चीन को सीधी चुनौती: अमेरिका ने साउथ चाइना सी में उतारा जंगी जहाज
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साउथ चाइना सी को लेकर अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते तनाव की वजह से जंग के हालात तक पैदा हो सकते हैं। तनाव की स्थिति इस वजह से बढ़ी है क्योंकि अमेरिका ने साउथ चाइना सी में पेट्रोलिंग के लिए करियर एयरक्राफ्ट शिप्स का एक बेड़ा भेजा है।
इस बेड़े USS कार्ल विन्सन समेत मिसाइल डेस्ट्रॉयर यूएसएस वेन ई मेयर और कैरियर एयर विंग-2 भी शामिल हैं। कैरियर एयर विंग-2 में कॉम्बैट हैलिकॉप्टर स्क्वॉड्रन, ब्लू हॉक्स हैलिकॉप्टर्स और बाउंटी हंटर्स जैसे स्ट्राइक फाइटर्स हैं।
स्ट्राइक ग्रुप के कमांडर किल्बी ने कहा है कि हमने पैसिफिक ओशन में लंबे वक्त तक ट्रेनिंग की है जिसका हमें फायदा मिलेगा। नेवी न्यूज सर्विस के मुताबिक किल्बी ने साफ किया है कि हम अपनी क्षमता दिखाने के लिए पूरी तरह से तैयार है। इंडो-एशिया-पैशिफिक देश भी हमारा साथ देंगे।
ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद अमेरिका हुआ मामले पर तल्ख
अमेरिका ने ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद से साउथ चाइना सी के मामले पर तल्ख रवैया अपनाया हुआ है। व्हाइट हाउस की तरफ से पिछले दिनों कहा गया था कि साउथ चाइना सी पर पूरी दुनिया का हक है। वो अंतरराष्ट्रीय वॉटर का हिस्सा है चाइना का नहीं।
वहीं पिछले दिनों इस मामले पर चीन अमेरिका को चेतावनी देते हुए साफ कर दिया था कि साउथ चाइना सी में अमेरिका तो पार्टी है ही नहीं। ऐसे में उसे इस मामले से दूर रहना चाहिए। चीन ने यहां तक कह दिया था कि साउथ चाइना सी पर उसका निर्विवाद अधिकार है, और वो उसकी सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्ध है। चीन को इस एरिया में कहीं भी आने--जाने की पूरी आजादी है।
वहीं विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर अमेरिका साउथ चाइना सी में चीन के आने जाने पर रोक-टोक करता है तो इससे दोनों देशों के बीच जंग के हालात पैदा होंगे।
ऐसा क्या है साउथ चाइन सी में जिसके लिए बढ़ रहा तनाव
साउथ चाइना सी का लगभग 35 लाख स्क्वैयर किलोमीटर का हिस्सा विवादित है। इस पर चीन, फिलिफीं, वियतनाम, ताइवान, मलेशिया और ब्रुनेई जैसे देश दावा करते रहे हैं। माना जाता है कि साउथ चाइना सी के भीरत तेल और गैस के बड़े भंडार दबे हुए हैं।
अमेरिका के मुताबिक 213 अरब बैरल तेल और 900 ट्रिलियन क्यूबिक फीट नेचुरल गैस का भंडार मौजूद है। इस समुद्री रास्ते के जरिए हर साल 7 ट्रिलियन डॉलर का का व्यापार होता है। चीन ने 2013 में यहां बड़े प्रोजेक्ट की मदद से पानी में डूबे एरिया को आर्टिफिशियल आइलैंड मं बदल दिया।
चीन, साउथ चाइना सी के एक बड़े हिस्से पर अपना अधिकार जताता रहा है। वहीं दोनों ही देश इस हिस्से में एक-दूसरे पर सैन्यीकरण का आरोप कई बार लगाते रहे हैं।