संयुक्त राष्ट्र ने ‘काबुल के कसाई’ का नाम आतंकी सूची से हटाया
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संयुक्त राष्ट्र ने अफगानिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री एवं कट्टरपंथी नेता गुलबुद्दीन हिकमतयार का नाम आतंकवादियों की सूची से हटा दिया है। इसके बाद पूर्व में भारत विरोधी रुख रखने वाले इस नेता की जब्त की गई संपत्ति और यात्रा पर लगी रोक तथा हथियार रखने पर लगा प्रतिबंध समाप्त हो गया है। इन्होंने अफगानिस्तान सरकार के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
हिकमतयार को ‘काबुल के कसाई’ के नाम से भी जाना जाता है। सुरक्षा परिषद की अलकायदा प्रतिबंध समिति ने हिकमतयार का नाम आईएस और अलकायदा प्रतिबंधित सूची से शुक्रवार को हटा दिया।
प्रतिबंध समिति ने एक बयान जारी करके कहा, ‘इसलिए संपत्ति पर रोक, यात्रा प्रतिबंध और हथियार रखने का प्रतिबंध अब हिकमतयार पर लागू नहीं होगा।’
हजारों लोगों को मारने का था आरोप
पूर्व प्रधानमंत्री हिकमतयार सोवियत विरोधी कमांडर था और साल 1992-1996 तक चले गृह युद्ध में हजारों लोगों को मारने का आरोपी है। बयान में 67 वर्षीय इस कट्टरपंथी नेता के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए कहा गया कि इसका नाम 20 फरवरी 2003 को सूची में डाला गया था और माना जाता था कि साल 2011 तक वह अफगानिस्तान और पाकिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में था।
हिज्ब-ए- इस्लामी आतंकी समूह के प्रमुख हिकमतयार ने पिछले साल सितंबर में अफगानिस्तान सरकार के साथ एक ऐतिहासिक शांति समझौते पर हस्ताक्षर किया था। हिकमतयार के कुछ सप्ताह में देश वापस लौटने की संभावना है। इस समझौते ने उसके लिए देश वापसी और राजनीतिक जीवन में आने का भी रास्ता तैयार कर दिया है।