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विश्व बैंक का बड़ा फैसला, जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए अब खर्च होगा 200 अरब डॉलर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Updated Mon, 03 Dec 2018 09:37 AM IST
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विश्व बैंक
विश्व बैंक ने साल 2021-25 के लिए जलवायु परिवर्तन की समस्या से निपटने के लिए फंडिंग को दोगुना कर दिया है। फंड को दोगुना कर 200 अरब डॉलर कर दिया गया है। इस बात का ऐलान जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन (यूएनएफसीसीसी) के समिट में किया गया। यानी इन पांच सालों में जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए 200 अरब डॉलर खर्च किए जाएंगे।
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विश्व बैंक ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि करीब 100 अरब डॉलर तो सीधे बैंक से फंड किए जाएंगे। इसके अलावा बाकी बचे फंड को दो विश्व बैंक की एजेंसी से जुटाया जाएगा। बता दें पोलैंड में करीब 200 देश इस सम्मेलन में भाग ले रहे हैं और सब ही जलवायु परिवर्तन से लड़ने को बेहद जरूरी मानते हैं।
छोटे देश डाल रहे दबाव
संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन में ये देश इस समस्या पर चर्चा करेंगे। जलवायु परिवर्तन के कारण दुनिया के तापमान में वृद्धि हो रही है। इसका असर सामान्य मौसम पर भी पड़ रहा है। इस समस्या से दुनिया के सभी देश चिंतित हैं। खासतौर पर छोटे और गरीब देश। इसके अलावा ये देश विकसित और अमीर देशों पर भी दबाव डाल रहे हैं कि साल 2015 में पैरिस समझौते के दौरान हुए वादों को वह पूरा करें।
तीन साल पहले इसपर बनी थी सहमति
साल 2015 में ऐतिहासिक पैरिस समझौते के तहत तापमान में बढ़त को दो डिग्री तक कम करने का लक्ष्य निर्धारित करने पर सहमति बनी थी। लेकिन इस लक्ष्य में अधिक सफलता नहीं मिल पाई है।
दुनियाभर में दिख रहा परिणाम
जलवायु परिवर्तन के घातक परिणाम का शिकार कोई एक नहीं बल्कि कई देश हो रहे हैं। दुनियाभर में समुद्र का जल स्तर बढ़ता जा रहा है। इसके अलावा जंगलों में भी भीषण आग, लू और तूफान जैसी खबरें आ रही हैं। इन सबसे न केवल संपत्ति बल्कि जान माल को भी काफी नुकसान पहुंच रहा है। जिसका सीधा प्रभाव देश की अर्थव्यवस्था और विकास पर पड़ता है।