुई है। लेबनान के प्रधानमंत्री हसन दियाब का कहना है कि इस घटना के जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं राष्ट्रपति मिशेल आउन का कहना है कि इसे किसी भी तरह स्वीकार नहीं किया जा सकता कि आखिर कैसे 2750 टन अमोनियम नाइट्रेट वहां असुरक्षित तरीके से रखा हुआ था।

धमाका इतना तेज था कि जहां विस्फोट हुआ वहां से नौ किलोमीटर दूर बेरूत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की इमारत के शीशे टूट गए थे। इतना ही नहीं वहां से कई किलोमीटर दूर साइप्रस में भी धमाके की गूंज सुनाई पड़ी थी। अमेरिका के भूकंप विज्ञानियों का कहना है कि यह धमाका 3.3 मैग्निट्यूड के भूकंप के बराबर था।

नाजुक है लेबनान की स्थिति

ये धमाके एक बहुत ही संवेदनशील समय में हुए हैं। पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहे लेबनान में इस समय कोरोना संक्रमण के मामले भी बढ़ रहे हैं। अस्पतालों में पहले से ही जगह की कमी है। अब उन्हें हजारों घायल लोगों का इलाज भी करना पड़ रहा है।

200 किलोमीटर दूर सुनाई दी धमाके की आवाज

Beirut blast: what we know so far, explosion rocks Lebanon capital city
बेरूत में धमाके से पहले और बाद की सैटेलाइट तस्वीरें - फोटो : पीटीआई

आर्थिक और खाद्यान्न संकट

  • साल 1975 से 1990 तक चले गृह युद्ध के बाद लेबनान की अर्थव्यवस्था अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही है। धमाके से पहले भी लेबनान में तनाव के हालात थे। 
  • देश की खराब होती जा रही अर्थव्यवस्था को लेकर जनता सरकार के खिलाफ सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रही थी। 
  • लेबनान को जरूरत की खाने-पीने की वस्तुएं भी आयात करनी पड़ती हैं। यह सामान राजधानी बेरूत के बंदरगाह के पास के गोदामों में रखी जाती हैं। धमाके की वजह से बंदरगाह पूरी तरह से तबाह हो चुका है। धमाके में अनाज गोदाम भी पूरी तरह से बर्बाद हो गए हैं। 
  • ऐसी स्थितियों के बाद देश अब खाद्य संकट के मुहाने पर खड़ा है। इस घटना से देश में खाद्य असुरक्षा की स्थिति पैदा होने की आशंका जताई जा रही है। 
  • बेरूत बंदरगाह के भविष्य को लेकर भी संदेह जताया जा रहा है। राजधानी की इमारतें तबाह हो चुकी हैं। इनमें से अधिकांश अब रहने लायक नहीं रह गई हैं।

2013 में जब्त हुआ था यह अमोनियम नाइट्रेट
बेरूत को बरबाद करने वाला यह 2,750 टन अमोनियम नाइट्रेट राजधानी के बंदरगाह पर 2013 में रूस के एक मालवाहक जहाज से जब्त किया गया था। नवंबर 2013 में मालडोवा के झंडे के साथ रोसुस नाम का रूसी जहाज बेरूत बंदरगाह पर बिना अनुमति में रुका था। यह जहाज काला सागर के बातुमि बंदरगाह से आया था। इसे आइगर ग्रेशुकिन नाम के एक रूसी व्यापारी ने किराये पर लिया था। आइगर इस समय साइप्रस में रहता है।

कई देशों ने की मदद की पेशकश

बेरूत में भीषण विस्फोट के बाद दुनिया के कई देश लेबनान की मदद के लिए आगे आए हैं। ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया, यूरोप के कुछ देश और अमेरिका ने मदद की पेशकश की है। फ्रांस ने दो विमानों के जरिए बुधवार को बेरूत के लिए मदद की सामग्री और बचाव दल के लोगों को भेजा है। चेक रिपब्लिक, जर्मनी, यूनान, पोलैंड और नीदरलैंड भी मदद के लिए आगे आए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी चिकित्सा उपकरणों को लेबनान के लिए भेजा है। रूस के आपात राहत अधिकारियों ने बताया कि उनका देश राहत सामग्री के साथ पांच विमान बेरूत भेजेगा।

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क्या है अमोनियम नाइट्रेट

बताया जा रहा है कि गोदाम में रखे अमोनियम नाइट्रेट में आग लगने की वजह से विस्फोट हुआ है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर यह अमोनियम नाइट्रेट क्या है, जिसने एक पूरे शहर को खंडहर में तब्दील कर दिया। अमोनियम नाइट्रेट एक गंधहीन रसायनिक पदार्थ है जिसका उपयोग कई कामों में होता है। सामान्यत इसे दो कार्यों में सर्वाधिक उपयोग किया जाता है। पहला, खेती के लिए बनने वाले उर्वरक में और दूसरा निर्माण या खनन कार्यों में विस्फोटक के तौर पर।

  • अमोनियम नाइट्रेट एक अत्यंत विस्फोटक रसायन है।
  • यह अपने आप में विस्फोटक नहीं है लेकिन अनुकूल परिस्थितियों में ये ज्वलनशील पदार्थ है।
  • आग लगने पर इसमें धमाका होता है और उसके बाद खतरनाक गैसें निकलती हैं जिनमें नाइट्रोजन ऑक्साइड और अमोनिया गैस प्रमुख हैं।
  • क्योंकि यह रसायन बेहद ज्वलनशील होता है, इसलिए इसके रखरखाव के नियम भी काफी कड़े होते हैं।
  • नियम यह है कि अमोनियम नाइट्रेट का भंडार हमेशा फायरप्रूफ गोदाम या स्थान पर होना चाहिए।
  • जहां अमोनियम नाइट्रेट को रखा जाए वहां कोई भी नाला, पाइप या गटर नहीं होना चाहिए।
  • विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अमोनियम नाइट्रेट को उचित तरीके से रखा जाए तो यह अन्य रसायनों की तुलना में सुरक्षित है। 
  • हालांकि बड़ी मात्रा में अमोनियम नाइट्रेट लंबे समय तक रखा जाता है तो इसमें विघटन शुरू हो जाता है और आगे चलकर विस्फोटक साबित होता है।

अमोनियम नाइट्रेट और इसकी वजह से हुईं दुर्घटनाएं

  • 1995 में अमेरिका के ओक्लाहोमा में भीषण बम विस्फोट हुआ था। इन धमाकों के लिए बम में अमोनियम नाइट्रेट का उपयोग किया गया था।
  • 2001 में फ्रांस के टुलूज के एक रसायनियक कारखाने में धमाका हुआ था जिसमें 31 लोग मारे गए थे।
  • 2013 में अमेरिका के ही टेक्सस राज्य में एक उर्वरक कारखाने में धमाका हुआ था जिसमें 15 लोगों की मौत हुई थी।
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