फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   America ›   us supreme court justice clarence thomas breaks his silence

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के जज ने तोड़ी चुप्पी

Thu, 17 Jan 2013 10:17 AM IST
बीबीसी हिंदी
बीबीसी हिंदी Updated Thu, 17 Jan 2013 10:17 AM IST
विज्ञापन
us supreme court justice clarence thomas breaks his silence

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के जज क्लेरेंस थॉमस ने पिछले सात साल से अदालती सुनावाई के दौरान में एक शब्द भी नहीं बोला है। लेकिन सोमवार को उन्होंने अपनी चुप्पी तोड़ दी।

विज्ञापन


64 वर्षीय थॉमस ने अदालती सुनवाई के दौरान हावर्ड और येल विश्वविद्यालय से पढ़ाई करने वाले वकीलों के बारे में चल रहे मजाक के दौरान अपनी जुबान खोली। अदालत के रिकॉर्ड्स के मुताबिक उन्होंने कहा, ''देखिए, उन्होंने ये नहीं।” इतना सुनते ही कई जज हंसने लगे।
विज्ञापन


जस्टिस थॉमस ने फरवरी 2006 से अदालत में कोई सवाल नहीं पूछा है। संवाददाताओं के अनुसार ये स्पष्ट नहीं है कि जस्टिस थॉमस के कहे वाक्य का क्या मतलब है, लेकिन वो शायद कुछ चुनिंदा लॉ कॉलेजों से पढ़ाई करने वालों पर व्यंग ही कर रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


समाचार एजेंसी एपी के अनुसार एक वकील ने बताया कि मजाक येल विश्वविद्याल में पढाई पर होने वाले खर्चे को लेकर था। इसी कॉलेज से जस्टिस थॉमस ने भी पढ़ाई की है। वहीं एक अन्य वकील का कहना है कि हावर्ड लॉ स्कूल को लेकर अदालत में मजाक चल रहा था।

'खामोश' जज
ये पूरा मामला उस समय पेश आया जब नौ जजों की खंडपीठ बॉयर बनाम लुइजियाना मुकदमे की सुनवाई कर रही थी। इस मामले में जोनाथन बॉयर खुद को हत्या का दोषी करार दिए जाने के फैसले को पलटने की अपील कर रहे हैं, क्योंकि मुकदमा शुरू होने से पहले ही उन्हें सात साल जेल में रहना पड़ा।

बॉयर के वकील ने कहा कि मामले के तेजी से निपटारे के उनके मुवक्किल के अधिकार का हनन हुआ है। संवाददाताओं का कहना है कि इस मुकदमे में ये सवाल भी उठाए जा रहे हैं कि शुरू में बॉयर को अदालत की तरफ से जो वकील दिए गए, वो क्या इस मामले में पैरवी कर पाने के काबिल थे।


जस्टिस एंटोनिन स्कालिया ने लुइजियाना राज्य के वकील से पूछा कि बॉयर को मिले उन वकीलों ने किस लॉ कॉलेज से पढ़ाई की थी। इसी दौरान थॉमस ने अपनी बात कही। जस्टिस थॉमस ही इस खंडपीठ में इकलौते ऐसे जज हैं जो अदालत में होने वाली जिरह के दौरान सवाल नहीं पूछते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed