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हेडली के लिए 30-35 साल कैद की मांग
बीबीसी हिंदी
Updated Wed, 23 Jan 2013 01:52 PM IST
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मुंबई पर हुए चरमपंथी हमले और अन्य मामलों में अमेरिका ने चरमपंथी डेविड हेडली को 30-35 साल कैद की सजा देने की मांग की है।
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मामले से जुड़े एटॉर्नी गैरी शैपिरो का कहना है कि सरकार की ओर से कोर्ट में 20 पन्नों की एक रिपोर्ट दाखिल की गई है जिसमें सजा की मांग की गई है।
एटॉर्नी का कहना है कि सरकार ने हेडली के लिए 30 से 35 साल कैद की सजा मांगी है जो हेडली के जुर्म और फिर जांच में सहयोग के हिसाब से निष्पक्ष और संतुलित मांग है। अमेरिकी सरकार का कहना है कि दिल दहलाने वाले चरमपंथी हमले की योजना में हेडली ने अहम भूमिका अदा की थी।
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प्रत्यर्पण से इनकार
अमेरिकी सरकार ने अपनी रिपोर्ट में इस तथ्य पर भी ध्यान दिया है कि मुंबई हमले में लगभग 164 लोगों की मौत में हेडली की भारत से जुटाई गई जरूरी जानकारियों ने बड़ी मदद पहुंचाई।
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अमेरिकी अटॉर्नी का कहना है कि नवंबर 2008 में मुंबई हमले के बाद हेडली डेनमार्क गया जहां उसकी एक और चरमपंथी हमले की योजना थी। अटॉर्नी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि हेडली ने लश्कर के साथ कई वर्ष तक काम किया और अल कायदा के लिए सदस्य भी बनाए।
उनका ये भी कहना है कि हेडली के लिए इस मामले में उम्रकैद की सजा सही होती लेकिन बाद में उसने जांच में सहयोग भी किया था। भारत इस मामले में हेडली को भारत के हवाले करने की मांग करता रहा है, लेकिन अमेरिका ने इससे एक बार फिर इनकार किया है।