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वीजा घोटाले में फंसे भारतीय छात्रों को अपराध का पता था : अमेरिका

Wed, 06 Feb 2019 05:48 AM IST
संदीप भट्ट वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: संदीप भट्ट Updated Wed, 06 Feb 2019 05:48 AM IST
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US Ministry of External Affairs replies after 129 students objection
Fake University

अमेरिका में बने रहने के लिए एक फर्जी विश्वविद्यालय में दाखिला लेने के मामले में गिरफ्तार किए 129 भारतीयों समेत सभी 130 विदेशी छात्रों को पता था कि वे अमेरिका में अवैध रूप से रहने के लिए धोखाधड़ी का अपराध कर रहे हैं। भारतीय छात्रों को हिरासत में लिए जाने पर नई दिल्ली में अमेरिकी दूतावास को ‘डिमार्शे’ जारी करने के कुछ दिनों बाद अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने यह बयान दिया है। 

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भारत द्वारा डिमार्शे (कार्रवाई पत्र) जारी कर 129 भारतीय छात्रों की गिरफ्तारी पर आपत्ति जताने के बाद अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने यह प्रतिक्रिया दी है। अधिकारियों ने बताया कि छात्रों ने जानबूझकर फर्जी फारमिंगटन यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया जिसे अमेरिकी गृह विभाग ने ‘पे एंड स्टे’ वीजा गिरोह का भंडाफोड़ करने के लिए ग्रेटर डेट्रॉइट क्षेत्र में जीएचएस की जांच इकाई ने स्थापित किया था। मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, ‘सभी छात्रों को यह अच्छे से मालूम था कि फारमिंगटन यूनिवर्सिटी में न तो कोई पढ़ाने वाला है और न ही यहां कक्षाएं लगती हैं। यही नहीं, वहां ऑनलाइन अध्यापन सुविधा भी नहीं है यह छात्र जानते थे।’
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प्रवक्ता के मुताबिक इन छात्रों ने जानबूझकर अमेरिका में रहने के लिए यह अपराध किया। भारत ने गिरफ्तार छात्रों के लिए राजनयिक पहुंच की मांग भी की थी। भारतीय विदेश मंत्रालय ने गिरफ्तार छात्रों से संपर्क के लिए जरूरी फोन नं. मुहैया कराया बल्कि इस मामले पर अमेरिका से नियमित अपडेट देने की मांग भी की थी।
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वकील ने कहा, ‘यह सब साजिश है’

130 छात्रों को फर्जी विवि में दाखिला दिलाने की साजिश के आरोप में गिरफ्तार किए गए आठ भारतीयों को मिशिगन की एक संघीय अदालत में पेश किया गया जहां उन्होंने खुद को निर्दोष बताया। इनमें फनीदीप करनाती, भरत काकीरेड्डी, सुरेश कंडाला, प्रेम रामपीसा, संतोष समा, अविनाश थक्कलपल्ली, अश्वन्थ नूने और नवीन प्रतिपती शामिल हैं। करनाती के वकील जॉन डब्ल्यू ब्रूस्टार ने आरोप लगाया कि संघीय सरकार इस तरह के अभियान चलाकर लोगों को फंसा रही है। उन्होंने कहा, ‘यह सब साजिश है।’ ब्रूस्टार ने बताया करनाती के पास एच-1बी वीजा है और वह करीब पिछले 10 सालों से अमेरिका में आईटी इंजीनियर हैं।

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