{"_id":"e0840b76-523d-11e2-9941-d4ae52bc57c2","slug":"woman-arrested-who-pushed-indian-on-railroad-track","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुसलमान समझकर धक्का दिया: अमेरिकी महिला","category":{"title":"America","title_hn":"अमेरिका","slug":"america"}}
मुसलमान समझकर धक्का दिया: अमेरिकी महिला
सलीम रिज़वी, न्यूयॉर्क से बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
Updated Sun, 30 Dec 2012 11:14 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
न्यूयॉर्क में पुलिस ने उस औरत को गिरफ़्तार कर लिया है जिसने भूमिगत रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के सामने भारतीय मूल के सुनंदो सेन को धक्का देकर मार डाला था।
विज्ञापन
महिला की गिरफ़्तारी 'नफ़रत' के आधार पर की गई हत्या के आरोप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक एरिका मेनेंडेज़ नाम की अभियुक्त महिला ने कबूल किया है कि उसने सेन को मुसलमान समझकर मारने के लिए ही चलती हुई ट्रेन के सामने धक्का दिया था।
विज्ञापन
मामला
क्वींस के डिसट्रिक्ट एटर्नी रिचर्ड ब्राउन ने कहा, 'उस महिला ने पुलिस को बयान दिया है कि उसने एक मुसलमान को रेल की पटरी पर धक्का दे दिया। उसने कहा कि वह वर्ष 2001 के ट्विन टॉवर के हमलों के बाद से ही हिंदुओं और मुसलमानों से नफ़रत करती थी। और उनके साथ मारपीट करती रहती थी।'
विज्ञापन
सुनंदो सेन को इस महिला ने गुरुवार को उस समय धक्का देकर मार डाला था जब वह क्वींस इलाके के 40 स्ट्रीट स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर खड़े थे। उस समय वह काम से घर लौट रहे थे।
31 वर्षीय एरिका मेनेंडेज़ उस वक्त स्टेशन पर बैंच पर बैठी थी। वो यकायक उठी और उसने सेन को पटरियों की तरफ तेज़ी से आती ट्रेन के सामने धकेल दिया।
'निर्मल स्वभाव के व्यक्ति'
मूल रूप से कोलकाता के रहने वाले 46 वर्षीय सुनंदो सेन नब्बे के दशक में अमेरिका आकर बस गए थे। उन्होंने हाल ही में मैनहैटन में प्रिंटिंग का बिज़नेस शुरू किया था।
सुनंदो सेन नब्बे के दशक में भारत से अमेरिका आकर बस गए थे। वह अकेले थे और क्वींस के कोरोना इलाके में दो साथियों के साथ एक ही मकान में रहते थे।
उनके साथ रहने वाले एक पाकिस्तानी मूल के एमडी खान ने सेन को याद करते हुए कहा, 'वह बहुत ही अच्छे औऱ निर्मल स्वभाव के थे। वह बहुत अच्छे इंसान थे। हमेशा खुश रहते थे। मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा।'
सेन ने ग्राफ़िक डिज़ाईन की पढ़ाई की थी और वह उसी कला को अपना बिज़नेस बढ़ाने के लिए दिन रात मेहनत करते थे
उनके एक औऱ साथी ए आर सुमन ने बताया कि वह हफ़्ते के सातों दिन काम किया करते थे।
अपील
न्यूयॉर्क में इस महीने सबवे रेल स्टेशन पर ट्रेन के सामने धक्का देकर हत्या का यह दूसरा मामला है। इससे पहले टाईम्स स्क्वेयर पर ट्रेन स्टेशन पर भी एक व्यक्ति को पटरियों पर आती हुई ट्रेन के सामने धक्का देकर मार डाला गया था।
इन हादसों के बाद सबवे ट्रेन प्राधिकरण एमटीए के निदेशक जोसफ़ लोटा ने लोगों से अपील की है कि प्लेटफ़ार्म पर ज़रूरी एहतियात बरतें।
जोसफ़ लोटा ने कहा, "मैं सभी यात्रीगण से अनुरोध करता हूं कि वह पटरी के बिल्कुल पास न खड़े हों औऱ अगर कोई संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दे तो फ़ौरन 911 पर पुलिस को फ़ोन करें।"
न्यूयॉर्क में सबवे और लाईट रेल सेवा का 85 लाख लोग रोज़ाना प्रयोग करते हैं।