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उपराष्ट्रपति नायडू बोले- कुछ लोग हिंदू शब्द को ‘अछूत’ और ‘असहनीय’ बनाने की कोशिश कर रहे हैं
भाषा, शिकागो
Updated Mon, 10 Sep 2018 06:33 AM IST
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venkaiah naidu
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उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने रविवार को कहा कि कुछ लोग हिंदू शब्द को ‘‘अछूत’’ और ‘‘असहनीय’’ बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने हिंदू धर्म के सच्चे मूल्यों के संरक्षण की जरूरत पर जोर दिया ताकि ऐसे विचारों और प्रकृति को बदला जा सके जो ‘‘गलत सूचनाओं’’ पर आधारित हैं।
यहां दूसरी विश्व हिंदू कांग्रेस को संबोधित करते हुए नायडू ने कहा कि भारत सार्वभौमिक सहनशीलता में विश्वास करता है और सभी धर्मों को सच्चा मानता है। हिंदू धर्म के अहम पहलुओं को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि ‘‘साझा करना’’ और ‘‘ख्याल रखना’’ हिंदू दर्शन के मूल तत्व हैं। नायडू ने अफसोस जताया कि (हिंदू धर्म के बारे में) काफी गलत सूचनाएं फैलाई जा रही हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘कुछ लोग हिंदू शब्द को ही अछूत और असहनीय बनाने की कोशिश कर रहे हैं। लिहाजा, व्यक्ति को विचारों को सही परिप्रेक्ष्य में देखकर प्रस्तुत करना चाहिए ताकि दुनिया के सामने सबसे प्रामाणिक परिप्रेक्ष्य पेश हो पाए।’’
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यहां दूसरी विश्व हिंदू कांग्रेस को संबोधित करते हुए नायडू ने कहा कि भारत सार्वभौमिक सहनशीलता में विश्वास करता है और सभी धर्मों को सच्चा मानता है। हिंदू धर्म के अहम पहलुओं को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि ‘‘साझा करना’’ और ‘‘ख्याल रखना’’ हिंदू दर्शन के मूल तत्व हैं। नायडू ने अफसोस जताया कि (हिंदू धर्म के बारे में) काफी गलत सूचनाएं फैलाई जा रही हैं।
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उन्होंने कहा, ‘‘कुछ लोग हिंदू शब्द को ही अछूत और असहनीय बनाने की कोशिश कर रहे हैं। लिहाजा, व्यक्ति को विचारों को सही परिप्रेक्ष्य में देखकर प्रस्तुत करना चाहिए ताकि दुनिया के सामने सबसे प्रामाणिक परिप्रेक्ष्य पेश हो पाए।’’
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