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स्टार्मर के बाद कौन संभालेगा ब्रिटेन की सत्ता?: लेबर पार्टी में चुनाव की प्रक्रिया शुरू; बर्नहम सबसे आगे
Thu, 09 Jul 2026 08:09 PM IST
निर्मल कांत
पीटीआई, लंदन।
पीटीआई, लंदन।
Published by: निर्मल कांत
Updated Thu, 09 Jul 2026 08:09 PM IST
सार
लेबर पार्टी के नेता के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसमें दौड़ में अभी एंडी बर्नहम एकमात्र उम्मीदवार हैं, जिससे उनका ब्रिटेन का अगला प्रधानमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है। किएर स्टार्मर के इस्तीफे के बाद शुरू हुई प्रक्रिया में बर्नहम 20 जुलाई तक प्रधानमंत्री पद संभाल सकते हैं। पढ़िए रिपोर्ट-
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एंडी बर्नहम
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई/रॉयटर्स
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विस्तार
एंडी बर्नहम के ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री बनने की संभावना काफी बढ़ गई है। दरअसल, लेबर पार्टी ने गुरुवार को नए नेता के चुनाव की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू कर दी है। ग्रेटर मैनचेस्टर के पूर्व मेयर और मेकरफील्ड से नए सांसद बने बर्नहम अभी तक इस दौड़ में एकमात्र उम्मीदवार हैं। वह किएर स्टार्मर की जगह लेने की तैयारी में हैं। स्टार्मर ने पिछले महीने अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा की थी, जिसके बाद नए नेता के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई।
उम्मीदवारों के लिए क्या है नियम?
लेबर पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति (एनईसी) की ओर से तय कार्यक्रम के अनुसार, कम से कम 81 सांसदों का समर्थन जुटाने जुटाने के लिए उम्मीदवारों के पास 15 जुलाई तक का समय है, ताकि वे चुनाव में उम्मीदवार बन सकें।
क्यों तय माना जा रहा बर्नहम का बनना?
हालांकि, 56 वर्षीय बर्नहम इस दौड़ में एकमात्र उम्मीदवार हैं, इसलिए यह प्रक्रिया केवल औपचारिकता मानी जा रही है। ऐसे में संभावना है कि वह 20 जुलाई तक लेबर पार्टी के नए नेता और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बन जाएंगे।
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प्रधानमंत्री बनने के बाद क्या होगा एजेंडा?
बर्नहम ने 'द टाइम्स' में प्रकाशित एक लेख में भविष्य के नेता के तौर पर अपनी सोच को सामने रखा। इसमें उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री बनने के बाद मेरी प्राथमिकता ब्रिटेन की सुरक्षा करना होगी। इसके लिए रक्षा खर्च बढ़ाना, स्थानीय उद्योगों को फिर से मजबूत करना और अपने सहयोगी देशों के साथ संबंधों को मजबूत करना जरूरी होगा।
'नंबर 10 नॉर्थ' क्या है?
उन्होंने कहा, मैं देश के अंदर हमारी ताकत और दुनिया में हमारी ताकत को अलग-अलग नहीं मानता। 'नंबर 10 नॉर्थ' (योजना) के जरिये और ब्रिटेन के सभी हिस्सों में सत्ता का विकेंद्रीकरण करके हम देश को दोबारा मजबूत बनाने और उद्योगों को बढ़ावा देने का नया तरीका अपनाएंगे। इससे देश की मजबूती बढ़ेगी। उन्होंने आगे कहा, विदेश नीति, आर्थिक नीति, सुरक्षा, सामाजिक एकता और ब्रिटिश मूल्यों को एक ही रणनीतिक मुद्दे के जुड़े हुए हिस्सों के रूप में देखा जाएगा।
ये भी पढ़ें: 'डील के लिए गिड़गिड़ा रहा ईरान': ट्रंप ने साझा किया हमले का वीडियो, बोले- 20 गुना ज्यादा ताकत से देंगे जवाब
लेबर सांसद पहले ही 'नंबर 10 नॉर्थ' योजना के बारे में बता चुके हैं। इस योजना के जरिये उनका लक्ष्य है कि लंदन स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय (10 डाउनिंग स्ट्रीट) के पास केंद्रित शक्तियों को कम किया जाए और इंग्लैंड के अलग-अलग क्षेत्रों को ज्यादा अधिकार दिए जाएं।
जनता की भागीदारी पर जोर रहेगा
बर्नहम ने कहा, राजनीति को अलग तरीके से करने का मतलब है कि जनता के साथ ईमानदारी से बात करना, उन्हें फैसलों में शामिल करना और सरकार के बढ़े हुए खर्च के बदले समाज को ज्यादा फायदा पहुंचाना।
चुनाव प्रक्रिया में आगे क्या होगा?
लेबर पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति (एनईसी) के नियमों के मुताबिक, 13 जुलाई को उम्मीदवारों की एक बैठक होगी। इसमें उन्हें अपनी ही पार्टी के सांसदों के सवालों के जवाब देने होंगे। अगर बर्नहम को 323 सांसदों का समर्थन मिल जाता है, तो किसी दूसरे उम्मीदवार के लिए 81 सांसदों का समर्थन जुटाकर उन्हें चुनौती देना गणितीय रूप से असंभव हो जाएगा।
अगर ऐसा होता है और बर्नहम एकमात्र उम्मीदवार रहते हैं, तो वह केवल अपनी पार्टी के सांसदों के सवालों का जवाब देने के लिए अकेले ही बैठक में शामिल होंगे।
उनकी शीर्ष टीम और कैबिनेट में कौन-कौन शामिल होगा, यह चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही साफ हो पाएगा। बर्नहम 17 जुलाई तक बिना किसी विरोध के लेबर पार्टी के नेता चुने जा सकते हैं। लेकिन वह तुरंत प्रधानमंत्री नहीं बनेंगे, क्योंकि किएर स्टार्मर को पहले बकिंघम पैलेस जाकर किंग चार्ल्स तृतीय को अपना इस्तीफा औपचारिक रूप से सौंपना होगा।
किंग की मंजूरी के बाद बनेगी सरकार
इसके बाद किंग चार्ल्स तृतीय एंडी बर्नहम को नई सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करेंगे। इसके बाद 20 जुलाई उनका प्रधानमंत्री के रूप में पहला आधिकारिक कार्य दिवस होगा। हालांकि, अगर तय समय के अंदर कोई दूसरा उम्मीदवार सामने आता है, तो लेबर पार्टी के नेता का चुनाव 16 जुलाई से संसद के ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान कराया जाएगा।
ऐसी स्थिति में स्टार्मर नए नेता के चुने जाने तक कार्यवाहक प्रधानमंत्री बने रहेंगे। नई संसद का सत्र एक सितंबर से शुरू होगा। फिलहाल स्थिति यह है कि बर्नहम पिछले 10 वर्षों में ब्रिटेन के सातवें प्रधानमंत्री बनने की राह पर हैं। वह भी ऐसे नेता होंगे, जो आम चुनाव के बीच कार्यकाल के दौरान 10 डाउनिंग स्ट्रीट की जिम्मेदारी संभालेंगे।
बर्नहम ने संकेत दिया है कि वह उस घोषणापत्र पर काम करना जारी रखेंगे, जिसके आधार पर किएर स्टार्मर के नेतृत्व वाली लेबर पार्टी ने जुलाई 2024 में बड़ी जीत हासिल की थी। ब्रिटेन में अगला आम चुनाव 2029 में होने की उम्मीद है।
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उम्मीदवारों के लिए क्या है नियम?
लेबर पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति (एनईसी) की ओर से तय कार्यक्रम के अनुसार, कम से कम 81 सांसदों का समर्थन जुटाने जुटाने के लिए उम्मीदवारों के पास 15 जुलाई तक का समय है, ताकि वे चुनाव में उम्मीदवार बन सकें।
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क्यों तय माना जा रहा बर्नहम का बनना?
हालांकि, 56 वर्षीय बर्नहम इस दौड़ में एकमात्र उम्मीदवार हैं, इसलिए यह प्रक्रिया केवल औपचारिकता मानी जा रही है। ऐसे में संभावना है कि वह 20 जुलाई तक लेबर पार्टी के नए नेता और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बन जाएंगे।
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प्रधानमंत्री बनने के बाद क्या होगा एजेंडा?
बर्नहम ने 'द टाइम्स' में प्रकाशित एक लेख में भविष्य के नेता के तौर पर अपनी सोच को सामने रखा। इसमें उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री बनने के बाद मेरी प्राथमिकता ब्रिटेन की सुरक्षा करना होगी। इसके लिए रक्षा खर्च बढ़ाना, स्थानीय उद्योगों को फिर से मजबूत करना और अपने सहयोगी देशों के साथ संबंधों को मजबूत करना जरूरी होगा।
'नंबर 10 नॉर्थ' क्या है?
उन्होंने कहा, मैं देश के अंदर हमारी ताकत और दुनिया में हमारी ताकत को अलग-अलग नहीं मानता। 'नंबर 10 नॉर्थ' (योजना) के जरिये और ब्रिटेन के सभी हिस्सों में सत्ता का विकेंद्रीकरण करके हम देश को दोबारा मजबूत बनाने और उद्योगों को बढ़ावा देने का नया तरीका अपनाएंगे। इससे देश की मजबूती बढ़ेगी। उन्होंने आगे कहा, विदेश नीति, आर्थिक नीति, सुरक्षा, सामाजिक एकता और ब्रिटिश मूल्यों को एक ही रणनीतिक मुद्दे के जुड़े हुए हिस्सों के रूप में देखा जाएगा।
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लेबर सांसद पहले ही 'नंबर 10 नॉर्थ' योजना के बारे में बता चुके हैं। इस योजना के जरिये उनका लक्ष्य है कि लंदन स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय (10 डाउनिंग स्ट्रीट) के पास केंद्रित शक्तियों को कम किया जाए और इंग्लैंड के अलग-अलग क्षेत्रों को ज्यादा अधिकार दिए जाएं।
जनता की भागीदारी पर जोर रहेगा
बर्नहम ने कहा, राजनीति को अलग तरीके से करने का मतलब है कि जनता के साथ ईमानदारी से बात करना, उन्हें फैसलों में शामिल करना और सरकार के बढ़े हुए खर्च के बदले समाज को ज्यादा फायदा पहुंचाना।
चुनाव प्रक्रिया में आगे क्या होगा?
लेबर पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति (एनईसी) के नियमों के मुताबिक, 13 जुलाई को उम्मीदवारों की एक बैठक होगी। इसमें उन्हें अपनी ही पार्टी के सांसदों के सवालों के जवाब देने होंगे। अगर बर्नहम को 323 सांसदों का समर्थन मिल जाता है, तो किसी दूसरे उम्मीदवार के लिए 81 सांसदों का समर्थन जुटाकर उन्हें चुनौती देना गणितीय रूप से असंभव हो जाएगा।
अगर ऐसा होता है और बर्नहम एकमात्र उम्मीदवार रहते हैं, तो वह केवल अपनी पार्टी के सांसदों के सवालों का जवाब देने के लिए अकेले ही बैठक में शामिल होंगे।
उनकी शीर्ष टीम और कैबिनेट में कौन-कौन शामिल होगा, यह चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही साफ हो पाएगा। बर्नहम 17 जुलाई तक बिना किसी विरोध के लेबर पार्टी के नेता चुने जा सकते हैं। लेकिन वह तुरंत प्रधानमंत्री नहीं बनेंगे, क्योंकि किएर स्टार्मर को पहले बकिंघम पैलेस जाकर किंग चार्ल्स तृतीय को अपना इस्तीफा औपचारिक रूप से सौंपना होगा।
किंग की मंजूरी के बाद बनेगी सरकार
इसके बाद किंग चार्ल्स तृतीय एंडी बर्नहम को नई सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करेंगे। इसके बाद 20 जुलाई उनका प्रधानमंत्री के रूप में पहला आधिकारिक कार्य दिवस होगा। हालांकि, अगर तय समय के अंदर कोई दूसरा उम्मीदवार सामने आता है, तो लेबर पार्टी के नेता का चुनाव 16 जुलाई से संसद के ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान कराया जाएगा।
ऐसी स्थिति में स्टार्मर नए नेता के चुने जाने तक कार्यवाहक प्रधानमंत्री बने रहेंगे। नई संसद का सत्र एक सितंबर से शुरू होगा। फिलहाल स्थिति यह है कि बर्नहम पिछले 10 वर्षों में ब्रिटेन के सातवें प्रधानमंत्री बनने की राह पर हैं। वह भी ऐसे नेता होंगे, जो आम चुनाव के बीच कार्यकाल के दौरान 10 डाउनिंग स्ट्रीट की जिम्मेदारी संभालेंगे।
बर्नहम ने संकेत दिया है कि वह उस घोषणापत्र पर काम करना जारी रखेंगे, जिसके आधार पर किएर स्टार्मर के नेतृत्व वाली लेबर पार्टी ने जुलाई 2024 में बड़ी जीत हासिल की थी। ब्रिटेन में अगला आम चुनाव 2029 में होने की उम्मीद है।