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Bangladesh: 'मारे गए हिंदू मजदूर के परिवार की जिम्मेदारी लेगी सरकार..', मोहम्मद यूनुस ने दिया आश्वासन
Wed, 24 Dec 2025 02:52 AM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका
Published by: निर्मल कांत
Updated Wed, 24 Dec 2025 02:52 AM IST
सार
Bangladesh: बांग्लादेश की सरकार ने कहा कि वह ईशनिंदा के आरोप में मारे गए हिंदू कार्यकर्ता दीपू दास के परिवार की जिम्मेदारी लेगी। सरकार ने इस हत्या को क्रूर अपराध बताया और परिवार को वित्तीय सहायता देने की घोषणा की।
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मोहम्मद यूनुस
- फोटो : पीटीआई (फाइल)
विस्तार
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के वरिष्ठ सलाहकार ने मंगलवार को कहा कि राज्य उस हिंदू कार्यकर्ता के परिवार की जिम्मेदारी उठाएगा, जिसे पिछले सप्ताह ईशनिंदा के आरोप में भीड़ ने पीट-पीट कर मार डाला था। शिक्षा सलाहकार सीआर अबरार ने दीपू दास के परिवार से मुलाकात की। दीपू दास को 18 दिसंबर को माइमेंसिंग में भीड़ ने मार डाला और उनका शव जलाया।
अबरार ने कहा, राज्य ने दीपू दास के बच्चे, पत्नी और माता-पिता की देखभाल की जिम्मेदारी ली है। उन्होंने कहा कि यह हत्या बहुत ही क्रूर अपराध है और इसे जायज ठहराने का कोई भी कारण नहीं हो सकता।
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परिवार से मिलने से पहले अबरार ने मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस से चर्चा की। यूनुस ने अब्रार से कहा कि वे सरकार की ओर से गहरी हार्दिक संवेदना परिवार तक पहुंचाएं। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दीपू दास के पिता रवि चंद्र दास ने अपने बेटे की हत्या के लिए न्याय की मांग की और परिवार की स्थिति के बारे में सलाहकार को बताया।
यूनुस के कार्यालय ने पुष्टि की कि दास के परिवार को वित्तीय सहायता दी जाएगी और संबंधित अधिकारी आने वाले समय में उनके संपर्क में रहेंगे। अब तक हत्या में कथित रूप से शामिल 12 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
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यूनुस की प्रेस को जारी एक बयान में कहा, आरोप, अफवाह या विश्वास में भिन्नता कभी भी हिंसा का कारण नहीं बन सकती और किसी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। सरकार ने कानून के शासन के प्रति अपनी मजबूत प्रतिबद्धता को दोहराया और कहा कि किसी अपराध की जांच और न्याय सुनिश्चित करने का अधिकार केवल राज्य के पास है।
दास की हत्या के बाद ढाका और अन्य हिस्सों में फैक्ट्री कर्मचारियों, छात्रों और अधिकार समूहों ने व्यापक विरोध प्रदर्शन किए। भारत ने भी अपनी चिंता जताई। इस हमले से छह दिन पहले ढाका में नकाबपोश बंदूकधारियों ने दक्षिणपंथी सांस्कृतिक समूह इंकिलाब मंच के नेता शरीफ उस्मान हादी पर गोली चलाई थी। इसके कुछ दिनों बाद उन्हें सिंगापुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
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अबरार ने कहा, राज्य ने दीपू दास के बच्चे, पत्नी और माता-पिता की देखभाल की जिम्मेदारी ली है। उन्होंने कहा कि यह हत्या बहुत ही क्रूर अपराध है और इसे जायज ठहराने का कोई भी कारण नहीं हो सकता।
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परिवार से मिलने से पहले अबरार ने मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस से चर्चा की। यूनुस ने अब्रार से कहा कि वे सरकार की ओर से गहरी हार्दिक संवेदना परिवार तक पहुंचाएं। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दीपू दास के पिता रवि चंद्र दास ने अपने बेटे की हत्या के लिए न्याय की मांग की और परिवार की स्थिति के बारे में सलाहकार को बताया।
यूनुस के कार्यालय ने पुष्टि की कि दास के परिवार को वित्तीय सहायता दी जाएगी और संबंधित अधिकारी आने वाले समय में उनके संपर्क में रहेंगे। अब तक हत्या में कथित रूप से शामिल 12 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
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यूनुस की प्रेस को जारी एक बयान में कहा, आरोप, अफवाह या विश्वास में भिन्नता कभी भी हिंसा का कारण नहीं बन सकती और किसी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। सरकार ने कानून के शासन के प्रति अपनी मजबूत प्रतिबद्धता को दोहराया और कहा कि किसी अपराध की जांच और न्याय सुनिश्चित करने का अधिकार केवल राज्य के पास है।
दास की हत्या के बाद ढाका और अन्य हिस्सों में फैक्ट्री कर्मचारियों, छात्रों और अधिकार समूहों ने व्यापक विरोध प्रदर्शन किए। भारत ने भी अपनी चिंता जताई। इस हमले से छह दिन पहले ढाका में नकाबपोश बंदूकधारियों ने दक्षिणपंथी सांस्कृतिक समूह इंकिलाब मंच के नेता शरीफ उस्मान हादी पर गोली चलाई थी। इसके कुछ दिनों बाद उन्हें सिंगापुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।