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कुछ अमेरिकी क्यों चाहते हैं देश तोड़ना?

Tue, 11 Dec 2012 03:01 PM IST
बीबीसी हिंदी/जॉन केली
बीबीसी हिंदी/जॉन केली Updated Tue, 11 Dec 2012 03:01 PM IST
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why do some americans want to divide country

अमेरिका में व्हाइट हाउस की वेबसाइट पर ऐसी अनेक याचिकाएं पोस्ट की जाती रही हैं जिनमें देश के सभी 50 राज्यों को अमेरिका से अलग होने की मंजूरी देने की मांग की गई है।

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अमेरिका में पिछले महीने राष्ट्रपति चुनाव के बाद इस तरह की मांग जोर पकड़ रही थी और ऐसे लोग सुर्खियों में बने रहे जो अमेरिका छोड़कर जाने की बात कर रहे थे। लेकिन हकीकत में ये लोग कहीं नहीं गए और अमेरिका का ही हिस्सा बने हुए हैं।
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शोध के नजरिए से इस मामले की पड़ताल करने वाले नॉर्थ कैरोलिना यूनिवर्सिटी में समाजशास्त्र के सहायक प्राध्यापक नील केरेन कहते हैं कि जिन लोगों ने इन याचिकाओं का समर्थन किया, उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों से उपजे असंतोष की वजह से ऐसा किया।
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वे कहते हैं, ''मैं ये कहूंगा कि जिन लोगों ने ऐसी याचिकाओं पर दस्तखत किए थे, उनमें से अधिकतर लोग सचमुच में अलग नहीं होना चाहते थे।''

नील केरेन बताते हैं, ''ये वैसा ही है जैसे कि आपने कहा कि मैं कनाडा चला जाऊंगा, ऐसा कहकर आपने चुनाव के फौरन बाद अपना असंतोष जताया।''

अमेरिका के जिन राज्यों में अलग होने संबंधी याचिकाओं को लोगों का खूब समर्थन मिला, ये दरअसल वो राज्य थे जहां लोग बराक ओबामा की जगह मिट रोमनी का समर्थन कर रहे थे।

बात इतिहास की
अमेरिकी इतिहास में इस घटनाक्रम को गृह-युद्ध के नाम से जाना जाता है जब वर्ष 1861 में देश के दक्षिणी राज्यों ने खुद को स्वतंत्र घोषित कर दिया था। गृह-युद्ध में लगभग साढ़े सात लाख लोग मारे गए थे।

अमेरिकी राष्ट्रवाद पर किताब लिखने वाले लेखक और लंदन स्थित किंग्स कॉलेज में अंतरराष्ट्रीय संबंधों के प्राध्यापक एनाटोल लीवेन कहते हैं, ''1860 के दशक ने बड़ा भयंकर संदेश दिया था कि यदि आप अलग होने की कोशिश करते हैं तो क्या नतीजा होता है।''

वे तर्क देते हैं कि गृह-युद्ध ने अलगाव और दासता के लिए समर्थन के बीच एक तरह का संबंध भी स्थापित किया जिसने इसे कई लोगों के लिए एक कलंक बना दिया।

अलग-अलग संस्कृति
इसी वर्ष नवम्बर में प्यूर्टो रिको के मतदाताओं ने पूर्ण अमेरिकी राज्य बनने की इच्छा जाहिर की थी जो फिलहाल एक अमेरिकी क्षेत्र है।

एनाटोल लीवेन कहते हैं कि इससे ये प्रतीत होता है कि अमेरिका सिकुड़ नहीं रहा बल्कि उसका विस्तार हो रहा है।

जो नेता अमेरिका से पृथक होने का राग अलापते रहे हैं, उनका संबंध आमतौर पर टेक्सस से होता है जो वर्ष 1866 से वर्ष 1846 के दौरान एक स्वतंत्र गणराज्य था।

अमेरिका से पृथक होने की मांग करने वाली याचिकाओं पर व्हाइट हाउस की प्रतिक्रिया पर कांग्रेस सदस्य रोन पॉल कहते हैं कि अमेरिका में अलगाव की सैद्धांतिक जड़ें गहरी हैं।


साल 2009 में टेक्सस के गवर्नर रिक पैरी ने कहा था कि टेक्सस ऐसा अकेला स्वतंत्र राज्य है जो संयुक्त राज्य अमेरिका से अलग होने की बात सोचता है।

न्यू इंग्लैंड यूनिवर्सटी में इतिहास के प्राध्यापक इरिक ज्यूलो कहते हैं कि अमेरिका में अलग-अलग दौर में बाहर से लोग आकर बसते रहे, अमेरिका के अलग-अलग इलाकों में अलग-अलग संस्कृति है जिन्हें मिलाने से किसी राष्ट्रीय संस्कृति का निर्माण नहीं होता है।

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