यूएन को लोगों का क्लब कहने वाले ट्रंप का सामना करेंगे संयुक्त राष्ट्र के महासचिव
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संयुक्त राष्ट्र के नए महासचिव एंटोनियो गुटर्स ने रविवार को पदभार ग्रहण कर लिया। उन्होंने इस मौके पर शांति की अपील जारी करते हुए कहा कि विश्व को नए साल के मौके पर विवाद सुलझाकर शांति बहाल करने की शपथ लेने को कहा।
उन्होंने कहा, हम सब मिलकर 2017 को एक ऐसा साल बनाएं जिसमें नागरिक, सरकार, नेता सभी आपसी मतभेद भुलाने के प्रयास करें। उन्होंने आगे कहा कि संघर्षों को सुलझाने में काफी मुसीबतें हैं। ऐसे में हमें शांति की कूटनीति विकसित करने की जरूरत है।
गुटर्स ने इस मौके पर जोड़ने वाला बनने का वादा किया। हालांकि उन्हें अपने कार्यकाल में अमेरिका के नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का सामना करना होगा जिन्होंने हाल ही में संयुक्त राष्ट्र की प्रासंगिकता पर सवाल उठाया था। अमेरिका संयुक्त राष्ट्र में वीटो क्षमता रखने के साथ ही इसके आम बजट का 22 प्रतिशत तथा शांति प्रयासों से संबंधित बजट का 25 प्रतिशत भुगतान करता है।
ट्रंप ने यूएन को कहा था लोगों का क्लब
हाल ही में 23 दिसंबर को इजरायल की आलोचना वाले प्रस्ताव के पक्ष में अमेरिका के वोट करने के बाद ट्रंप ने आने वाले समय में अमेरिका की नीति में बदलाव के स्पष्ट संकेत दिए थे। उन्होंने कहा था कि संयुक्त राष्ट्र के लिए 20 जनवरी के बाद चीजें बदलने वाली हैं।
20 जनवरी को ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति पद का पदभार संभालने वाले हैं। इसके तीन दिन बाद ट्रंप ने ट्वीट कर कहा था कि संयुक्त राष्ट्र में काफी संभावनाएं हैं लेकिन यह अभी लोगों का क्लब बनकर रह गया है।
रिपब्लिकन पार्टी के सदस्य तथा संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के पूर्व राजदूत जॉन बोल्टन ने एसोसिएटेड प्रेस को दिए एक साक्षात्कार में कहा था कि गुटर्स को ट्रंप प्रशासन के साथ बान की-मून की नीति अपनानी चाहिए। यदि उन्होंने कोफ ी अन्नान की तरह विश्व का सबसे बड़ा कूटनीतिज्ञ बनने की कोशिश की तो उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।