अमेरिका की पाक को दो टूक, पहले आतंकवाद रोको फिर करो कश्मीर की बात
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अमेरिका ने पाकिस्तान से कहा है कि अगर वह चाहता है कि कश्मीर मुद्दे पर उसकी बात सुनी जाए तो पहले वह सीमा पार आतंकवाद और हमले पर रोक लगाए। अमेरिकी अधिकारियों ने यह बात वाशिंगटन के दौरे पर गए पाकिस्तान के संसदीय दल से कही है।
इस आशय की खबर पाकिस्तानी अखबार डॉन में रविवार को प्रकाशित हुई है। पाकिस्तानी सांसदों का दल भारत-पाक के बीच उपजे तनाव के मुद्दे पर विश्व समुदाय को अपने पक्ष से अवगत कराने के लिए अमेरिका के पांच दिवसीय दौरे पर था।
संसदीय दल का दौरा शनिवार को समाप्त हो गया। अखबार में छपी खबर में कहा गया है कि अमेरिका की ओर से जारी बयान में उड़ी में भारतीय सेना पर हमला सीमा पार आतंकवाद की कार्रवाई करार दिया गया है। साथ ही पाकिस्तान से इस तरह के हमले रोकने को कहा गया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने पाक पीएम नवाज शरीफ की अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी से मुलाकात के बाद भी बयान जारी कर इस बात को दोहराया था कि पाकिस्तान आतंकवादियों को अपनी जमीन का इस्तेमाल करने से रोक।
डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक संसदीय दल में शामिल कश्मीर पर पाक पीएम के विशेष दूत मुशाहिद हुसैन सईद ने अपने दौरे के अंत में मीडिया ब्रीफिंग में इस बात का जिक्र किया कि पाकिस्तान की सरकार ने पिछले सप्ताह सेना को कहा था कि वह सीमा पार आतंकवाद पर रोक नहीं लगाता तो पाक पूरी तरह से अलग-थलग पड़ जाएगा। उन्होंने कहा कि पाक संसद ने सर्वसम्मति से 22 सूत्री प्रस्ताव पारित कर सरकार से आतंकवाद पर रोक लगाने को कहा है।
पाक के प्रति संतुलित नीति अपनाएंगे ओबामा के उत्तराधिकारी: सईद
कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के विशेष दूत मुशाहिद हुसैन सईद ने उम्मीद जताई है कि अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के उत्तराधिकारी उनसे अलग होंगे।
साथ्ा ही वे पाकिस्तान के प्रति एक संतुलित और तार्किक नीति अपनाएंगे।
वाशिंगटन में पांच दिनों में विभिन्न अमेरिकी अधिकारी से मुलाकात के बाद सईद ने कहा कि उन्होंने यह महसूस किया है कि अमेरिका भारत और पाकिस्तान के बीच उपजे तनाव को कम करने को इच्छुक है।