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कैपेला होटल में होगी ट्रंप-किम की मुलाकात, अमेरिका नहीं उठाएगा अफसरों का खर्चा

Wed, 06 Jun 2018 11:00 AM IST
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Updated Wed, 06 Jun 2018 11:00 AM IST
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Venue of meeting is fix, now Trump and Kim will meet in this hotel

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन के बीच मुलाकात की जगह फिक्स हो चुकी है। वाइट हाउस के मुताबिक यह मुलाकात 12 जून को सिंगापुर के सेंटेसा आइलैंड के कैपेला होटल में होगी। इसके अलावा अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट से यह भी जानकारी मिली है अगले हफ्ते होने वाले इस समिट में अमेरिका उत्तर कोरिया के अधिकारियों का सिंगापुर में रहने का खर्चा नहीं उठाएगा।

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग उन के बीच 12 जून को सिंगापुर में ऐतिहासिक वार्ता होगी। इस बात की पुष्टि खुद ट्रंप ने भी कर चुके हैं। लेकिन इस मुलाकात से पहले अमेरिका के सामने एक परेशानी खड़ी हो गई थी। जिसका कारण था किम जोंग उन की महंगे होटल में रहने की मांग। किम ने ऐसे होटल में रहने की मांग की थी जिसका एक दिन का किराया 6 हजार डॉलर यानि 4 लाख रुपये है।

इसके बाद किम ने यह भी कहा था कि उसका बिल कोई और भरे। वॉशिंगटन पोस्ट में छपी एक खबर के मुताबिक बैठक की तैयारियां करने के लिए वाइट हाउस के चीफ ऑफ स्टाफ जो हैगिन और किम जोंग के चीफ ऑफ स्टाफ किम चांग सन सिंगापुर पहुंचे थे। रिपोर्ट्स से पता चला कि उत्तर कोरियाई नेता ने इस बैठक के दौरान पांच सितारा होटल फुलटरन में रुकने की मांग की थी। साथ ही उत्तर कोरिया ने एक अन्य मांग भी की है कि वह होटल का किराया नहीं देगा बल्कि कोई और बिल का भुगतान करे। 


सिंगापुर नदी पर बने शहर के सबसे सुंदर होटल में प्रेजिडेंशल सूईट के लिए एक रात का किराया 4 लाख रुपये से ज्यादा है। यह होटल साल 1928 में बनाया गया था। वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका पूरा ध्यान रखेगा कि सिंगापुर में किम की बेइज्जती ना हो लेकिन यदि वह कोई भी भुगतान करता है तो वह ट्रेजरी डिपार्टमेंट द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों का उल्लंघन होगा।

पहले तो वाइट हाऊस ने इस पर जवाब देने से इंकार कर दिया था लेकिन कहा जा रहा था कि इस समस्या से निपटने के लिए ऑफिस ऑफ फॉरन असेट्स को प्रतिंबंधों को हटाना पड़ सकता है। वहीं अब अमेरिका ने ऐसे किसी भी प्रतिंबंध को नहीं हटाया और साफ साफ कह दिया कि वह किसी भी तरह के खर्चे का भुगतान नहीं करेगा। 

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