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अमरीकी ने की थी पाकिस्तानी परमाणु, अंतरिक्ष एजेंसियों की मदद, हो सकती है 20 साल की सजा

Mon, 05 Jun 2017 10:21 PM IST
amarujala.com- Presented by: श्रवण शुक्ला
amarujala.com- Presented by: श्रवण शुक्ला Updated Mon, 05 Jun 2017 10:21 PM IST
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US businessman admits making illegal exports to Pakistani atomic, space agencies
अमरीकी ने की थी पाकिस्तानी परमाणु, अंतरिक्ष एजेंसियों की मदद, हो सकती है 20 साल की सजा - फोटो : AFP
एक अमेरिकी कारोबारी ने पाकिस्तान की परमाणु और अंतरिक्ष एजेंसियों को कुछ ऐसे सामानों की सप्लाई की थी, जो अवैध थे। इन चीजों की सप्लाई बिना
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लाइसेंस के नहीं की जा सकती थी, और उनकी सप्लाई पर भी रोक है। इसके बावजूद अमेरिकी कारोबारी ने पाकिस्तानी परमाणु, अंतरिक्ष एजेंसियों की थी। जांच के बाद
आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है, जिसके लिए उसे 20 सालों तक की सजा हो सकती है।

इस अमेरिकी कारोबारी का नाम इमरान खान है। इमरान ने कबूला कि उसने अमरीकी संघीय कानूनों का उल्लंघन करते हुए पाकिस्तानी परमाणु एवं अंतरिक्ष एजेंसियों को
बिना लाइसेंस के सामानों का निर्यात किया था। इमरान खान ने गत दो जून को हार्टफोर्ड संघीय अदालत में अमरीकी निर्यात कानून का उल्लंघन करने का अपना अपराध
कबूल कर लिया।

अदालत में पेश किए गए दस्तावेजों एवं बयानों के अनुसार कम से कम 2012 से दिसंबर, 2016 के बीच खान और दूसरे लोग ऐसे सामानों की खरीद की
एक योजना और बिना लाइसेंस के इन सामानों का पाकिस्तान निर्यात करने में संलिप्त थे। इमरान अमेरिका के कनेक्टीकट के नॉर्थ हेवेन का निवासी है। खान को इस साल

अगस्त में सजा सुनाई जाएगी, उसे 20 साल तक की जेल की सजा मिल सकती है। 

डिस्ट्रिक्ट ऑफ कनेक्टीकट की अमरीकी अटॉर्नी डियेरड्रे डाली ने कहा कि ये सामान निर्यात प्रशासन विनियम (ईएआर)के तहत नियंत्रित हैं। खान ब्रश लॉक टूल्स या कौसर
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इंटरप्राइजेज-यूएसए कंपनी के तहत कारोबार करता था। 

न्याय विभाग ने एक बयान में कहा कि ये सामान पाकिस्तान परमाणु ऊर्जा आयोग, पाकिस्तान अंतरिक्ष एवं ऊपरी वायुमंडल अनुसंधान आयोग या नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ
लेजर्स एवं ऑपट्रॉनिक्स के पास पहुंचाने के लिए पाकिस्तान भेजे गए।

रक्षा अपराध अनुसंधान सेवा(डीसीआईएस)के नॉथईस्ट फील्ड कार्यालय के विशेष प्रभारी एजेंट ले एलिस्टेर बार्जे ने कहा कि इन प्रतिबंधित निकायों को संवेदनशील
तकनीक के अवैध निर्यात से अमरीका के राष्ट्रीय हितों पर गंभीर खतरा पैदा होता है। जोकि किसी भी तरह से स्वीकार्य नहीं हैं।
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