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अमेरिकी सांसदों ने किया एच-1 बी वीजा में बदलाव का विरोध
एजेंसी, वाशिंगटन
Updated Sat, 06 Jan 2018 06:53 AM IST
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कई अमेरिकी सांसदों और संगठनों ने ट्रंप प्रशासन के उस प्रस्ताव की आलोचना की है, जिसमें एच-1बी वीजा का एक्सटेंशन यानी विस्तार रोकने की बात कही गई है। सांसदों का कहना है कि इससे प्रतिभाशाली लोग अमेरिका से चले जाएंगे। वीजा नियम कठोर होने से पांच साल से 7.5 लाख भारतीयों को अमेरिका छोड़कर स्वदेश लौटना पड़ सकता है। कहा जा रहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बाय अमेरिकी, हायर अमेरिकी नीति को बढ़ावा देने के लिए डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी ने यह ड्राफ्ट तैयार कर लिया है।
प्रभावशाली डेमोक्रेट सांसद तुलसी गबार्ड ने कहा कि वीजा नियम कठोर होने से परिवार बिखर जाएंगे। प्रतिभाशाली लोग हमारे समाज से चले जाएंगे और अमेरिकी के महत्वपूर्ण सहयोगी देश भारत से रिश्ते खराब होंगे। लाखों भारतीयों को देश छोड़ना पड़ेगा, जिनमें से कई छोटे बिजनेस के मालिक हैं और नौकरियां पैदा कर रहे हैं। इन लोगों से अमेरिकी अर्थव्यवस्था को ताकत मिलती है।
पढ़ें- धार्मिक आजादी के नाम पर 'मनमानी' करने वाले देशों की US ने बनाई लिस्ट, पाक भी शामिल
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भारतीय अमेरिकी सांसद राजा कृष्णामूर्ति और रो खन्ना का कहना है कि यह प्रस्ताव प्रवासी विरोध है। हमारे माता-पिता समेत सुंदर पिचाई, एलेन मस्क, सत्य नडेला भी यूं ही अमेरिका आए थे और आज ट्रंप कह रहे हैं कि प्रवासी व उनके बच्चों की अमेरिका में कोई जगह नहीं है। इमिग्रेशन वायर और हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन जैसे संगठनों ने भी ट्रंप प्रशासन के इस फैसले का विरोध किया है।
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प्रभावशाली डेमोक्रेट सांसद तुलसी गबार्ड ने कहा कि वीजा नियम कठोर होने से परिवार बिखर जाएंगे। प्रतिभाशाली लोग हमारे समाज से चले जाएंगे और अमेरिकी के महत्वपूर्ण सहयोगी देश भारत से रिश्ते खराब होंगे। लाखों भारतीयों को देश छोड़ना पड़ेगा, जिनमें से कई छोटे बिजनेस के मालिक हैं और नौकरियां पैदा कर रहे हैं। इन लोगों से अमेरिकी अर्थव्यवस्था को ताकत मिलती है।
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