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'पाकिस्तान पर दंडात्मक कार्रवाई करे अमेरिका'
एजेंसी/ वाशिंगटन
Updated Sat, 25 Feb 2017 06:37 AM IST
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ट्रंप और शरीफ
- फोटो : social media
पेंटागन के एक पूर्व शीर्ष अधिकारी का कहना है कि अमेरिका को पाकिस्तान के झांसे में नहीं आना चाहिए और उसके प्रभाव में आना बंद कर देना चाहिए क्योंकि पाकिस्तान ने अमेरिकी हितों को नजरअंदाज किया है। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप प्रशासन को चाहिए कि वह पाकिस्तान को गैर-नाटो सहयोगी के दर्जे से निलंबित कर दे और उसे सैन्य एवं वित्तीय सहायता देना बंद कर देना चाहिए।
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वर्ष 2009 से 2014 तक पेंटागन के वरिष्ठ सलाहकार रहे क्रिस्टोफर डी कोलेंडा ने अफगानिस्तान में पाकिस्तान की छलपूर्ण नीति पर प्रकाश डालते हुए अपने लेख में लिखा, ‘पहले कदम के रूप में ट्रंप प्रशासन पाकिस्तान से गैर-नाटो सहयोगी का दर्जा छीन लेना चाहिए और उसे सैन्य और वित्तीय सहायता देना बंद कर देना चाहिए।’
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‘हमें पाकिस्तान के प्रभाव में आना बंद कर देना चाहिए'
‘द हिल’ में प्रकाशित इस लेख में उन्होंने लिखा, ‘हमें पाकिस्तान के प्रभाव में आना बंद कर देना चाहिए। अब समय आ गया है जब अमेरिका को पाकिस्तान के साथ अपने संबंधों में गरिमा कायम करनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर अमेरिका को अधिक दंडात्मक कार्रवाई करने के लिए तैयार रहना चाहिए। इस तरह की कार्रवाई पाकिस्तान को अफगान तालिबान के खिलाफ रवैया अपनाने के लिए बाध्य नहीं करेगी।’
कोलेंडा इस समय सीएनएएस में सहायक वरिष्ठ फेलो और सेंटर फॉर ग्लोबल पॉलिसी के एक वरिष्ठ फेलो हैं। उन्होंने कहा कि यहां तक कि 1990 के दशक में अमेरिकी नेतृत्व वाली मजबूत प्रतिबंध व्यवस्था के अंतर्गत रहते हुए भी पाकिस्तान कश्मीर और अफगानिस्तान में विद्रोही गतिविधियों का समर्थन कर रहा था और वह अभी भी अपने परमाणु कार्यक्रम को आगे बड़ा रहा है।
कोलेंडा इस समय सीएनएएस में सहायक वरिष्ठ फेलो और सेंटर फॉर ग्लोबल पॉलिसी के एक वरिष्ठ फेलो हैं। उन्होंने कहा कि यहां तक कि 1990 के दशक में अमेरिकी नेतृत्व वाली मजबूत प्रतिबंध व्यवस्था के अंतर्गत रहते हुए भी पाकिस्तान कश्मीर और अफगानिस्तान में विद्रोही गतिविधियों का समर्थन कर रहा था और वह अभी भी अपने परमाणु कार्यक्रम को आगे बड़ा रहा है।