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चीन में यौनकर्मियों को ‘हिरासत और शिक्षा’ का दंड देने पर प्रतिबंध
Sun, 29 Dec 2019 03:34 AM IST
आसिम खान
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: आसिम खान
Updated Sun, 29 Dec 2019 03:34 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
चीन के सांसदों ने शनिवार को यौनकर्मियों के लिए ‘हिरासत और शिक्षा’ की दंड व्यवस्था को खत्म करने के पक्ष में मतदान किया। इसके अनुसार पुलिस को दो साल तक बिना किसी आरोप के यौनकर्मियों और उनके ग्राहकों को रखने की अनुमति थी। राज्य मीडिया की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
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आलोचकों का कहना है कि लगभग तीन दशक पुराने नियम का शिक्षा से कोई लेना-देना नहीं है। एशिया क्षेत्र से जुड़ी नीतियों की एक निदेशक ने कहा है कि कई बार यौनकर्मियों को पुलिस द्वार मनमाने तरीके से हिरासत में लिया जाता है। जिसके बाद उनके साथ वहां शारीरिक हिंसाएं होती हैं और उनसे श्रम लिया जाता है।
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सजा भुगतने के साथ ही उन्हें अपमान भी सहन करना पड़ता है। इसलिए इस व्यवस्था को खत्म करना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, ‘मनमाने तरीके से हिरासत में लिए जाने का नियम 29 दिसंबर से खत्म हो जाएगा।’
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