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'एच-1 बी वीजा नियमों में बदलाव से कमजोर होगी अमेरिकी अर्थव्यवस्था'

Sat, 25 Aug 2018 05:57 AM IST
एजेंसी, न्यूयार्क
एजेंसी, न्यूयार्क Updated Sat, 25 Aug 2018 05:57 AM IST
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US economy will weaken by changes in h1b visa rules

अमेरिका की शीर्ष कंपनियों के सीईओ ने चेताया है कि ट्रंप प्रशासन की ओर से एच-1बी वीजा नियमों में किए जा रहे बदलाव से अमेरिका की अर्थव्यवस्था को नुकसान होगा। बिजनेस राउंड टेबल संस्था ने होमलैंड सुरक्षा विभाग के सचिव क्रिस्टन नीलसन को पत्र लिखकर कहा है कि ट्रंप प्रशासन द्वारा एच-1 बी वीजा नियमों में बदलाव से कामगारों की संख्या में कमी आएगी। इसका देश की आर्थिक वृद्धि पर बुरा असर पड़ेगा। 

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पत्र पर एप्पल के सीईओ टिम कुक, जेपी मोर्गन के सीईओ जेमी डिमॉन, कोका कोला के जेम्स क्वीनी और आईबीएम के गिनी रोमेटी समेत 59 शीर्ष कंपनियों के सीईओ ने हस्ताक्षर किए हैं। आव्रजन नीति में बदलाव के कारण अमेरिका में एच-1 बी वीजा पर काम करने वाले पांच लाख भारतीय अपने भविष्य को लेकर आशंकाओं में घिर गए हैं। 
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वाशिंगटन की संस्था बिजनेस राउंड टेबल से अमेरिका की ज्यादातर कंपनियों के शीर्ष अधिकारी जुड़े हैं। संस्था ने कहा कि अगर सरकार बिना स्पष्टीकरण के कामगारों को तत्काल देश छोड़ने के लिए मजबूर करती है तो इनमें कई लोग बिना नोटिस के किसी भी समय अपने परिवारों के साथ दूसरे देश में जाकर बस जाएंगे। कामगारों की कमी के चलते नौकरियों में रिक्तियों की संख्या ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच रही है। लिहाजा यह समय कुशल कर्मचारियों की पहुंच को सीमित करने के लिए उपयुक्त नहीं है। 
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अनिश्चितता के कारण कर्मचारियों में बढ़ गई है बेचैनी

पत्र में लिखा है कि फिलहाल सरकार आव्रजन नियमों की समीक्षा कर रही है। पेप्सिको की चेयरमैन व सीईओ इंद्रा नूई, मास्टरकार्ड के अध्यक्ष व सीईओ अजय बंगा और सिस्को सिस्टम्स के चेयरमैन व सीईओ चक रोबिंस ने पत्र में कहा है कि आव्रजन नीति में अनिश्चितता के कारण कर्मचारियों में बेचैनी है। हम चाहते हैं कि सरकार एच-1 बी वीजा नियमों में बदलाव करने से बचे ताकि यहां रह रहे कामगारों को परेशानी नहीं हो। 


ट्रंप ने कहा था, अमेरिकी नागरिकों को देंगे प्राथमिकता

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कार्यकाल संभालते ही साफ कर दिया था कि उनका प्रशासन नौकरियों में अमेरिकी नागरिकों को प्राथमिकता देगा। ट्रंप के फैसले से पांच लाख भारतीयों को झटका लगा था, जो एच-1 बी वीजा पर वहां काम कर रहे हैं। एच-1 बी वीजा के तहत ही अमेरिकी कंपनियां विशेषज्ञता श्रेणी में किसी विदेशी कामगारों को वीजा देती हैं।  

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