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खशोगी हत्याकांड : एक साल पूर्व ही सऊदी शहजादे ने की थी वार्ता
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, वाशिंगटन
Updated Mon, 12 Nov 2018 07:39 PM IST
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Jamal khashoggi
- फोटो : ANI
सऊदी अरब में शहजादे मोहम्मद बिन सलमान करीब एक साल पहले ही देश के चुनिंदा व्यवसायियों के छोटे समूह के साथ ईरानी शत्रुओं की हत्या के बारे में चर्चा कर चुके हैं। इस वार्ता में शामिल तीन शीर्ष सऊदी खुफिया अधिकारियों ने पहचान छुपाए रखने की शर्त पर यह जानकारी ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ से साझा की है। उधर, अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने सोमवार को सऊदी अरब के शहजादे से कहा कि अमेरिका उन सभी लोगों को सऊदी मूल के अमेरिकी पत्रकार जमाल खशोगी के मामले में जिम्मेदार ठहराएगा जो उनकी हत्या में शामिल रह चुके हैं।
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यह वार्ता इस बात के संकेत देती है कि सऊदी अरब में खशोगी की हत्या के सिलसिले में एक साल पहले ही वार्ता शुरू हो चुकी थी। सऊदी अरब ने यह पूछताछ उस वक्त की जब शहजादे बिन सलमान और उप क्राउन प्रिंस व रक्षामंत्री सत्ता को मजबूत करने में जुटे थे। सऊदी अधिकारियों ने खशोगी की मौत को एक अधिकारी मेजर जनरल अहमद अल-असीरी द्वारा दिए गए हत्या के आदेश के रूप में चित्रित किया है। इस संबंध में यह अधिकारी मार्च 2017 को उस बैठक मैं मौजूद भी रहा, जिसमें व्यापारियों ने ईरानी अर्थव्यवस्था को तोड़ने की कोशिश करने की योजना बनाई थी। बाद में असीरी को भी निकाल दिया गया।
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इस बीच, अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हीथर नोर्ट ने एक बयान में कहा, विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने जोर देकर कहा है कि अमेरिका जमाल खशोगी की हत्या में शामिल सभी लोगों को जवाबदेह ठहराएगा और सऊदी अरब को भी ऐसा ही करना चाहिए। शीर्ष अमेरिकी राजनयिक ने पहले कहा था कि खशोगी की हत्या अंतरराष्ट्रीय कानून के मानदंडों का उल्लंघन करती है और अमेरिका इसमें संलिप्त लोगों पर प्रतिबंध लगाने के बारे में विचार कर रहा है।
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तुर्की के पास हैं पर्याप्त सबूत
इस घटना के बाद पहले दिन से तुर्की के राष्ट्रपति रिसेप तैय्यप अर्दोआन का दावा रहा है कि हत्याकांड को अंजाम देने के लिए सऊदी से 15 सदस्यों की एक टीम 2 अक्तूबर को ही इस्तांबुल आई थी। अर्दोआन का दावा है कि तुर्की सुरक्षा सेवा के पास इसके पर्याप्त सबूत भी हैं। तुर्की के अडिग रहने के कारण अंतत: 20 अक्तूबर को सऊदी अरब को कबूल करना पड़ा कि पत्रकार की हत्या की गई है।