मिसाइल परीक्षण के बाद अमेरिका ने उत्तर कोरिया को दी तबाह करने की धमकी
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अमेरिका ने प्योंगयांग को सजा देने के मकसद से सभी देशों से उसके साथ राजनयिक और व्यापारिक रिश्ते खत्म करने का आग्रह भी किया। दूसरी तरफ, उत्तर कोरिया ने बृहस्पतिवार को अपने सरकारी अखबार में अंतरमहाद्वीपीय बैलेस्टिक मिसाइल ह्वासोंग-15 की दर्जनों तस्वीर जारी करते हुए अमेरिका को एक बार फिर चिढ़ाया है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अमेरिकी राजदूत निक्की हेली ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने चीनी समकक्ष से उत्तर कोरिया को दी जाने वाली तेल की आपूर्ति बंद करने को कहा है।
उत्तर कोरिया द्वारा मिसाइल लांचिंग पर चर्चा के लिए सुरक्षा परिषद की आपातकालीन बैठक में हेली ने कहा कि अमेरिका युद्ध नहीं चाहता है, लेकिन प्योंगयांग ने अमेरिका तक मार करने में सक्षम अब तक की सबसे उन्नत मिसाइल का परीक्षण कर कर दुनिया को युद्ध की तरफ धकेलने की कोशिश की है। यदि ऐसा कुछ भी अप्रिय होता है तो अमेरिका पूरे उत्तर कोरिया को तबाह कर देगा।
सुरक्षा परिषद की यह आपात बैठक अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया ने बुलाई थी। निक्की हेली ने आपात बैठक में स्पष्ट किया कि संयुक्त राष्ट्र की पाबंदियों के बावजूद उत्तर कोरिया द्वारा लगातार हो रहे मिसाइलों के विकास को देखते हुए हालातों की मांग है कि दुनिया भर के देश किम जोंग-उन प्रशासन को अलग-थलग कर दें।
उसके साथ आयात-निर्यात बंद किए जाएं और उत्तर कोरियाई कर्मचारियों को देश से बाहर निकाला जाए। ट्रंप ने भी कल टेलीफोन पर चीनी समकक्ष शी जिनपिंग से बात कर प्योंगयांग पर और अधिक दबाव बनाने का अनुरोध किया।
इस बीच उत्तर कोरिया द्वारा आज जारी मिसाइल परीक्षण की ताजा तस्वीरें इस बात की पुष्टि करती हैं कि उसने अपने ही देश में बने इरेक्टर-लांचर व्हीकल से इस मिसाइल को लांच किया था।
कैलिफोर्निया स्थित सेंटर फॉल नॉनप्रोलिफरेशन स्टडीज से शोधकर्ता माइकल डट्समैन ने बताया कि यह सिर्फ उत्तर कोरिया के लिहाज से ही बड़ा प्रयोग नहीं है, बल्कि महज कुछ देश ही इस आकार की मिसाइल बना सकते हैं जिसमें उत्तर कोरिया शामिल हो चुका है।
दुनिया के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहा उत्तर कोरिया : राज शाह
व्हाइट हाउस के प्रेस उप सचिव राज शाह ने संवाददाताओं सेे कहा कि उत्तर कोरिया ने जो खतरा पैदा किया है वह बेहद गंभीर है। यह सिर्फ अमेरिका या कोरियाई प्रायद्वीप के एि ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया व सभ्य समाज के लिए भी बड़ा खतरा है।
राज शाह ने एक सवाल के जवाब में कहा कि दुनिया के अन्य देश भी उत्तर कोरिया पर अधिकतम दबाव बनाने के लिए अहम कदम उठा रहे हैं जिससे हमें प्रोत्साहन मिल रहा है।
हालांकि उत्तर कोरिया पर और प्रतिबंध लगाने संबंधी ट्रंप के ट्वीट को लेकर पूछे गए सवालों से शाह बचते दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि हमने देखा कि उत्तर कोरिया पर अब तक के सबसे सख्त प्रतिबंध लगाए गए, जिन पर चीन और रूस ने भी मंजूरी दी और चीन ने ऊर्जा खेप पर रोक लगाई।
उत्तर कोरिया पर अमेरिका को भारत से मदद की उम्मीद
उत्तर कोरिया का लगातार मिसाइल परीक्षण अमेरिका ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए सिरदर्द बना हुआ है। अमेरिका चाहता है कि उत्तर कोरिया को मिसाइल और परमाणु कार्यक्रम छोड़ने के लिए प्योंगयांग पर दबाव बनाने के लिए अमेरिकी और उसके अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के विशेषज्ञों की मदद करे।
उत्तर कोरिया ने बुधवार को अंतरराज्यीय बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) का परीक्षण किया है। प्योंगयांग के शीर्ष नेता किम जोंग उन ने कहा कि उनके देश के पास अमेरिका के किसी भाग का नेस्तनाबूद करने की क्षमता है।
उत्तर कोरिया ने दो महीने पहले हवासोंग-15 मिसाइल का परीक्षण किया था, जो उत्तर कोरिया से 1000 किलोमीटर की दूर तय करते हुए जापान सागर में गिरा था।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हीथर नाउर्ट ने कहा कि हमारा भारत सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अच्छे रिश्ते हैं। हम चाहते हैं कि उत्तर कोरिया के मसले पर वे हमारी मदद करें।
उत्तर कोरिया एक वैश्विक समस्या है। चीन और रूस के उसके साथ व्यापारिक रिश्ते हैं।