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अंधेरे में 'ब्वॉयफ्रेंड' बनकर बनाया यौन संबंध बलात्कार नहीं?

Sat, 05 Jan 2013 02:53 PM IST
बीबीसी हिंदी
बीबीसी हिंदी Updated Sat, 05 Jan 2013 02:53 PM IST
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us rape case loophole prompts uproar

अमेरिका में कैलिफोर्निया के कानून निर्माताओं ने कानून के उस प्रावधान को खत्म करने का संकल्प लिया है जिस कारण बलात्कार के एक अभियुक्त की सजा पलट दी गई क्योंकि उसकी शिकार महिला शादीशुदा नहीं थी।

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राज्य में एक कानूनी प्रावधान है कि अगर कोई यौन संबंध बनाने के लिए ये दिखाकर सहमति ले लेता है कि वो दरअसल कोई और व्यक्ति है तो उसके खिलाफ बलात्कार का मुकदमा तभी कायम हो सकता है जब उसने पीड़िता के पति के रूप में ये कृत्य किया हो।
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हुआ ये कि जुलियो मोराल्स नाम के एक शख्स को एक अविवाहित महिला के ब्वॉयफ्रेंड के रूप में पहले बलात्कार का दोषी ठहरा दिया गया। कैलिफोर्निया के चार साल पुराने इस मामले में मोराल्स एक कमरे में गए और 18 साल की एक महिला के साथ यौन संबंध कायम किया।
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हुआ यूं कि महिला के साथ उनका ब्वॉयफ्रेंड सो रहा था और उसके जाने के बाद मोराल्स वहां पहुंचे और उन्होंने उसके साथ शारीरिक संबंध कायम किया। महिला को इस बात का पता तब चला जब कमरे में बाहर से रोशनी आई और उसने मोराल्स का चेहरा देखा।

बचाव का तर्क
बचाव पक्ष के वकीलों का तर्क है कि मोराल्स को लगा कि यौन संबंध महिला की सहमति से कायम हुआ है क्योंकि महिला ने उनके चुंबन और प्रेम स्पर्श में सहयोग किया था। बहरहाल, मोराल्स को बलात्कार के आरोप में तीन साल की सज़ा सुना दी गई। बुधवार को कैलिफोर्निया की अपील अदालत ने न चाहते हुए ये फैसला दिया कि मोराल्स बलात्कार के दोषी नहीं हैं क्योंकि वो महिला के ब्वॉयफ्रेंड के रूप में यौन संबंध बना रहे थे न कि पति के रूप में।

कानून में छेद
1872 के एक कानून के मुताबिक अगर पति के रूप में छद्म रूप से अगर किसी महिला के साथ यौन संबंध बनाता है तो ये अपराध है लेकिन यही काम अगर उसके ब्वॉयफ्रेंड के रूप में किया जाता है तो ये अपराध नहीं है। जज थॉमस विलहाइट ने अदालती आदेश में लिखा कि क्या उस व्यक्ति ने बलात्कार किया था? क्योंकि कानून में ऐतिहासिक गड़बड़ी और बलात्कार की वैधानिक परिभाषा के अनुसार इसका उत्तर है 'नहीं'। अगर पीड़ित महिला विवाहित होती और छद्म रूप से उसके पति के रूप में यौन संबंध क़ायम किया गया होता तो उत्तर होता 'हां'।

इदाहो का उदाहरण
अमेरिका के इदाहो राज्य में ऐसे ही एक क़ानून की वजह से एक अविवाहित महिला तीन साल पहले बलात्कार का मुकदमा दाखिल नहीं कर सकी थी क्योंकि उसके तत्कालीन ब्वॉयफ्रेंड ने छद्म रूप से एक अपरिचित व्यक्ति के साथ उसका यौन संबंध करवा दिया था। उसके बाद इदाहो के क़ानून में संशोधन कर 2011 में सभी महिलाओं को इसके दायरे में लाया गया था।


कैलिफोर्निया की अटॉर्नी जनरल कमला हैरिस ने वादा किया है कि कि वो राजनेताओं के साथ मिलकर राज्य के क़ानून में बदलाव करवाएंगी। राज्य विधानसभा अध्यक्ष कात्चो अचाद्जियान ने शुक्रवार को कहा कि वो क़ानून में संशोधन संबंधी बिल पेश करेंगे। कैलिफोर्निया के लोग अदालत के इस फैसले से बहुत नाराज हैं और ये महत्वपूर्ण है कि विधायक मिलकर क़ानून में संशोधन करें ताकि बलात्कार पीड़ितों को न्याय दिलाया जा सके।

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