{"_id":"60da72848d132b088a5751b7","slug":"antibodies-increase-up-to-four-times-over-a-ten-month-difference-in-astrazeneca-doses","type":"story","status":"publish","title_hn":"एस्ट्राजेनेका की खुराकों में दस महीने के अंतर से चार गुणा तक बढ़ती हैं एंटीबॉडी","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
एस्ट्राजेनेका की खुराकों में दस महीने के अंतर से चार गुणा तक बढ़ती हैं एंटीबॉडी
Tue, 29 Jun 2021 06:38 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, लंदन
एजेंसी, लंदन
Published by: Kuldeep Singh
Updated Tue, 29 Jun 2021 06:38 AM IST
सार
- शोधकर्ताओं ने कहा ऐेसे में टीकों की दो खुराकों के बीच अंतराल बढ़ाने के दो फायदे होंगे। पहला जहां टीकों की आपूर्ति में परेशानी हैं वहां अंतर बढ़ने से अधिक लोगों को टीका लग सकेगा।
विज्ञापन
Astrazeneca
- फोटो : social media
विस्तार
टीका निर्माता कंपनी ऑक्सफोर्ड ने दावा किया है कि उसके कोविड-19 टीके एस्ट्राजेनेका की खुराकों के बीच अंतराल 8 से 12 सप्ताह होने के बजाय 44-45 हफ्ते यानी दस महीने होने पर चार गुणा एंटीबॉडी बनती है। इसके साथ ही ऑक्सफोर्ड ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि टीके के बाद करीब एक साल तक शरीर में एंटीबॉडी का स्तर बढ़ा रहता है।
विज्ञापन
शोधकर्ताओं ने कहा ऐेसे में टीकों की दो खुराकों के बीच अंतराल बढ़ाने के दो फायदे होंगे। पहला जहां टीकों की आपूर्ति में परेशानी हैं वहां अंतर बढ़ने से अधिक लोगों को टीका लग सकेगा। दूसरा खुराकों के बीच दस महीने के अंतर से एंटीबॉडी की मात्रा भी बढ़ेगी जिससे लंबे समय तक कोरोना का खतरा टलेगा।
विज्ञापन
बूस्टर डोज ली तो दो गुना और बढ़ेगी प्रतिरोधक क्षमता
शोध में यह भी दावा किया गया कि अगर एस्ट्राजेनेका के कोरोना टीके की तीसरी और बूस्टर डोज दी जाए तो यह प्रतिरोधक क्षमता को दूसरी खुराक की तुलना में दो गुना तक बढ़ाता है। हालांकि शोधकर्ताओं ने इस बारे में कोई ठोस आधार नहीं पेश किया है कि बूस्टर डोज कितनी जरूरी है और इसे कब लगाना है।
विज्ञापन
शोध में पाया गया कि इस खुराक के लगने से एंटीबॉडी और टी सेल प्रतिरोधक क्षमता दूसरी खुराक के मुकाबले अधिक बढ़ी है और यह ज्यादा लंबे समय तक कारगर है। वहीं ब्रिटेन सरकार ने कहा है कि वह अपने यहां दोनों खुराक लगवा चुकी आबादी के लिए एक विशेष टीकाकरण अभियान शुरू करने की योजना बना रही है।