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मेरी आवाज़ सुनो, मैं एलेक्जेंडर ग्राहम बेल...
Updated Fri, 26 Apr 2013 05:49 PM IST
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टेलीफोन के जनक एलेक्ज़ेंडर ग्राहम बेल की 1885 में रिकार्ड की गई आवाज़ की पहली बार पहचान की गई है।
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मोम डिस्क पर की गई रिकॉर्डिंग में टेलीफोन के आविष्कारक ये कहते हुए सुने जा सकते हैं, "मेरी आवाज़ सुनो, मैं एलेक्ज़ेंडर ग्राहम बेल।"
ये रिकॉर्डिंग 'नेशनल म्यूज़ियम ऑफ अमेरिकन हिस्ट्री' का संचालन करने वाले स्मिथसोनियन इंस्टीट्यूशन के पास है।
ग्राहम बेल की आवाज़, वाशिंगटन की वोल्टा प्रयोगशाला में 15 अप्रैल 1885 को डिस्क पर दर्ज की गई थी।
इस रिकार्डिंग में ग्राहम बेल न सिर्फ अपना नाम बता रहे हैं, बल्कि वो विलियम शेक्सपियर के कई नाटकों की पंक्तियों का पाठ करते हुए भी सुनाई दे रहे हैं।
ग्राहम बेल की इस साउंड क्लिप को ऑनलाइन पोस्ट भी कर दिया गया है।
शानदार पल
संग्रहालय के निदेशक जॉन ग्रे ने बताया, "जिस व्यक्ति ने हर इंसान को एक दूसरे की आवाज़ से रुबरु कराया, उन अलेक्जेंडर ग्राहम बेल की आवाज़ की पहचान करना इतिहास के अध्ययन का एक शानदार पल है।"
जॉन ग्रे कहते हैं "ये रिकॉर्डिंग हमारी जानकारी बढ़ाने का काम करती है कि सन 1800 के अंतिम दशक के दौरान ग्राहमबेल ने क्या कहा और किस तरह कहा।”
संग्रहालय के निदेशक जॉन ग्रे ने बताया, "जिस व्यक्ति ने हर इंसान को एक दूसरे की आवाज़ से रुबरु कराया, उन अलेक्जेंडर ग्राहम बेल की आवाज़ की पहचान करना इतिहास के अध्ययन का एक शानदार पल है।"
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असंभव काम
मोम की ये डिस्क इतनी नाज़ुक हालत में थी कि उस पर सुई से चलने वाली ग्रामोफोन प्रणाली का इस्तेमाल संभव ही नहीं था।
इसलिए आवाज़ सुनने के लिए कोई और तरीका निकालना ज़रुरी था।
संग्रहालय ने अमेरिकी लाइब्रेरी और लॉरेंस बर्कले राष्ट्रीय प्रयोगशाला के शोधकर्ताओं के सहयोग से एक वैकल्पिक प्लेयर का निर्माण किया।
शोधकर्ताओं ने इस प्लेयर में प्रकाश और एक 3 डी कैमरे का इस्तेमाल किया और इसने डिस्क के खांचों को पढ़कर उनकी आवाज़ को लोगों के सामने ला दिया।
साथ ही सन् 1881 की रिकॉर्डिंग में ग्राहम बेल के पिता एलेक्ज़ेंडरमेलविल बेल की आवाज़ की भी पहचान की गई।