फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Army helicopter was at a higher altitude than the prescribed limit, NTSB reveals on the accident in Washington

Washington Crash: तय सीमा से अधिक ऊंचाई पर था सेना का हेलीकॉप्टर, वॉशिंगटन में हुए हादसे पर NTSB का खुलासा

Thu, 31 Jul 2025 07:59 AM IST
बशु जैन वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: बशु जैन Updated Thu, 31 Jul 2025 07:59 AM IST
सार

29 जनवरी को अमेरिकी एयरलाइंस अमेरिकी ईगल्स का एक विमान वॉशिंगटन डीसी में पोटोमैक नदी के ऊपर एक सैन्य हेलीकॉप्टर से हवा में टकरा गया था। हादसे में विमान में सवार सभी 64 लोगों की मौत हो गई। वॉशिंगटन में राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड ने जांच के दौरान हादसे के कारणों को लेकर बात की। 

विज्ञापन
Army helicopter was at a higher altitude than the prescribed limit, NTSB reveals on the accident in Washington
अमेरिकी विमान हादसा - फोटो : PTI

विस्तार

वॉशिंगटन में जनवरी में हुए विमान हादसे को लेकर राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड (एनटीएसबी) ने बड़ा खुलासा किया है। एनटीएसबी ने कहा है कि यात्री विमान से टकराने वाला सेना का ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर तय सीमा से अधिक ऊंचाई पर था। इसके चलते वह यात्री विमान के अधिक करीब आ गया। वहीं हवाई यातायात नियंत्रकों ने हादसे से करीब तीन साल पहले हेलीकॉप्टर के परिवहन से होने वाले खतरों को लेकर चेतावनी जारी की थी। जिसे संघीय उड्डयन प्रशासन ने नजरअंदाज कर दिया था। 
विज्ञापन


29 जनवरी को अमेरिकी एयरलाइंस अमेरिकी ईगल्स का एक विमान वॉशिंगटन डीसी में पोटोमैक नदी के ऊपर एक सैन्य हेलीकॉप्टर से हवा में टकरा गया था। एयरलाइंस का विमान कंसास से वॉशिंगटन आ रहा था। जब विमान लैंड करने वाला था, उसी दौरान विमान अमेरिकी सेना के ब्लैकहॉक हेलीकॉप्टर से टकरा गया। सेना का हेलीकॉप्टर उस वक्त परीक्षण उड़ान पर था और उसमें तीन सैनिक सवार थे। हादसे में विमान में सवार सभी 64 लोगों की मौत हो गई। वॉशिंगटन में राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड ने जांच के दौरान हादसे के कारणों को लेकर बात की। 
विज्ञापन


एनटीएसबी के अध्यक्ष जेनिफर होमेंडी ने कहा कि यह बड़ी नौकरशाही है। मेरा मतलब है हमने गवाही में यह सुना। आप इसे किसी और संगोष्ठी या किसी और समूह में उठा सकते थे। लेकिन फिर मैंने पूछा कि क्या आपने कोई विकल्प दिया है? यही कारण है कि लोग संघीय सरकार की इतनी आलोचना करते हैं, क्योंकि आप सुरक्षा नहीं दे सकते।
विज्ञापन
विज्ञापन


सेना और संघीय उड्डयन प्रशासन के प्रतिनिधियों ने पूरी सुनवाई के दौरान जिम्मेदारी से बचने की कोशिश की। सेना ने स्वीकार किया कि उनके ब्लैक हॉक के अल्टीमीटर 100 फीट (30 मीटर) से ज्यादा गलत हो सकते हैं, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि यह स्वीकार्य है क्योंकि उनके पायलटों का लक्ष्य 100 फीट की सीमा के भीतर ऊंचाई बनाए रखना है। इसके बजाय सेना के अधिकारियों ने हवाई अड्डे के पास स्वीकृत मार्गों पर उतरने वाले विमानों और हेलीकॉप्टरों के बीच दूरी न होने पर चिंता जताई। 

बाद में अधिकारियों ने यह स्पष्ट कर दिया कि इन मार्गों पर कभी भी दूरी सुनिश्चित नहीं की जानी चाहिए थी। इसके बजाय उन्होंने सुझाव दिया कि जब भी विमान उस रनवे से उड़ान भर रहे हों या उतर रहे हों, तो हेलीकॉप्टरों को उस मार्ग पर उड़ान भरने से रोकना हवाई यातायात नियंत्रक का काम है। विमानन वकील बॉब क्लिफोर्ड, ने कहा कि सुनवाई के दौरान बहुत अधिक अंगुली उठाई गई। साथ ही जिम्मेदारी और जवाबदेही स्वीकार नहीं की गई।

200 फीट के सीमा से ऊपर था हेलीकॉप्टर
घटना के एक एनीमेशन वीडियो में दिखाया गया कि हेलीकॉप्टर और विमान के बीच टक्कर कहां हुई? इसमें दिखाया गया है कि कैसे हेलीकॉप्टर विमान से टकराने से पहले पोटोमैक नदी के किनारे हेलीकॉप्टर मार्ग पर 200 फीट (61 मीटर) की ऊंचाई सीमा से ऊपर उड़ रहा था। जांच टीम ने बताया कि उड़ान डाटा रिकॉर्डर से पता चला कि हेलीकॉप्टर वास्तव में उस बैरोमीटरिक अल्टीमीटर से 80 से 100 फीट (24 से 30 मीटर) ऊंचा था जिस पर पायलटों ने भरोसा किया था। इसलिए एनटीएसबी ने उसी क्षेत्र में उड़ान भर रहे उसी इकाई के तीन अन्य हेलीकॉप्टरों का परीक्षण किया और उनके अल्टीमीटर में भी ऐसी ही गड़बड़ी पाई गई।

सिकोरस्की हेलीकॉप्टर्स के डैन कूपर ने बताया कि जब दुर्घटना में शामिल पुराने ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर को 1970 के दशक में डिजाइन किया गया था, तो उसमें उस समय प्रचलित अल्टीमीटर तकनीक का इस्तेमाल किया गया था। नए हेलीकॉप्टरों में एयर डाटा कंप्यूटर होते हैं जो ऊंचाई का सटीक माप देते हैं।

सेना की मुख्य वारंट अधिकारी काइलेन लुईस ने बताया कि उन्हें हेलीकॉप्टर के विभिन्न अल्टीमीटरों के बीच 80 से 100 फीट का अंतर चिंताजनक नहीं लगेगा क्योंकि कम ऊंचाई पर उन्हें बैरोमीटरिक अल्टीमीटर की बजाय रडार अल्टीमीटर पर ज्यादा भरोसा होगा। 500 फीट (152 मीटर) से नीचे हम दोनों उपकरणों की जांच करेंगे और उनका क्रॉस-रेफरेंस करेंगे। 


हादसा मार्ग पर उड़ान भरने की अनुमति नहीं
सेना के अधिकारियों और वाशिंगटन के आसपास उड़ान भरने वाली एक स्थानीय मेडिकल हेलीकॉप्टर कंपनी के प्रमुख ने बोर्ड को बताया कि उनका मानना है कि हवाई यातायात नियंत्रक उन्हें कभी भी दुर्घटना में शामिल हेलीकॉप्टर मार्ग पर उड़ान भरने की अनुमति नहीं देंगे, जब भी कोई विमान रनवे के पास आ रहा हो। चीफ वारंट ऑफिसर डेविड वैन वेचेन ने दुर्घटना के बाद कहा कि उन्होंने अपने कई साथी पायलटों से बात की और सभी का यही अनुमान था कि कंट्रोलर उन्हें उस रनवे के उस रास्ते से उड़ान भरने की अनुमति कभी नहीं देंगे। जिस पर दुर्घटना से पहले अमेरिकी विमान आ रहा था। लेकिन होमेंडी ने कहा कि यूनिट के अन्य पायलटों ने जांचकर्ताओं को बताया कि उन्हें लैंडिंग विमानों के नीचे से उड़ान भरने की अनुमति थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed