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Pakistan: मानवाधिकार संगठन ने आलोचकों को चुप कराने की सरकार-सेना की कोशिशों पर जताई चिंता, कही यह बात

Fri, 16 Jun 2023 08:22 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लाहौर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लाहौर Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 16 Jun 2023 08:22 PM IST
सार

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि पिछले चार दिनों में कम से कम सात पत्रकारों और टिप्पणीकारों पर राज्य और आतंकवाद विरोधी कानूनों के खिलाफ अपराधों का आरोप लगाया गया है।

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Amnesty International expresses concern over Pakistan govt's bid to silence critics
मानवाधिकार संस्था एमनेस्टी इंटरनेशनल

विस्तार

एक प्रमुख मानवाधिकार संगठन ने संघीय सरकार और सेना के आलोचकों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पाकिस्तानी अधिकारियों की कड़ी निंदा की है। संगठन पिछले महीने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की नाटकीय गिरफ्तारी के बाद पत्रकारों के खिलाफ दर्ज कई मामलों पर गहरी चिंता व्यक्त की है।

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एमनेस्टी इंटरनेशनल ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि पिछले चार दिनों में कम से कम सात पत्रकारों और टिप्पणीकारों पर राज्य और आतंकवाद विरोधी कानूनों के खिलाफ अपराधों का आरोप लगाया गया है। बयान में कहा गया है कि टिप्पणीकारों और पत्रकारों को चुप कराने के लिए इन कानूनों का इस्तेमाल अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन है। बयान में जिन सात लोगों का जिक्र किया गया है उनमें पत्रकार शाहीन सहबाई और वजाहत सईद खान, एंकर सबिर शाकिर और मोईद पीरजादा, सेना अधिकारी से यूट्यूबर बने आदिल राजा और सैयद हैदर रजा मेहदी और सैयद अकबर हुसैन नाम का एक व्यक्ति शामिल है।
 

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पिछले महीने नौ मई को अल-कादिर ट्रस्ट मामले में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद देशभर में हिंसक प्रदर्शन हुए थे। इसके बाद सरकार की ओर से पीटीआई के सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इस्लामाबाद में अर्धसैनिक रेंजर्स द्वारा खान की गिरफ्तारी के बाद हिंसक प्रदर्शन हुए थे। पीटीआई कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर लाहौर कोर कमांडर हाउस, मियांवाली एयरबेस और फैसलाबाद में आईएसआई भवन सहित 20 से अधिक सैन्य प्रतिष्ठानों और सरकारी इमारतों में तोड़फोड़ की थी। रावलपिंडी में सेना मुख्यालय पर भी पहली बार भीड़ ने हमला किया। खान को बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया था।
 

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हिंसा पर सरकार और सेना ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की घोषणा की थी, जिससे इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने पूरे पाकिस्तान में खान की पार्टी के 10,000 से अधिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है, जिनमें से 4,000 पंजाब प्रांत से हैं। पंजाब के गृह विभाग ने नौ मई को हुए हमलों और हिंसक प्रदर्शनों की जांच के लिए 10 अलग-अलग संयुक्त जांच दलों (जेआईटी) का गठन किया है। पीटीआई प्रमुख खान देशभर में 100 से अधिक मामलों का सामना कर रहे हैं।

इस बीच, पाकिस्तान की नेशनल असेंबली ने सोमवार को एक प्रस्ताव पारित कर मांग की कि नौ मई की हिंसा के दोषियों के खिलाफ कड़े सैन्य अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाए। नेशनल असेंबली के आधिकारिक हैंडल ने ट्वीट किया कि रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ द्वारा पेश प्रस्ताव को संसद के निचले सदन में बहुमत से मंजूरी दी गई।

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