{"_id":"c4ae6b2e-fe39-11e1-a185-d4ae52ba91ad","slug":"us-dispatches-troops-to-libya","type":"story","status":"publish","title_hn":"यमन में भी हिंसा, अमेरिका ने लीबिया दो युद्धपोत भेजे","category":{"title":"America","title_hn":"अमेरिका","slug":"america"}}
यमन में भी हिंसा, अमेरिका ने लीबिया दो युद्धपोत भेजे
वाशिंगटन/एजेंसी
Updated Fri, 14 Sep 2012 12:29 PM IST
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यहूदी फिल्मकार की कथित पैगंबर मोहम्मद साहब विरोधी फिल्म को लेकर भड़की हिंसा की आग अब लीबिया के बाद यमन पहुंच गई है। यमन में अमेरिकी दूतावास पर प्रदर्शनकारियों ने हमला कर दिया है। प्रदर्शनकारियों ने दूतावास में जमकर तोड़फोड़ की और उत्पात मचाया।
इधर लीबिया में गुस्साए सैकड़ों लोगों के हमले में अमेरिकी राजदूत जे. क्रिस्टोफर स्टीवेंस और तीन अन्य राजनयिकों की मौत के बाद अमेरिकी प्रशासन बेहद सतर्क हो गया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अमेरिका ने लीबिया दो युद्धपोत भेजे हैं।
पेंटागन अधिकारियों के मुताबिक 'यूएसएस लेबून' नामक विध्वंसक युद्धपोत बुधवार को ही लीबिया रवाना हो गया। वहीं 'यूएसएस मैकफॉल' जल्द ही लीबिया की ओर रवाना होने वाला है। अब अमेरिका इस बात का पता लगा रहा है कि आखिर यह हिंसा किस तरह भड़क उठी? कहीं वह सुनियोजित नहीं तो नहीं थी? इस मामले में ओबामा प्रशासन ने लीबिया सरकार को स्पष्टीकरण देने को कहा है।
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उल्लेखनीय है कि अमेरिका के एक यहूदी फिल्मकार की कथित पैगंबर मोहम्मद साहब विरोधी फिल्म को लेकर लीबिया में बवाल के बाद दुनिया भर में अमेरिकी मिशनों की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। भारत में भी अमेरिकी दूतावासों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
राजनायिकों की हत्या के बाद अलग-अलग बयान आ रहे हैं। लीबिया के उप-गृहमंत्री वनीस अल-शरीफ ने इसे गद्दाफी समर्थकों की करतूत बताते हुए कहा है कि रॉकेट लांचर से दागे गए ग्रेनेड से हत्या की गई। अल-जजीरा की वेबसाइट के मुताबिक भीड़ द्वारा इमारत में आग लगाने से हुए धुएं में स्टीवेंस का दम घुट गया।
कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि राजदूत अपने गार्डों के साथ कार से भागने का प्रयास कर रहे थे कि कार पर गोलियां बरसाई गईं। जिसमें वे मारे गए।
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इधर लीबिया में गुस्साए सैकड़ों लोगों के हमले में अमेरिकी राजदूत जे. क्रिस्टोफर स्टीवेंस और तीन अन्य राजनयिकों की मौत के बाद अमेरिकी प्रशासन बेहद सतर्क हो गया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अमेरिका ने लीबिया दो युद्धपोत भेजे हैं।
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पेंटागन अधिकारियों के मुताबिक 'यूएसएस लेबून' नामक विध्वंसक युद्धपोत बुधवार को ही लीबिया रवाना हो गया। वहीं 'यूएसएस मैकफॉल' जल्द ही लीबिया की ओर रवाना होने वाला है। अब अमेरिका इस बात का पता लगा रहा है कि आखिर यह हिंसा किस तरह भड़क उठी? कहीं वह सुनियोजित नहीं तो नहीं थी? इस मामले में ओबामा प्रशासन ने लीबिया सरकार को स्पष्टीकरण देने को कहा है।
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उल्लेखनीय है कि अमेरिका के एक यहूदी फिल्मकार की कथित पैगंबर मोहम्मद साहब विरोधी फिल्म को लेकर लीबिया में बवाल के बाद दुनिया भर में अमेरिकी मिशनों की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। भारत में भी अमेरिकी दूतावासों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
राजनायिकों की हत्या के बाद अलग-अलग बयान आ रहे हैं। लीबिया के उप-गृहमंत्री वनीस अल-शरीफ ने इसे गद्दाफी समर्थकों की करतूत बताते हुए कहा है कि रॉकेट लांचर से दागे गए ग्रेनेड से हत्या की गई। अल-जजीरा की वेबसाइट के मुताबिक भीड़ द्वारा इमारत में आग लगाने से हुए धुएं में स्टीवेंस का दम घुट गया।
कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि राजदूत अपने गार्डों के साथ कार से भागने का प्रयास कर रहे थे कि कार पर गोलियां बरसाई गईं। जिसमें वे मारे गए।