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150 वर्षों से आखिर मंगलवार को ही क्यों होते हैं अमेरिका में चुनाव?
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 09 Nov 2016 04:48 AM IST
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अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में वोट डालने को कतार में खड़े लोग
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यकीन करना मुश्किल होगा अगर आपसे कहा जाए कि अमेरिका में मंगलवार को चुनाव होने के पीछे धार्मिक कारण हैं! लेकिन यह सच है कि यूएस प्रेज़िडेंशल इलेक्शन हर चार साल बाद नवंबर के पहले सोमवार के बाद आने वाले मंगलवार को ही होते हैं। ऐसा 19वीं शताब्दी से होता आ रहा है। इसके पीछे दिलचस्प धार्मिक और सामाजिक कारण हैं।
मंगलवार ही क्यों?
प्रेज़िडेंशल चुनाव के लिए नवंबर के पहले सोमवार के बाद आने वाले मंगलवार को चुने जाने का फैसला 1845 में लिया गया था। उस वक्त यूएस कॉग्रेस ने इसे लेकर एक नियम पास किया था। चुनाव के लिए नवंबर का महीना किसानों को ध्यान में रखकर चुना गया। इसके पीछे खास वजह थी।
गर्मियों की शुरुआत या वसंत ऋतु में चुनाव रखने पर खेती प्रभावित हो सकती थी। मंगलवार का दिन इसलिए चुना गया ताकि दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले वोटरों का रविवार का दिन आवाजाही में व्यर्थ न हो और वे संडे को चर्च जा सकें। उस वक्त अमेरिका की एक बड़ी आबादी कृषि-संबंधी कार्यों से जुड़ी थी और वोट डालने के लिए वह लंबा सफर घुड़सवारी के जरिए तय करती थी।
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यह सफर कई बार एक दिन से भी ज्यादा का होता था। उस समय वहां के किसान शनिवार तक अपने खेतों में काम करते थे और रविवार को आमतौर पर आराम किया करते थे। साथ ही, ज्यादातर लोग संडे को चर्च जाते थे। ऐसे में वीकेंड में चुनाव रखने पर चुनाव में लोगों की भागीदारी प्रभावित हो सकती थी।
सोमवार के दिन को चुनाव के लिए इसलिए नहीं चुना गया ताकि आवाजाही में लोगों का समय बर्बाद न हो और ज्यादा से ज्यादा लोग वोटिंग में हिस्सा लें। इस तरह दुनिया के सबसे ताकतवर प्रेजिडेंट के चुनाव के लिए नवंबर के पहले सोमवार के बाद आने वाले मंगलवार का दिन चुना गया।
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मंगलवार ही क्यों?
प्रेज़िडेंशल चुनाव के लिए नवंबर के पहले सोमवार के बाद आने वाले मंगलवार को चुने जाने का फैसला 1845 में लिया गया था। उस वक्त यूएस कॉग्रेस ने इसे लेकर एक नियम पास किया था। चुनाव के लिए नवंबर का महीना किसानों को ध्यान में रखकर चुना गया। इसके पीछे खास वजह थी।
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गर्मियों की शुरुआत या वसंत ऋतु में चुनाव रखने पर खेती प्रभावित हो सकती थी। मंगलवार का दिन इसलिए चुना गया ताकि दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले वोटरों का रविवार का दिन आवाजाही में व्यर्थ न हो और वे संडे को चर्च जा सकें। उस वक्त अमेरिका की एक बड़ी आबादी कृषि-संबंधी कार्यों से जुड़ी थी और वोट डालने के लिए वह लंबा सफर घुड़सवारी के जरिए तय करती थी।
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यह सफर कई बार एक दिन से भी ज्यादा का होता था। उस समय वहां के किसान शनिवार तक अपने खेतों में काम करते थे और रविवार को आमतौर पर आराम किया करते थे। साथ ही, ज्यादातर लोग संडे को चर्च जाते थे। ऐसे में वीकेंड में चुनाव रखने पर चुनाव में लोगों की भागीदारी प्रभावित हो सकती थी।
सोमवार के दिन को चुनाव के लिए इसलिए नहीं चुना गया ताकि आवाजाही में लोगों का समय बर्बाद न हो और ज्यादा से ज्यादा लोग वोटिंग में हिस्सा लें। इस तरह दुनिया के सबसे ताकतवर प्रेजिडेंट के चुनाव के लिए नवंबर के पहले सोमवार के बाद आने वाले मंगलवार का दिन चुना गया।
जब अंतरिक्ष से डाला अमेरिका राष्ट्रपति चुनाव में वोट
अमरीका के राष्ट्रपति चुनाव दुनिया भर में चर्चित हैं। इस चुनाव में एक शख्स ने अंतरिक्ष से भी अपनी जिम्मेदारी निभाई है। नासा ने बताया है कि बाहरी अंतरिक्ष में मौजूद उसके एकमात्र अंतरिक्ष यात्री ने अंतरिक्ष यान से ही अपने मताधिकार का प्रयोग किया है।
नासा ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से मतदान करने की प्रक्रिया काफी लंबे समय से चली आ रही है। इस प्रक्त्रिस्या में अंतरिक्ष यात्री शेन किम्ब्रो भी शामिल हुए हैं। शेन 19 अक्टूबर को रूसी सोयूज रॉकेट के जरिए अपने दो साथियों के साथ अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए रवाना हुए थे। वे चार महीने के लिए अभियान पर गए हैं।
अमरीकी अंतरिक्ष यात्री 1997 से ही टेक्सास कानून के तहत अंतरिक्ष से मतदान करते रहे हैं। ज्यादातर अंतरिक्ष यात्री ह्यूस्टन में रहते हैं जहां पर मिशन कंट्रोल और जॉनसन स्पेस सेंटर है। अंतरिक्ष से सबसे पहले वोट डालने वाले अमरीकी डेविड वोल्फ थे।
नासा ने कहा, %अंतरिक्ष स्टेशन के शेन किम्ब्रो इस अवसर का लाभ लेने वाले सबसे हालिया अंतरिक्षयात्री हैं।%हालांकि नासा ने ये नहीं बताया है कि शेन के वोट को किस तरह धरती पर भेजा गया।
नासा ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से मतदान करने की प्रक्रिया काफी लंबे समय से चली आ रही है। इस प्रक्त्रिस्या में अंतरिक्ष यात्री शेन किम्ब्रो भी शामिल हुए हैं। शेन 19 अक्टूबर को रूसी सोयूज रॉकेट के जरिए अपने दो साथियों के साथ अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए रवाना हुए थे। वे चार महीने के लिए अभियान पर गए हैं।
अमरीकी अंतरिक्ष यात्री 1997 से ही टेक्सास कानून के तहत अंतरिक्ष से मतदान करते रहे हैं। ज्यादातर अंतरिक्ष यात्री ह्यूस्टन में रहते हैं जहां पर मिशन कंट्रोल और जॉनसन स्पेस सेंटर है। अंतरिक्ष से सबसे पहले वोट डालने वाले अमरीकी डेविड वोल्फ थे।
नासा ने कहा, %अंतरिक्ष स्टेशन के शेन किम्ब्रो इस अवसर का लाभ लेने वाले सबसे हालिया अंतरिक्षयात्री हैं।%हालांकि नासा ने ये नहीं बताया है कि शेन के वोट को किस तरह धरती पर भेजा गया।