फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Amid West Asia crisis, US Energy Secretary says tankers cannot be monitored in Strait Of Hormuz

होर्मुज में छूटे अमेरिका के पसीने: जंग के बीच अमेरिकी ऊर्जा मंत्री ने कहा- नहीं कर सकते तेल टैंकरों की निगरानी

Thu, 12 Mar 2026 06:56 PM IST
Pavan वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: Pavan Updated Thu, 12 Mar 2026 06:56 PM IST
सार

पश्चिम एशिया में जंग छेड़ने के बाद अमेरिका अब कई मौकों पर पीछे हटता दिख रहा है। युद्ध के बाद प्रभावित होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल टैंकरों की निगरानी का दावा करने के बाद अब अमेरिका ने इससे अपने हाथ पीछे खींच लिए हैं। पढ़ें, होर्मुज से टैंकरों की निगरानी पर लेकर अमेरिकी ऊर्जा मंत्री का बयान...

विज्ञापन
Amid West Asia crisis, US Energy Secretary says tankers cannot be monitored in Strait Of Hormuz
क्रिस राइट, अमेरिकी ऊर्जा सचिव - फोटो : X @SecretaryWright

विस्तार

अमेरिकी नौसेना अभी होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल टैंकरों को निगरानी करने के लिए तैयार नहीं है। यह जानकारी अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने दी है। क्रिस राइट के अनुसार, सेना का तात्कालिक ध्यान ईरान की आक्रामक क्षमताओं के खिलाफ अभियानों पर केंद्रित है।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें - West Asia Tension: US-इस्राइल से जंग के बीच मोजतबा खामेनेई का पहला बयान, बोले- खाड़ी देशों पर हमले जारी रहेंगे
विज्ञापन


हम अभी तैयार नहीं हैं- अमेरिकी ऊर्जा मंत्री
क्रिस राइट ने कहा, 'यह अपेक्षाकृत जल्द ही होगा, लेकिन अभी नहीं हो सकता। हम अभी तैयार नहीं हैं। हमारी सभी सैन्य संपत्तियां इस समय ईरान की आक्रामक क्षमताओं और उन विनिर्माण उद्योगों को नष्ट करने पर केंद्रित हैं जो इन क्षमताओं के लिए आवश्यक सामग्री की आपूर्ति करते हैं।' राइट ने कहा कि नौसेना महीने के अंत तक निगरानी अभियान शुरू करने के लिए तैयार हो सकती है और उन्होंने यह भी बताया कि इस मुद्दे पर रक्षा अधिकारियों के साथ चर्चा चल रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इससे एक दिन पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जब पूछा गया कि क्या तेल कंपनियों के सीईओ को अभी हॉर्मुज जलडमरूमध्य का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, तो उन्होंने कहा कि कंपनियों को इसका इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अभी तक अमेरिका को ऐसा नहीं लगता कि ईरान ने इस जलमार्ग में समुद्री बारूदी सुरंगें (माइन) बिछाई हैं।

ट्रंप ने ईरान को दी थी चेतावनी
हालांकि अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड ने इस हफ्ते दावा किया कि उसने ईरान के 16 ऐसे जहाजों को नष्ट कर दिया है जिन पर शक था कि वे हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास समुद्री बारूदी सुरंगें बिछा रहे थे। इसके बाद ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी कि अगर जलमार्ग में माइन बिछाई गई हैं तो उन्हें तुरंत हटाया जाए, नहीं तो सैन्य कार्रवाई की जाएगी। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर भी कहा कि अमेरिका उन तकनीकों का इस्तेमाल कर रहा है जिन्हें पहले ड्रग तस्करी रोकने के लिए इस्तेमाल किया जाता था, ताकि जलडमरूमध्य में माइन बिछाने की कोशिश करने वाले किसी भी जहाज को हमेशा के लिए खत्म किया जा सके।

अमेरिकी सेना ने जहाजों को सुरक्षा देने की कही थी बात
इससे पहले अमेरिकी सेना के वरिष्ठ अधिकारी डैन केन ने कहा था कि सेना इस बात पर विचार कर रही है कि अगर सरकार आदेश देती है तो वाणिज्यिक जहाजों को सैन्य सुरक्षा देकर इस जलमार्ग से सुरक्षित तरीके से गुजरने में मदद की जा सकती है। हालांकि सूत्रों के अनुसार अब तक अमेरिकी नौसेना ने कई शिपिंग कंपनियों के अनुरोध के बावजूद किसी जहाज को सैन्य निगरानी देने से इनकार किया है।

200 डॉलर प्रति बैरल तेल की कीमत 'असंभव' नहीं- राइट
ऊर्जा बाजारों पर युद्ध के प्रभाव के बारे में टिप्पणी करते हुए, अमेरिकी ऊर्जा मंत्री ने कहा कि 200 डॉलर प्रति बैरल तक तेल की कीमतें पहुंचना असंभव है, लेकिन उन्होंने इसे पूरी तरह से खारिज नहीं किया। राइट ने उन आशंकाओं को दूर करने का प्रयास किया कि बढ़ते युद्ध से वैश्विक तेल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है। जब उनसे पूछा गया कि क्या कच्चे तेल की कीमत 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है, तो राइट ने कहा, 'मैं कहूंगा कि यह असंभव है, लेकिन हम सैन्य अभियान और समस्या के समाधान पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।'


यह भी पढ़ें - ईरान का ओमान पर बड़ा हमला: सलालाह पोर्ट पर ड्रोन से तेल टैंकरों को बनाया निशाना; खाड़ी देशों में बढ़ा तनाव

ईरान के उन जहाजों और गोदामों पर हमले जारी
इधर, अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने भी पुष्टि की है कि अमेरिकी सेना ईरान के उन जहाजों और गोदामों पर हमले कर रही है जहां समुद्री माइन रखी या तैयार की जा रही थीं। यह कार्रवाई अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच चल रहे व्यापक संघर्ष का हिस्सा है। इस टकराव का असर समुद्री व्यापार पर भी पड़ने लगा है। कई जहाज कंपनियों ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने में सावधानी बरतनी शुरू कर दी है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें भी ऊपर जाने लगी हैं।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक है। सामान्य तौर पर दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस की आपूर्ति इसी रास्ते से होकर गुजरती है। इसलिए यहां किसी भी तरह का सैन्य तनाव पूरी दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति और तेल की कीमतों को प्रभावित कर सकता है।

अन्य वीडियो
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed