Johnson powder: पैसे लेकर केस रफा-दफा करने पर जॉनसन कंपनी को कोर्ट ने फटकारा, पूछा- कितने वादी समझौते को तैयार
न्यूजर्सी के ट्रेंटन में चल रही अदालत की लंबी सुनवाई के दौरान वादियों के वकीलों की तरफ से आरोप लगाया गया कि जॉनसन एंड जॉनसन (जेएंडजे) के बेबी पाउडर और अन्य टैल्कम उत्पादों में कभी-कभी एस्बेस्टस होता है, जो कैंसर और मेसोथेलियोमा का कारण बनता है।
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टैल्कम पाउडर के उत्पादों से दुनिया में कुछ लोगों को कैंसर होने के दावों की वजह से हजारों मुकदमे झेल रही जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी को पैसे देकर मामले रफा-दफा करने की कोशिश पर कोर्ट की फटकार सुननी पड़ी है। कंपनी की तरफ से शीर्ष वार्ताकारों ने मुकदमे निपटाने के लिए 890 करोड़ अमेरिकी डॉलर (लगभग 73 हजार करोड़ रुपये) की पेशकश की थी। इस पर अमेरिकी बैंकरप्सी कोर्ट ने बुधवार को सवाल उठाया कि कंपनी को इस डील के लिए कितने वादियों का समर्थन हासिल है।
जेएंडजे के उन सार्वजनिक बयानों के उलट
न्यूजर्सी के ट्रेंटन में चल रही अदालत की लंबी सुनवाई के दौरान वादियों के वकीलों की तरफ से आरोप लगाया गया कि जॉनसन एंड जॉनसन (जेएंडजे) के बेबी पाउडर और अन्य टैल्कम उत्पादों में कभी-कभी एस्बेस्टस होता है, जो कैंसर और मेसोथेलियोमा का कारण बनता है। यह दलील जेएंडजे के उन सार्वजनिक बयानों के उलट है, जिसमें कहा गया है कि मौजूदा 60,000 से अधिक वादियों ने हामी भरी है और मुकदमा करने वाले अधिकांश लोग उसके प्रस्तावित सौदे का समर्थन करते हैं। इसे लेकर कंपनी बचाव मुद्रा में है।
कोर्ट में बुधवार को सुनवाई के दौरान जेएंडजे के वकील और मुख्य वार्ताकार जिम मर्डिका की तरफ से कंपनी के सार्वजनिक बयानों का बचाव किया गया। इस पर एलटीएल के दिवाला मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस माइकल कपलान ने कहा कि बिना समर्थन के समझौते के बारे में दावे करना बंद करें।
कोर्ट ने मंजूरी दी तो निपटेंगे मुकदमे
फिलहाल, इस मामले में सुनवाई हो रही है जो पूरे हफ्ते जारी रहने की संभावना है। अगर कंपनी की तरफ से प्रस्तावित समझौते पर दिवाला कोर्ट ने मंजूरी दे दी तो कंपनी के खिलाफ दायर सभी मुकदमों का समान रूप से निपटारा हो जाएगा। यही नहीं, 890 करोड़ अमेरिकी डॉलर का भुगतान पूरे अमेरिका में अब तक का सबसे बड़ा वाद निपटारा बन जाएगा।
संभावित दावे निपटाने के पहले प्रयास को कोर्ट ने किया खारिज
इस समझौते को लेकर कैंसर पीड़ितों का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील बंटे नजर आ रहे हैं। इनमें से कई का दावा है कि जेएंडजे ने समझौते को व्यापक समर्थन का भ्रम फैलाया है जिससे वादी उचित मुआवजे से वंचित रह जाएंगे। जॉनसन एंड जॉनसन अपनी सहायक कंपनी एलटीएल मैनेजमेंट की दूसरी दिवाला याचिका के जरिये टैल्कम उत्पादों से जुड़े सभी मौजूदा और आगे संभावित दावों को निपटाने का प्रयास कर रहा है। इसके पहले प्रयास को कोर्ट ने खारिज कर दिया था।