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'यमन छोड़ दें अमेरिकी नागरिक'
Updated Tue, 06 Aug 2013 08:51 PM IST
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अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने अपने नागरिकों और उन सरकारी कर्मचारियों से यमन छोड़ने देने को कहा है जिनकी वहां तत्काल जरूरत नहीं है।
ये बयान ऐसे समय में आया है जब रविवार को अमेरिका ने मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका में अपने 20 से ज्यादा दूतावास बंद रखे।
अमेरिकी मीडिया का कहना है कि अल कायदा के नेता अयमान अल ज़वाहिरी समेत दो बड़े चरमपंथी नेताओं के कुछ संदेश पकड़े जाने के बाद दूतावासों को हमले की आंशका के मद्देनजर बंद रखा गया।
इससे पहले अमेरिका ने कहा कि उसने उत्तरी अफ्रीका और मध्य पूर्व में दूतावासों को 'एहतियात के तौर पर' बंद किया है।
साज़िश'
यमन की राजधानी सना में बीबीसी के संवाददाता अब्दुल्लाह ग़ोराब का कहना है कि वहां अप्रत्याशित सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं। सैकड़ों बख्तरबंद गाड़ियों को राष्ट्रपति निवास, महत्वपूर्ण इमारतों और विदेशी दूतावासों की सुरक्षा के लिए लगाया जा रहा है।
बीबीसी संवाददाता के अनुसार एक सूत्र ने पुष्टि की है कि यमनी खुफिया सेवाओं को पता चला है कि अल कायदा के कई सदस्य पिछले कुछ दिनों के दौरान सना पहुंचे हैं और वो एक बड़ी साज़िश को अमली जामा पहनाने में लगे हैं।
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सूत्र ने इस साज़िश को खतरनाक बताया है और कहा है कि यमन में विदेशी राजदूतों और दूतावासों को आत्मघाती हमलों के ज़रिए निशाना बनाया जा सकता है।
इनके अलावा यमनी सैन्य मुख्यालयों को भी निशाना बनाया जा सकता है।
यात्रा अलर्ट
व्हाइट हाउस और अमेरिकी विदेश मंत्रालय, दोनों ही कह चुके हैं कि अल कायदा की अरब प्रायद्वीप शाखा (एक्यूएपी) से खतरा है, हालांकि इस बारे में विस्तार से कुछ नहीं कहा गया है।
यमनी राजधानी सना समेत इस क्षेत्र में अमेरिका के कई राजनयिक प्रतिष्ठान शनिवार तक बंद रहेंगे।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने पिछले हफ्ते अपने नागरिकों के लिए वैश्विक यात्रा अलर्ट जारी किया था, जो इस महीने के आखिर तक मान्य है।
कई यूरोपीय देशों ने यमन में अस्थायी रूप से अपने राजनयिक मिशन बंद कर दिए हैं। ब्रिटेन ने अपने नागरिकों को यमन न जाने की सलाह दी है।
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ये बयान ऐसे समय में आया है जब रविवार को अमेरिका ने मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका में अपने 20 से ज्यादा दूतावास बंद रखे।
अमेरिकी मीडिया का कहना है कि अल कायदा के नेता अयमान अल ज़वाहिरी समेत दो बड़े चरमपंथी नेताओं के कुछ संदेश पकड़े जाने के बाद दूतावासों को हमले की आंशका के मद्देनजर बंद रखा गया।
इससे पहले अमेरिका ने कहा कि उसने उत्तरी अफ्रीका और मध्य पूर्व में दूतावासों को 'एहतियात के तौर पर' बंद किया है।
साज़िश'
यमन की राजधानी सना में बीबीसी के संवाददाता अब्दुल्लाह ग़ोराब का कहना है कि वहां अप्रत्याशित सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं। सैकड़ों बख्तरबंद गाड़ियों को राष्ट्रपति निवास, महत्वपूर्ण इमारतों और विदेशी दूतावासों की सुरक्षा के लिए लगाया जा रहा है।
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बीबीसी संवाददाता के अनुसार एक सूत्र ने पुष्टि की है कि यमनी खुफिया सेवाओं को पता चला है कि अल कायदा के कई सदस्य पिछले कुछ दिनों के दौरान सना पहुंचे हैं और वो एक बड़ी साज़िश को अमली जामा पहनाने में लगे हैं।
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सूत्र ने इस साज़िश को खतरनाक बताया है और कहा है कि यमन में विदेशी राजदूतों और दूतावासों को आत्मघाती हमलों के ज़रिए निशाना बनाया जा सकता है।
इनके अलावा यमनी सैन्य मुख्यालयों को भी निशाना बनाया जा सकता है।
यात्रा अलर्ट
व्हाइट हाउस और अमेरिकी विदेश मंत्रालय, दोनों ही कह चुके हैं कि अल कायदा की अरब प्रायद्वीप शाखा (एक्यूएपी) से खतरा है, हालांकि इस बारे में विस्तार से कुछ नहीं कहा गया है।
यमनी राजधानी सना समेत इस क्षेत्र में अमेरिका के कई राजनयिक प्रतिष्ठान शनिवार तक बंद रहेंगे।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने पिछले हफ्ते अपने नागरिकों के लिए वैश्विक यात्रा अलर्ट जारी किया था, जो इस महीने के आखिर तक मान्य है।
कई यूरोपीय देशों ने यमन में अस्थायी रूप से अपने राजनयिक मिशन बंद कर दिए हैं। ब्रिटेन ने अपने नागरिकों को यमन न जाने की सलाह दी है।