पुलिसकर्मियों ने जबरन उतरवाया महिला का हिजाब और लीं तस्वीरें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रबाब मूसा ने मैनहैटन सुप्रीम कोर्ट में आरोप लगाया कि उसे पिछले साल सितंबर में उस समय ‘गैरकानूनी ढंग से गिरफ्तार किया गया’ जब वह यहां के मिडटाउन इलाके में एक स्टारबक्स से निकली थी। उसने दावा किया कि उसे मिडटाउन थाने के आसपास परेड कराई गई और पुलिस अधिकारियों ने उसका हिजाब उतरवाने के बाद उसकी तस्वीर ली।
‘न्यूयॉर्क डेली न्यूज’ के अनुसार रबाब ने कहा कि उसे पुरूषों के याथ एक कोठरी में रख दिया गया। उसने कहा कि बाद में पुलिस अधिकारी उसे ब्रुकलिन थाने ले गए जहां उसकी कपड़े उतरवाकर तलाशी ली गई। दूसरी तरफ, पुलिस ने सूत्रों ने कहा कि उसके कपड़े उतरवाकर तलाशी नहीं ली गई। पुलिस ने उससे कहा कि ‘वह उसे स्वीकार करे जो उसने किया।’
6 घंटे बाद किया रिहा
अमेरिका के अटलांटा में एक व्यक्ति ने हिजाब पहने एक महिला को कथित तौर परेशान किया और अपशब्द कहे तथा उससे पूछा कि ‘क्या तुम्हारे पास ग्रीन कार्ड है।’ डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की ओर से सात मुस्लिम बहुल देशों के नागरिकों को वीजा जारी करने पर रोक लगाने के बाद प्रवासियों को निशाने बनाने की कई घटनाएं सामने आई हैं और मुस्लिम महिला को परेशान किए जाना इसी क्त्रस्म में नयी घटना है।
एक अमेरिकी मुस्लिम महिला ने इस घटना की फिल्म बनाई। जोएज कॉफी शॉप में 39 साल की असमा अलहूनी बैठकर अपने लैपटॉप पर काम कर रही थीं और उसी दौरान उस व्यक्ति ने उनकी तस्वीरें लेनी शुरू कर दीं थी।
पाकिस्तान पर लग सकता है बैन
बता दें कि इससे पहले व्हाइट हाउस ने ऐसे संकेत दिए हैं कि वैश्विक आतंकवाद के केंद्र के रूप में देखे जा रहे पाकिस्तान को उन मुस्लिम बहुसंख्यक देशों की सूची में शामिल किया जा सकता है जहां से लोगों के अमेरिका आने पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रतिबंध लगा दिया है।
राष्ट्रपति ट्रंप के साथ मीडिया के संबंधों पर जॉर्ज वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी में चर्चा के लिए मंगलवार (31 जनवरी) आए व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव सीन स्पाइसर ने उस समय यह संकेत दिया जब उनसे पूछा गया कि ‘पाकिस्तान क्यों नहीं?’
इस सवाल के जवाब में स्पाइसर ने कहा, ‘संभवतऱ् हम करेंगे।’ राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा सात मुस्लिम बहुल देशों के लोगों को अमेरिका में प्रवेश करने से रोकने के लिए कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए जाने के बाद से ही यह सवाल व्हाइट हाउस के वरिष्ठ अधिकारियों का पीछा कर रहा है। इन देशों में इराक, सीरिया, सूडान, ईरान, सोमालिया, लीबिया और यमन शामिल हैं।