येरुशलम में अमेरिकी दूतावास की शिफ्टिंग शुरू, अलकायदा ने की जिहाद की अपील
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लगातार कई विरोध के बावजूद अमेरिका ने इस्राइल में अपना दूतावास तेल अवीव से येरुशलम स्थानांतरित करने पर अमल शुरू कर दिया। इस मौके पर येरुशलम में अमेरिकी दूतावास का उद्घाटन समारोह आयोजित गया। ट्रंप की बेटी इवांका और दामाद जेरेड कुशनर भी उद्घाटन समारोह में शामिल हुए।
इस बीच, फलस्तीन की गाजा सीमा पर जबरदस्त तनाव के बीच अलकायदा प्रमुख अल-जवाहिरी ने अमेरिका के इस्राइल दूतावास को येरुशलम स्थानांतरित करने पर मुस्लिमों से अपील की कि वे अमेरिका के खिलाफ जिहाद शुरू करें। जवाहिरी ने फलस्तीन की वार्ता करने की नीति को भी असफल करार दिया।
हालांकि दूतावास के उद्घाटन समारोह में खुद डोनाल्ड ट्रंप मौजूद नहीं रहेंगे। लेकिन इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने अन्य देशों से भी उनके दूतावास तेल अवीव से येरुशलम शिफ्ट करने का आग्रह किया है। ट्रंप के फैसले की मध्य-पूर्वी मुस्लिम देशों व अन्य कई देशों ने आलोचना की है, क्योंकि 1967 के युद्ध में इस्राइल पर इस येरुशलम को फलस्तीन से छीनकर अपने कब्जे में लेने का आरोप है। जबकि इस्राइल इसे हमेशा से अपनी अविभाजित राजधानी मानता आया है।
इस बीच, अलकायदा प्रमुख अल-जवाहिरी ने पांच मिनट का एक वीडियो जारी करते हुए फलस्तीनी शासन को देश बेचने वाला बताया और समर्थकों से हथियार उठाने की अपील की। अपने वीडियो में उसने तेल अवीव को भी मुस्लिमों की जमीन बताया। उसने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने धर्मयुद्ध के आधुनिक चेहरे को उजागर किया है। जवाहिरी ने कहा कि इस्लामी देश मुस्लिम हित में काम नहीं कर पाए हैं, क्योंकि शरीयत के बजाय उन्होंने अमेरिका व संयुक्त राष्ट्र का हाथ पकड़ लिया, जो इस्राइल को मान्यता देते हैं।
यूरोपीय संघ के कई देशों ने किया अमेरिकी फैसले का विरोध
फलस्तीन ने कहा, वह उम्मीद करता है कि इस्राइली कब्जे वाला पूर्वी येरुशलम शहर एक दिन उनकी राजधानी होगा। जबकि रामल्ला में फलस्तीनी लिबरेशन ऑर्गेनाइजेशन के नेता वासेल अबु-यूसुफ ने अरब देशों से उस देश का बहिष्कार करने की अपील की जो अपने दूतावास को येरुशलम लाए हैं। यूरोपीय संघ ने भी अमेरिका के इस कदम का विरोध किया है। यूरोप के अधिकांश देशों के राजदूतों ने उद्घाटन समारोह का बहिष्कार भी किया। हालांकि ग्वाटेमाला, पराग्वे, हंगरी, रोमानिया व चेक गणराज्य के प्रतिनिधि इस समारोह में शिरकत करने के लिए आए हैं।
अमेरिकी दूतावास के उद्घाटन से पूर्व गाजा पट्टी में तनाव, 25 लोगों की मौत
अमेरिका के इस्राइली दूतावास को तेल अवीव से येरुशलम स्थानांतरित करने के लिए सोमवार को होने वाले उद्घाटन समारोह से पहले गाजा पट्टी के सीमावर्ती प्रांत में हिंसा भड़क उठी। इस दौरान हुए संघर्ष में इस्राइली गोलीबारी में 25 फलस्तीनी मारे गए जबकि 500 से अधिक लोग घायल हो गए। मंत्रालय के मुताबिक मृतकों में एक 14 वर्षीय किशोर भी शामिल है।
येरुशलम में व्हाइट हाउस प्रतिनिधि मंडल के अलावा इस्राइली अधिकारी भी नए अमेरिकी दूतावास के उद्घाटन समारोह के लिए एकत्रित थे। इस बीच सीमा के पास हजारों लोग इकट्ठे हो गए और सीमा के पास पत्थर फेंकने लगे। फलस्तीन के प्रदर्शनकारी सीमा पर लगी बाड़ के नजदीक आ रहे थे, जबकि दूसरी तरफ इस्राइली सेना ने भी बाड़ तोड़ने की किसी भी कोशिश को नाकाम करने की पूरी तैयारी कर रखी थी। इस्राइली सेना ने कहा कि गाजा पट्टी सीमा के साथ कई जगहों पर करीब 10,000 फलस्तीनी दंगाई सुरक्षा बाड़ से करीब आधा किलोमीटर दूर तंबू में जुटे हुए थे।
इस्राइली सेना ने गाजा पट्टी पर चेतावनी भरे पर्चे गिराए जिनमें कहा गया कि यदि प्रदर्शनकारी हिंसक दंगों में शामिल हुए या बाड़ के करीब आए तो उन्हें गोली मार दी जाएगी। इस बीच प्रदर्शनों के पीछे अहम भूमिका निभा रहे इस्लामिक संगठन हमास ने अपील की कि वे तूफान की तरह बाड़ को रौंद डालें। हमास प्रमुख याहया सिनवार ने कहा कि हजारों की संख्या में ऐसी बाड़ों को तोड़ना जो सीमा है ही नहीं, इसमें क्या समस्या है। इसके बाद प्रदर्शनकारी बाड़ की तरफ बढ़ने लगे।