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साउथ चाइना सी में अमेरिकी जंगी जहाज की गश्त से भड़का चीन, कहा-भूल सुधारे

Fri, 26 May 2017 07:43 AM IST
amarujala.com- Presented by: संदीप भट्ट
amarujala.com- Presented by: संदीप भट्ट Updated Fri, 26 May 2017 07:43 AM IST
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US warship in South China Sea: China calls it 'provocative action

दक्षिण चीन सागर में चीन के दावे वाले एक कृत्रिम द्वीप से मात्र 12 नाटिकल मील की दूरी (करीब 20 किलोमीटर का दायरा) पर एक अमेरिकी युद्धपोत बुधवार को गुजरा। यह एक नए अमेरिकी ऑपरेशन का हिस्सा था जो ट्रंप प्रशासन द्वारा बीजिंग में उसके नए संकल्प को प्रदर्शित करता है। अमेरिका की इस कार्रवाई के बाद दक्षिण चीन सागर को लेकर अमेरिका और चीन में एक बार फिर ठन गई है। चीन ने बौखलाते हुए इसे अमेरिका की भड़काऊ गतिविधि बताया और संप्रभुता का उल्लंघन मानते हुए चीन ने अमेरिका से भूल सुधारने को कहा है।

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डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद से अब तक अमेरिकी नौसैनिक ऑपरेशन की पहली सबसे बड़ी स्वतंत्र कार्रवाई है। अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने कहा कि यह युद्धपोत मिसाइल नष्ट करने वाली प्रणाली से लैस है और फिलीपींस के नजदीक स्प्रेटली द्वीप में विशाल चट्टानों के पास से होकर गुजरा है। इस ऑपरेशन से अमेरिका के उन सहयोगियों की चिंता कुछ कम हुई है जो मानने लगे थे कि ट्रंप प्रशासन दक्षिण चीन सागर में चीन के क्षेत्रीय दावों का सामना करने के लिए इसलिए तैयार नहीं है क्योंकि अमेरिका को उत्तर कोरियाई परमाणु कार्यक्रम को रोकने के लिए बीजिंग का सहयोग मिल रहा है। चीन ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा है कि - ‘अमेरिकी युद्धपोत बिना अनुमति हमारे क्षेत्र में घुसा है, जो हमारे सुरक्षा हितों व संप्रभुता के खिलाफ है।’
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चीन के विरोध के बीच पेंटागन प्रवक्ता जेफ डेविस ने कहा कि - ‘यह गश्ती किसी एक देश को लेकर नहीं है और न ही किसी एक जलक्षेत्र को लेकर है।’ माना जा रहा है कि स्वतंत्र नौपरिवहन अभियान अमेरिका की ओर से दिया गया ऐसा संकेत है, जो उसके अहम समुद्री मार्गों को खुला रखने के इरादे को जाहिर करता है। अक्टूबर-2016 के बाद पहली बार किए गए इस युद्धाभ्यास पर पेंटागन प्रवक्ता ने कहा कि - ‘हम एशिया-प्रशांत क्षेत्र में नियमित आधार पर आते-जाते हैं, जिसमें दक्षिण चीन सागर भी शामिल है और हम अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक ऐसा करते हैं।’ इस कार्रवाई द्वारा ट्रंप चीन को ऐसे वक्त में गुस्सा दिला रहे हैं, जब अमेरिका उत्तर कोरिया पर लगाम कसने के लिए चीन से मदद मांग कर रहा है।

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विवादित द्वीप पर चीनी रॉकेट-लॉन्चर तैनात

US warship in South China Sea: China calls it 'provocative action
चीन ने विवादित स्प्रैटली द्वीप के फियरी क्रॉस रीफ पर अपने अत्याधुनिक तकनीकी वाले रॉकेट-लॉन्चर्स का डिफेंस सिस्टम कुछ समय पहले ही तैनात किया है। बीजिंग ने वियतनाम के सैन्य कॉम्बैट डायवर्स को पीछे हटाने के लिए यह तैनाती की थी।

चीनी मीडिया (डिफेंस टाइम्स) के मुताबिक यह कदम मई 2014 में शुरू हुई रक्षा गतिविधियों का हिस्सा है। इस द्वीप पर चीन ने भूमि सुधार के नाम पर नियंत्रण किया है, जहां उसने बंदरगाह, एयरफील्ड, रनवे और समुद्री रास्ते बना लिए हैं। हालांकि यहां ताइवान, फिलीपींस, ब्रनेई, मलेशिया और वियतनाम भी अपना दावा करते हैं।

इस कार्रवाई से अमेरिका व चीन में बढ़ेगा तनाव

अमेरिका ने चीन के दावे वाले इलाके के काफी नजदीक से जो अपना युद्धपोत गुजारा है उससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने के आसार व्यक्त किए गए हैं। बीजिंग में विदेशी मामलों के विशेषज्ञ सुन हाओ ने कहा है कि यदि अमेरिका चीन को उसकी सामुद्रिक सीमाओं में जाने से रोकता है तो दोनों देशों के बीच जंग का खतरा बढ़ेगा।

चाइना इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज के तेंग जियानकुन के मुताबिक यदि अमेरिका, चीन को रोकता है तो यह जंग का ऐलान करने जैसा होगा। तेंग जियानकुन ने इस कार्रवाई को मूर्खतापूर्ण हरकत भी बताया।
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