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क्या अमेरिका ड्रोन हमले बंद करेगा?

Fri, 25 Jan 2013 02:58 PM IST
बीबीसी हिंदी
बीबीसी हिंदी Updated Fri, 25 Jan 2013 02:58 PM IST
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us president barack obama challenges

दोबारा अमेरिका के राष्ट्रपति चुने जाने के बाद बराक ओबामा के सामने कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय चुनौतियां हैं। अमेरिका के नए विदेश मंत्री, रक्षा मंत्री और सीआईए निदेशक के कंधों पर काफी बड़ी जिम्मेदारी होगी कि वे एक टीम के तरह काम करें।

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इसमें दूसरे देशों के साथ मिलकर काम करना, विवादित मुद्दों पर सर्वसम्मति बनाना और ऐसे फैसले लेना शामिल है जो कानूनी रूप से वैध हों। ईरान, अफगानिस्तान, पाकिस्तान और सीरिया जैसे मुद्दों पर क्या हैं अमरीका और नए मंत्रियों की चुनौतियां आइए नजर डालते हैं।
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ईरान
ईरान पर फिलहाल अमेरिका ने प्रतिबंध लगा रखे हैं, लेकिन माना जा रहा है कि इनसे ईरान की सोच और नीति पर खास फर्क नहीं पड़ने वाला। इतिहास इसी बात की गवाही देता है कि वर्तमान नीति मुश्किल राह पर चलने वाली नीति है और इसमें समय लगेगा।
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नए सीआईए निदेशक का काम होगा ईरान के असल इरादों और परमाणु कार्यक्रम में प्रगित के बारे में पता लगाना। जबकि नए विदेशी मंत्री को ये देखना होगा कि सैन्य कार्रवाई से बचने के लिए प्यार्त कूटनीतिक कदम उठाए जाएं। लेकिन ये भी सच है कि ईरान में जून में होने वाले चुनाव से पहले कुछ भी संभव नहीं हो पाएगा।

अफगानिस्तान
अमेरिका के नए रक्षा मंत्री का मुख्य काम होगा कि अफगानिस्तान में युद्ध के अंत के बाद चीजों को कैसे संभाला जाए। अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद वहां बचे सैन्य मिशन की रूप रेखा क्या होनी चाहिए ये भी तय करना होगा।

वहीं अफगानिस्तान की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक प्रगति पर भी नजर रखनी होगी। लेकिन इसके लिए कटूनयिकों को अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करनी होगी। खासकर लीबिया में अमेरिकी दूतावास पर हमले के बाद।

अफगानिस्तान, पाकिस्तान और तालिबान के बीच बातचीत का नतीजा इस बात पर निर्भर करेगा कि अमेरिका कबाइली इलाकों में ड्रोन हमले जारी रखता है या नहीं। इस बात पर भी अमेरिका को फैसला लेना होगा कि 2014 के बाद अफगानिस्तान में ड्रोन हमलों का रूप क्या होना चाहिए।

सीरिया
सीरिया में सैन्य हस्तक्षेप करने का अभी अमेरिका में माहौल नहीं है। अमेरिकी नीति यही रही है कि वो राष्ट्रपति असद के जाने के सत्ता से जाने का इंतजार कर रहा है।

अमेरिका ने हाल ही में सीरियाई विपक्ष को सीरियाई लोगों के प्रतिनिधि के रूप में स्वीकार किया है। कुछ समय पहले ऐसी (अपुष्ट) खबरें आई थीं कि सीरिया ने रासायनिक हथियारों से हमला किया है। लेकिन अमेरिका को ये स्पष्ट करना होगा कि अगर असद ऐसा करते हैं तो वो उचित कदम उठाएगा।


बजट
आर्थिक संकट के दौर में अमेरिकी बजट में होने वाली कटौती पर सबकी नजर रहेगी। अगर बजट में कटौती होती है तो नए मंत्रियों की टीम को स्पष्ट करना कि इसका सामरिक मामलों पर क्या असर होगा।

(पीजे क्राउली, पूर्व उप विदेश मंत्री के लेख के अंश)


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